Muslim Man Marries Hindu Daughter Sanatan Traditions: मध्य प्रदेश के राजगढ़ इंसानियत और मोहब्बत की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, राजगढ़ जिले के अब्दुल हक खान नाम के मुस्लिम शख्श ने अपनी हिंदू बेटी की शादी हिंदू रीति रिवाजों के साथ पूरे धूम-धाम से कराई है. जानें क्या है पूरा मामला?
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Madhya Pradesh Unique Wedding News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सिर्फ एक शादी की खबर नहीं, बल्कि इंसानियत, प्यार और रिश्तों की गहराई को बयां करती है. वह भी ऐसे समय में जब मुसलमानों को उनकी धार्मिक पहचान, इबादत और खान-पान को लेकर निशाना बनाया रहा है. वहीं, अब एक मुस्लिम शख्स ने मजहब से ऊपर उठकर ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसे सुनकर हर कोई तारीफ कर रहा है और इसे इंसानियत बेहतरीन मिसाल करार दे रहा है. अब्दुल हक खान और उनके परिवार ने साबित कर दिया कि असली रिश्ता खून से नहीं, बल्कि अपनापन और जिम्मेदारी से बनता है.
दरअसल, राजगढ़ के ब्यावरा इलाके में रहने वाले अब्दुल हक खान अपनी हिंदू बेटी नंदिनी सिमोलिया का कन्यादान करने जा रहे हैं. यह शादी 4 अप्रैल 2026 को ग्वालियर के रहने वाले अंश परमार के साथ जिंदाबाद हाउस, राजगढ़ में पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से होगी. इस खास मौके पर करीब 1500 से 2000 मेहमानों के लिए खाने-पीने का इंतजाम किया गया है. इस दौरान भारत की गंगा जमुनी तहजीब का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जब हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मजहब से परे होकर इकट्ठा होंगे.
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बताया जा रहा है कि नंदिनी की जिंदगी बचपन से ही संघर्षों से भरी रही. साल 2010 में एक सड़क हादसे में उनके पिता रतिराम की मौत हो गई और महज दो साल बाद यानी साल 2012 में मां फूलवती भी दुनिया छोड़ गईं. इतनी कम उम्र में माता-पिता का साया उठ जाने के बाद वह बिल्कुल अकेली पड़ गई थीं. ऐसे मुश्किल समय में अब्दुल हक खान और उनके परिवार ने नंदिनी का हाथ थामा. नंदिनी की बड़ी बहन प्रीति उर्फ आयशा ने अब्दुल हक से लव मैरिज शादी की थी.
इसके बाद नंदिनी भी अब्दुल हक के परिवार में शामिल हो गईं और फिर उन्हीं के परिवार के साथ रहने लगी. अब्दुल हक ने नंदिनी को एक साली की तरह नहीं बल्कि एक बेटी की तरह परवरिश की. उन्होंने नंदिनी को मां-बाप की कमी नहीं होने दी. उसे वह प्यार, सुरक्षा और तालीम दी, जो एक पिता अपनी बेटी को देता और करता है. इस दौरान अब्दुल हक ने नंदिनी की हर ख्वाहिश को पिता की तरह पूरा किया.
खास बात यह रही कि उन्होंने कभी भी नंदिनी पर अपने मजहब को अपनाने का दबाव नहीं डाला. न उसकी बिंदी रोकी गई, न पूजा-पाठ में कोई रुकावट आई. उसकी अकीदत का पूरा सम्मान किया गया. नंदिनी ने 12वीं तक की पढ़ाई स्थानीय स्कूल से की और आगे की पढ़ाई ग्वालियर के कॉलेज में पूरी की. इसी दौरान उनकी मुलाकात अंश परमार से हुई. नंदिनी और अंश में पहले दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई.
जब नंदिनी ने अपने रिश्ते के बारे में अब्दुल हक खान को बताया, तो उन्होंने इसमें रुकावट डालने की बजाय खुले दिल से स्वीकार किया और लव मैरिज के लिए खुशी-खुशी रजामंदी दे दी. परिवार की रजामंदी मिलने के बाद अब यह शादी हिंदू परंपरा और रीति रिवाजों के मुताबिक पंडितों के मंत्रोच्चार और अग्नि के सात फेरों के साथ पूरी होगी.
शादी से पहले नंदिनी ने जालपा माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की, जो यह दिखाता है कि परिवार ने उनकी अकीदत को हमेशा सम्मान दिया. मेहंदी, हल्दी जैसी सभी रस्में भी पूरे उत्साह के साथ निभाई जा रही हैं, जैसे हर पिता अपनी बेटी की शादी में करता है. इस शादी का कार्ड भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. इसमें दूल्हा-दुल्हन के नाम हिंदू परंपरा के मुताबिक लिखे गए हैं, जबकि नीचे परिवार और मेजबान के रूप में मुस्लिम परिवार का नाम दर्ज है.
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रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू…और पढ़ें
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