अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दी होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर चेतावनी – BBC

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करता है तो स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को 'पूरी तरह' बंद कर दिया जाएगा.
चंदन कुमार जजवाड़े, रौनक भैड़ा
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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करता है तो स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को 'पूरी तरह' बंद कर दिया जाएगा.
ईरानी मीडिया पर दिए गए बयान में आईआरजीसी ने कहा, "ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले हुए तो होर्मुज़ स्ट्रेट को तब तक नहीं खोलेंगे, जब तक हमारे तबाह हुए पावर प्लांट्स दोबारा नहीं बन जाते."
आईआरजीसी ने कहा है, "वे इसराइल में पावर प्लांट्स, ऊर्जा ठिकानों और आईटी को व्यापक रूप से निशाना बनाएंगे. ऐसी सभी कंपनियों को निशाना बनाएंगे जिनमें अमेरिकी शेयरधारक हैं."
आईआरजीसी यह भी कहा, "जिन देशों में अमेरिकी ठिकाने हैं, उनके पावर प्लांट्स भी हमारे लिए 'वैध निशाना' होंगे."
ग़ौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी, "अगर 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ नहीं खोला गया तो वो ईरान के पावर प्लांट्स को 'नष्ट' कर देंगे."
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इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के डायरेक्टर जनरल राफ़ेल ग्रॉसी ने उम्मीद जताई है कि ईरान और अमेरिका के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू हो सकती है.
राफ़ेल ग्रॉसी ने बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ से कहा, "मैंने व्हाइट हाउस में अहम बातचीत की है और ईरान से भी बात की है. कुछ संपर्क बने हैं और हमें उम्मीद है कि इस बातचीत की लाइन को फिर से शुरू कर पाएंगे."
जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी समझौते की संभावना है, तो ग्रॉसी ने कहा, "जब बातचीत होती है, तो हमेशा समझौते की संभावना रहती है."
ग्रॉसी ने कहा, "भले ही मैंने सीधे डोनाल्ड ट्रंप से बात नहीं की है, लेकिन उन्हें पता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति कूटनीति का समर्थन करते हैं."
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि सबसे कठिन समय में भी हमें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए."
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि डिएगो गार्सिया पर हुए हमले यह दिखाते हैं कि 'ईरान के पास यूरोप पर हमला करने की क्षमता है.'
नेतन्याहू दक्षिणी इसराइल के शहर अरद में थे, जहां शनिवार शाम को ईरान ने मिसाइल हमले किए थे.
नेतन्याहू ने कहा, "इसराइल और अमेरिका सबकी ओर से मिलकर ईरान के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं."
उन्होंने कहा, "अगर आपको सबूत चाहिए कि ईरान पूरी दुनिया के लिए ख़तरा है, तो पिछले 48 घंटे इसका सबूत हैं. इन 48 घंटों में ईरान ने एक नागरिक इलाक़े को निशाना बनाया. वे इसे सामूहिक हत्या का हथियार बना रहे हैं."
नेतन्याहू ने आगे कहा, "मैं दुनिया के नेताओं से पूछना चाहता हूं कि अब आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं. समय आ गया है कि बाक़ी देशों के नेता भी ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध में इसमें शामिल हों."
नेतन्याहू ने बताया, "कुछ देश इस अभियान में शामिल होने की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन और देशों की ज़रूरत है."
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध में दूसरे देशों से उतरने की अपील की थी.
लेकिन बाद में उन्होंने नेटो देशों की आलोचना करते हुए कहा था कि 'हमें किसी की मदद की ज़रूरत नहीं' है.
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ब्रिटेन एक कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि इस बात का कोई 'सबूत' नहीं है कि ईरान के पास लंदन तक पहुंचने वाली लंबी दूरी की मिसाइलें हैं.
हाउसिंग सेक्रेटरी स्टीव रीड ने बीबीसी से कहा, "कोई ख़ास आकलन नहीं है कि ईरान ब्रिटेन को निशाना बना रहा है या चाहे तो भी ऐसा कर सकता है."
यह बयान तब आया जब इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स (आईडीएफ़) ने शनिवार को दावा किया था कि 'ईरान के पास ऐसे हथियार हैं जो 4,000 किलोमीटर (2,485 मील) तक पहुंच सकते हैं.'
इसराइल ने यह दावा तब किया, जब पता चला कि ईरान ने हिंद महासागर में स्थित चागोस द्वीपों पर अमेरिका-यूके के साझा सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया था. यह जगह ईरान से लगभग 3,800 किलोमीटर दूर है.
हालांकि, स्टीव रीड ने यह बताने से इनकार किया कि मिसाइलें ब्रिटिश क्षेत्र के कितने क़रीब पहुंचीं. उन्होंने कहा कि वह "ऑपरेशनल जानकारी" साझा नहीं कर सकते.
इससे पहले ईरान ने शुक्रवार रात डिएगो गार्सिया पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. इनमें से एक असफल रही और रास्ते में ही गिर गई, जबकि दूसरी को रोक लिया गया.
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अरद पर ईरानी हमले के बाद लोगों से कहा है कि वे सायरन सुनते ही तुरंत बंकर में जाएं.
रविवार को अरद शहर गए नेतन्याहू ने कहा, "हम ईरानी सरकार और आईआरजीसी पर हमला करेंगे. हम उनके हर एक नेता, उनके ठिकानों, उनकी आर्थिक संपत्तियों पर हमला करेंगे. हम इनसे जुड़े हरेक पर हमला करेंगे."
दरअसल, दक्षिणी इसराइल के अरद शहर में ईरानी मिसाइलों के हमले में 80 से ज़्यादा लोग घायल हुए. नेतन्याहू ने कहा कि यह 'चमत्कार' है कि किसी की मौत नहीं हुई.
उन्होंने इसराइली जनता से कहा, "लापरवाह न हों और मिसाइल अलर्ट (सायरन) के समय तुरंत शेल्टर में जाएं."
इसराइल, ईरान के अलावा लेबनान पर भी हमलावर है. इसराइल ने अपनी सेना को आदेश दिया है कि लेबनान के 'फ़्रंटलाइन गांवों में घरों को तेजी से गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाए.'
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ईरान ने अमेरिका और इसराइल को चेतावनी दी है कि उसके पावर प्लांट्स को निशान बनाया गया तो वह कड़ी कार्रवाई करेगा.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर ग़ालिबाफ़ ने एक्स पोस्ट में लिखा, "अगर अमेरिका और इसराइल ने देश के पावर प्लांट्स को निशाना बनाया, तो वह खाड़ी क्षेत्र के ज़रूरी इन्फ़्रास्ट्रक्चर को इस तरह नष्ट कर देंगे, जिसे वापस ठीक नहीं किया जा सकेगा."
ग़ालिबाफ़ ने लिखा, "हमारे पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो खाड़ी क्षेत्र में ज़रूरी इन्फ़्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और तेल की सुविधाओं को 'वैध निशाना' माना जाएगा."
साथ ही स्पीकर ने यह भी चेतावनी दी कि उनकी जवाबी कार्रवाई से 'तेल की क़ीमत लंबे समय तक बढ़ी हुई रहेगी.'
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल नेटवर्क 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा था, "अगर ईरान ने 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को पूरी तरह नहीं खोला, तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेगी."
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इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा है कि उन्होंने और प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सेना को आदेश दिया है कि लेबनान के 'फ़्रंटलाइन गांवों में घरों को तेजी से गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाए.'
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, कात्ज़ ने रविवार को अपने दफ़्तर से जारी बयान में कहा, "यह क़दम इसराइली इलाक़ों पर ख़तरे ख़त्म करने के लिए उठाया गया है."
बयान के मुताबिक़, सेना को तुरंत लेबनान की लितानी नदी पर बने सभी पुलों को तोड़ने का आदेश दिया गया है.
कात्ज़ ने हिज़्बुल्लाह पर आरोप लगाया, "यह इलाक़ा आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है."
इस बीच इसराइल ने रविवार को कहा है कि उसने दक्षिणी लेबनान में हमले में हिज़्बुल्लाह के नौ सदस्यों को मार दिया.
इसराइली सेना के मुताबिक, "यह हमला वायुसेना और 91वीं डिवीजन के सैनिकों ने मिलकर किया. हिज़्बुल्लाह के सदस्य बीती रात दक्षिणी लेबनान में ऑपरेशन कर रहे इसराइली सैनिकों के क़रीब आ गए थे."
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मध्य-पूर्व में तनाव के बीच क़तर का एक मिलिट्री हेलिकॉप्टर देश के समुद्री क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. क़तर के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि हेलिकॉप्टर हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है.
रविवार सुबह क़तर ने कहा था कि हेलिकॉप्टर 'रूटीन ड्यूटी' पर था और उसमें तकनीकी ख़राबी आ गई थी.
क़तर के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा, "खोज अभियान में सात में से छह लोगों को तलाश लिया गया है.''
मंत्रालय ने बताया कि कैप्टन (पायलट) सईद नासिर सामेख की तलाश अभी जारी है. वो क़तरी सशस्त्र बल से जुड़े हैं.
गौरतलब है कि हाल के हफ़्तों में ईरान के हमलों से क़तर प्रभावित हुआ है और पिछले हफ़्ते ईरान ने क़तर की मुख्य गैस संयंत्र को निशाना बनाया था.
हालांकि, यह साफ़ नहीं है कि हेलिकॉप्टर हादसे का ईरान युद्ध से कोई संबंध है या नहीं.
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जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से इस्तीफ़ा दे चुके वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) का दामन थाम लिया.
केसी त्यागी केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में आरएलडी में शामिल हुए.
केसी त्यागी ने आरएलडी में शामिल होने पर कहा, "आरएलडी और जेडीयू में कोई फ़र्क नहीं है. दोनों के आदर्श चौधरी चरण सिंह, कर्पूरी ठाकुर और राम मनोहर लोहिया हैं. एक वक़्त ऐसा भी था जब नीतीश कुमार और चौधरी अजीत सिंह मिलकर एक पार्टी बनाने वाले थे."
उन्होंने कहा, "मैंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरएलडी से ही की थी. हम चौधरी चरण सिंह का बचा हुआ सपना पूरा करेंगे."
भविष्य में चुनाव लड़ने के सवाल पर केसी त्यागी ने कहा, "नहीं, मैं लोकसभा और राज्यसभा दोनों का सदस्य रह चुका हूं."
गौरतलब है कि केसी त्यागी जेडीयू से तब से जुड़े हुए थे, जब यह अक्तूबर 2003 में समता पार्टी और जनता दल के विलय से बनी थी. हालांकि, कुछ दिन पहले उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था.
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क्यूबा में एक हफ़्ते में दूसरी बार देश का नेशनल इलेक्ट्रिकल ग्रिड ठप होने से एक करोड़ से ज़्यादा लोगों के घरों और कारोबारी ठिकानों की बिजली कट गई है.
क्यूबा के ऊर्जा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, "नेशनल इलेक्ट्रिकल सिस्टम पूरी तरह से ठप हो गया है. इसे ठीक करने के लिए काम शुरू हो गया है."
क्यूबा के ग्रिड ऑपरेटर ने कहा कि वह धीरे-धीरे बिजली बहाल कर रहा है, जिसमें अस्पतालों और पानी जैसे 'ज़रूरी' केंद्रों को प्राथमिकता दी जा रही है.
इस कैरिबियाई देश में इस महीने तीन बड़े ब्लैकआउट हुए हैं, क्योंकि अमेरिका की तरफ़ से ईंधन पर लगाई गई रोक के कारण विदेशी तेल का आयात बंद हो गया है, जो बिजलीघरों को चलाने के लिए ज़रूरी है.
इस कम्युनिस्ट शासन वाले इस देश का बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर पुराना हो चुका है और यहां ईंधन की हमेशा कमी बनी रहती है.
हाल के संकट और देश भर में बिजली कटौती की वजह से लोगों में नाराज़गी बढ़ गई है.
सोमवार को राजधानी हवाना के बीचों-बीच लोगों ने बर्तन पीटकर अपना विरोध जताया.
मध्य क्यूबा के मोरोन शहर में भी प्रदर्शनकारियों ने उसी दिन कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्यालय पर हमला किया और आगजनी की, जबकि क्यूबा में बिना इजाज़त के प्रदर्शन करना गैर-कानूनी है.
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मध्य पूर्व में चल रही जंग को लेकर ईरान के 'अनुचित हमलों' की निंदा करने वाले जी-7 देशों के बयान पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
टोक्यो में ईरानी दूतावास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है, "जी-7 के विदेश मंत्रियों से और क्या उम्मीद की जा सकती है, जिसमें ईरान पर हमला करने वाला अमेरिका भी एक पक्ष है."
ईरानी दूतावास ने कहा है, “हैरानी की बात नहीं है कि यह बयान ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका और इसराइल के हमलों की निंदा करने की ज़हमत भी नहीं उठाता, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का घोर उल्लंघन हैं. यह जी-7 के अन्य सदस्य देशों के लिए कई अहम सवाल खड़े करता है.”
इससे पहले अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, फ्रांस, इटली, जापान, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने ईरान और उसके प्रॉक्सी की तरफ से हो रहे 'अनुचित हमलों' को लेकर मध्य पूर्व के अपने साझेदारों के प्रति समर्थन जताया था.
इस पर ईरान ने सवाल किया है, “क्या ये देश स्पष्ट कर सकते हैं कि क्षेत्र के किन देशों में मौजूद कौन से अमेरिकी ठिकानों से बेकसूर नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे के ख़िलाफ़ युद्ध अभियान चलाए जा रहे हैं?”
"क्या वे उस हवाई क्षेत्र के बारे में बता सकते हैं, जहाँ से अमेरिकी केसी-135 टैंकर (अपने ट्रांसपोंडर चालू रखते हुए) गुज़रते हैं, ताकि उन अमेरिकी और इसराइली लड़ाकू विमानों को ईंधन दे सकें जो ईरान में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं?”
इसके अलावा ईरान ने और भी कई सवाल खड़े किए हैं और जी-7 से पूछा है कि 'क्या वे यह साफ कर सकते हैं कि उन्होंने हमलावरों के युद्ध अपराधों की निंदा क्यों नहीं की, ख़ासकर मिनाब में 165 बेक़सूर स्कूली बच्चों के मामले में?'
नमस्कार!
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ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि 'ईरान से संयम बरतने की अपील करने का कोई मतलब नहीं है.'
ईरान की सरकार न्यूज़ एजेंसी इरना (आईआरएनए) के मुताबिक़ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाग़ेई ने तर्क दिया, "जिस देश पर हमला हुआ हो, उससे ऐसी अपेक्षा करना अनुचित है."
इरना के मुताबिक़ उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन देशों ने हमला कर के दुश्मनी की शुरू की है, उसे रोकने की ज़िम्मेदारी भी उन्हीं की है.
अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी को संयुक्त रूप से ईरान पर हवाई हमले किए थे. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनई समेत कई लोग मारे गए थे.
उसके बाद से ईरान के साथ इन दोनों देशों की जंग शुरू हो गई है. ईरान ने इस कार्रवाई के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगियों और ठिकानों को भी निशाना बनाया है.
इस संघर्ष में दोनों ही पक्षों का भारी नुक़सान हुआ है और ऊर्जा के कई ठिकानों पर हमले किए गए हैं. इस जंग के नतीजे में तेल और गैस की क़ीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है और कई देशों में इसका संकट भी देखा जा रहा है.
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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उसने ईरान से दाग़ी गई मिसाइलों और ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट किया है.
रविवार तड़के सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में मंत्रालय ने कहा, "जो आवाज़ें सुनाई दे रही हैं, वे एयर डिफेंस सिस्टम की ओर से मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की आवाज़ें हैं."
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार शाम को भी ईरान की ओर से ऐसे हमलों और उसे रोकने का दावा किया था.
ईरान ने फ़ारस की खाड़ी के दो द्वीपों के मुद्दे पर यूएई के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवाद को लेकर यूएई के शहर रास अल-खैमाह पर 'जोरदार' हमले की धमकी दी थी.
फ़ारस की खाड़ी में स्थित ‘अबू मूसा और ग्रेटर टुनब द्वीपों के मुद्दे पर ईरान और यूएई के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. इन द्वीपों पर ईरान का क़ब्ज़ा है और इन्हें रणनीतिक तौर पर काफ़ी अहम माना जाता है.
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इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस ने दावा किया है कि थोड़ी देर पहले ईरान की तरफ़ से इसराइल की ओर मिसाइलें दाग़ी गईं.
आईडीएफ़ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, "डिफ़ेंस सिस्टम ख़तरे को रोकने के लिए काम कर रहे हैं. पिछले कुछ मिनटों में, होम फ्रंट कमांड ने संबंधित इलाक़ों में मोबाइल फ़ोन पर लोगों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं."
आईडीएफ़ ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ज़िम्मेदारी से काम लें और निर्देशों का पालन करें जो उनकी जान बचा सकती है.
आईडीएफ़ ने कहा है, "अलर्ट मिलने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाना चाहिए, और नई घोषणा होने तक वहीं रहना चाहिए. लोगों को सुरक्षित जगहों से बाहर निकलने की इजाज़त तभी दी जाएगी जब इसके लिए स्पष्ट निर्देश मिलेगा."
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इसराइल के दक्षिण में डिमोना और अरद में शनिवार को हुए ईरानी मिसाइल हमले में 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
डेड सी के पास स्थित इसराइल के अरद शहर में ईरानी मिसाइल हमले के बाद 88 लोग घायल हुए हैं. वहीं इसराइल के डिमोना न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास भी ईरानी मिसाइल हमले से बड़ा नुक़सान हुआ है.
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पंजाब राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (पीडब्लूसी) के अधिकारी गगनदीप रंधावा की शनिवार को कथित आत्महत्या के मामले में अमृतसर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज कर ली है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में आरोपों में घिरे पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफ़ा ले लिया है. हालाँकि इसके बावजूद भी यह मामला शांत होता नहीं दिख रहा है.
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, "यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर हत्या का मामला दिखता है, क्योंकि मृतक ने एक लाइव बयान में सभी तथ्य सामने रखे हैं."
वहीं पंजाब के बीजेपी अध्यक्ष सुनील कुमार जाखड़ ने कहा, "मुख्यमंत्री या अरविंद केजरीवाल को इस मामले की सीबीआई जांच के लिए स्पष्ट निर्देश देने चाहिए, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके."
इससे पहले अमृतसर के एडीसीपी श्रीवेनेला ने कहा था, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. हम मामले की जांच कर रहे हैं और आत्महत्या के पीछे का कारण जानने की कोशिश कर रहे हैं. हम इस मामले की तह तक जाएंगे."
बीबीसी पंजाबी के अनुसार, गगनदीप रंधावा के एक रिश्तेदार के आरोपों के मुताबिक़, लालजीत भुल्लर गगनदीप रंधावा पर अपने पिता के पक्ष में टेंडर पास कराने का दबाव डाल रहे थे. ऐसा नहीं होने पर उनके साथ मारपीट की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.
गगनदीप सिंह रंधावा का एक कथित वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह लालजीत भुल्लर पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
हालाँकि लालजीत भुल्लर ने अपने ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है.
उन्होंने इस्तीफ़ा देते हुए कहा, "मैं चाहता हूं कि मेरे ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों की ठीक से जांच की जाए ताकि सही फैसला लिया जा सके. इसलिए जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, मैं पार्टी और हमारे माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि वे मेरे मंत्री पद से इस्तीफ़ा को स्वीकार कर लें."
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मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच क़तर का एक मिलिट्री हेलिकॉप्टर देश के समुद्री क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. क़तर के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की जानकारी दी है.
क़तर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसका एक हेलिकॉप्टर 'तकनीकी ख़राबी' के कारण देश के समुद्री क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
रक्षा मंत्रालय ने सरकारी मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि हेलिकॉप्टर के चालक दल और अन्य सवार लोगों की तलाश और बचाव के लिए अभियान शुरू कर दिया है.
क़तर के अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के समय हेलिकॉप्टर 'नियमित ड्यूटी' पर था.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.
ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि अगर ईरान के ईंधन और ऊर्जा केंद्रों पर हमला होता है तो देश की सेना अमेरिका से जुड़ी एनर्जी फ़ेसिलिटीज़ को निशाना बनाएगी.
ईरान की यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक नए अल्टीमेटम के बाद आई है.
ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने 48 घंटों के भीतर होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोला तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को "पूरी तरह तबाह" कर देगा.
इससे पहले ईरान ने दक्षिणी इसराइल पर मिसाइलों से हमला किया. निशाना बनाए गए क्षेत्रों में इसराइल के अघोषित परमाणु हथियार भंडार वाले शहर डिमोना भी शामिल है.
ईरान ने कहा है कि 'अब जंग नए चरण में पहुंच गई है.'
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी इतने घंटे की 'डेडलाइन', ईरान ने कहा जंग अब नए चरण में
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