ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने रविवार को कहा कि ईरान के तीसरे सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई की 'इजाज़त' के बिना 'कोई फ़ैसला' नहीं लिया जाएगा.
रौनक भैड़ा, सुमंत सिंह
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– रुबियो के सामने जयशंकर बोले- हमारे लिए 'इंडिया फ़र्स्ट', कई स्रोतों से सस्ती ऊर्जा आपूर्ति करेंगे सुनिश्चित
– फाल्टा सीटः बीजेपी जीती, चुनाव मैदान से हटने के बाद भी क्यों पड़े जहांगीर ख़ान के नाम पर वोट
– गुरिंदरवीर सिंह कौन हैं, जो बन गए हैं भारत के सबसे तेज़ धावक
– दिल्ली जिमखाना को खाली कराने का पूरा मामला क्या है, जानिए 113 साल पुराने क्लब का इतिहास
– दिमागी उम्र बढ़ने की रफ़्तार कम करने के तीन दिलचस्प तरीक़े
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने रविवार को कहा कि ईरान के तीसरे सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई की 'इजाज़त' के बिना 'कोई फ़ैसला' नहीं लिया जाएगा.
यह बयान ऐसे समय आया है जब कट्टरपंथी ईरानी सांसद कमरान ग़ज़नफ़री ने इस हफ़्ते की शुरुआत में पेज़ेश्कियान की आलोचना की थी और उन पर ख़ामेनेई की 'इजाज़त के बिना' युद्धविराम स्वीकार करने का आरोप लगाया था.
56 वर्षीय ख़ामेनेई 8 मार्च को सुप्रीम लीडर बनने के बाद से सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं. हालांकि ईरानी मीडिया के मुताबिक़ उन्होंने कई लिखित बयान जारी किए हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पेज़ेश्कियान समेत कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों ने हाल के हफ़्तों में उनसे मुलाक़ात भी की है.
ख़ामेनेई ने अपने नाम से जारी लिखित संदेशों में अमेरिका और इसराइल की आलोचना करने वाली ईरान की नीति को बरक़रार रखा है, लेकिन मौजूदा बातचीत पर उन्होंने सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
28 फ़रवरी को उनके पिता अली ख़ामेनेई की मौत वाले हमले में उनके घायल होने की रिपोर्ट्स के बाद से उनकी सेहत को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पहले कहा था कि ख़ामेनेई 'संभवतः घायल' हो गए हैं, हालांकि ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दावे से इनकार किया है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों से कहा है कि वे ईरान से 'जल्दबाज़ी में कोई समझौता न करें, क्योंकि समय अमेरिका के पक्ष में है'.
अपनी ट्रुथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "बातचीत व्यवस्थित और सार्थक तरीक़े से आगे बढ़ रही है और मैंने अपने प्रतिनिधियों से कहा है कि वे जल्दबाज़ी में कोई समझौता न करें, क्योंकि समय हमारे पक्ष में है."
उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के लिए दोनों पक्षों को अपना समय लेना चाहिए और इसे सही तरीक़े से करना चाहिए, जिससे कि कोई ग़लती न हो.
हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि "ईरान को यह समझना होगा कि वह परमाणु हथियार या बम बना नहीं सकता और न ही हासिल कर सकता है."
उधर, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी 'ईरान के परमाणु ख़तरे को ख़त्म' करने पर ज़ोर दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका बातचीत के संदर्भ में शनिवार रात उनकी ट्रंप से फ़ोन पर बात हुई है.
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा कि ईरान के साथ बातचीत में काफ़ी प्रगति हुई है और जल्द ही इस पर कोई घोषणा हो सकती है.
रुबियो ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर भी 'अच्छी ख़बर' के संकेत दिए हैं.
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इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने शनिवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने से जुड़े समझौते के लिए होने वाली आगामी बातचीत पर चर्चा की.
एक्स पर लिखे पोस्ट में नेतन्याहू ने कहा कि वह और अमेरिकी राष्ट्रपति इस बात पर सहमत हैं कि "ईरान के साथ किसी भी अंतिम समझौते में परमाणु ख़तरे को पूरी तरह से ख़त्म किया जाना चाहिए."
उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि 'ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों को नष्ट करना होगा और संवर्धित परमाणु सामग्री को हटाना होगा'.
उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की तरह मेरी नीति भी नहीं बदली है. ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा."
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 'भारतीयों पर नस्लवादी टिप्पणियों' से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि दुनिया के हर देश में 'बेवकूफ़ लोग' होते हैं.
रविवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में रुबियो ने यह बयान दिया. हालांकि इस दौरान पत्रकार और रुबियो के बीच सवाल-जवाब भी हुए.
इस साझा कॉन्फ़्रेंस में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे.
रुबियो से सवाल किया गया कि 'भारतीयों और भारतीय-अमेरिकी लोगों को लेकर अमेरिका से कई नस्लवादी टिप्पणियां हुई हैं. यह भारत-अमेरिका संबंधों की बुनियादी सोच के ख़िलाफ़ जाता है. इस पर आपका क्या कहना है?'
इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "ये टिप्पणियां किसने कीं?"
पत्रकार ने जवाब दिया, "हम सबने ये टिप्पणियां देखी हैं. हमने इन टिप्पणियां का समर्थन करते भी देखा है."
इसके बाद रुबियो ने अपने जवाब में कहा, "मुझे नहीं पता मैं इसे कैसे एड्रेस करूं लेकिन मैं उन टिप्पणियों को बहुत गंभीरता से लूंगा."
उन्होंने कहा, "मुझे यक़ीन है कि कुछ लोगों ने ऑनलाइन और दूसरी जगहों पर ऐसी टिप्पणियां की होंगी, क्योंकि दुनिया के हर देश में बेवकूफ़ लोग होते हैं. मुझे यक़ीन है कि यहां भी बेवकूफ़ लोग हैं. अमेरिका में भी ऐसे लोग हैं जो हर समय बेवकूफ़ी भरी बातें करते रहते हैं."
रुबियो ने यह भी कहा, "अमेरिका एक ऐसा देश है जो सबका स्वागत करता है. हमारा देश उन लोगों की वजह से और समृद्ध हुआ है जो दुनियाभर से हमारे देश में आकर बसे हैं."
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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव नतीजों के 20 दिनों बाद पहली बार पूरी चुनावी प्रक्रिया और शुभेंदु सरकार को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट 32 मिनट लंबेवीडियो में सवाल किया है कि क्या राज्य में सचमुच चुनाव कराए गए? उन्होंने कहा कि यहां चुनाव के नाम पर 'नाटक' हुआ है.
ममता बनर्जी का कहना है कि बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां तार्किक विसंगति नामक नई श्रेणी बनाई गई. इसके तहत जानबूझकर 60 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए.
उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस चुनाव हारी नहीं है बल्कि उसे हराया गया है. भवानीपुर में भी उनको जबरन हराया गया है.
ममता ने कहा, "हमारे पास पुख़्ता सूचना है कि केंद्रीय चुनाव आयोग के दफ़्तर से डेटा हैक हुआ है. मीडिया ने सुनियोजित तरीक़े से बीजेपी को पहले से ही दो सौ सीटों पर जिता दिया था."
उन्होंने कहा कि वो भवानीपुर सीट पर 13 हजार वोटों से आगे चल रही थीं. लेकिन वहां 'वोट लूट कर' उन्हें हरा दिया गया.
रविवार को फाल्टा विधानसभा सीट के चुनाव नतीजे के दिन ममता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष करते हुए कहा, "आपने भवानीपुर सीट कैसे जीती है, यह मैं अदालत में बताऊंगी. अगर आप में हिम्मत है तो फोरेंसिक जांच कराएं. मुझे ईवीएम की रिपोर्ट चाहिए."
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद बीजेपी उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अत्याचार कर रही है. नेताओं और पार्षदों को गिरफ़्तार किया जा रहा है. पार्टी के दो हजार कार्यालयों को लूट लिया गया है.
ममता ने शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना कहा, "वो सारदा से नारदा तक तमाम घोटाले में शामिल हैं. वो जिस कुर्सी पर हैं उस पर बैठने के लायक ही नहीं हैं. उनको तो पहले जेल जाना चाहिए था."
ममता ने दावा किया कि 'नतीजे के बाद 20 दिनों तक वो मुंह बंद कर सब कुछ सहती रही हैं. 12 लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हैं. लोगों से जबरन इस्तीफ़े लिए जा रहे हैं.'
उन्होंने दावा किया कि 'वोटों की हेराफेरी के कारण क़रीब डेढ़ सौ सीटों पर पासा पलट गया'. ऐसा नहीं होता तो तृणमूल कांग्रेस को 220 से 230 तक सीटें मिली होतीं.
पूर्व मुख्यमंत्री ने शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि नई सरकार तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई योजनाओं के नाम बदल कर उनको अपना बता रही है.
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भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने पाँच हज़ार मीटर की दौड़ में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया है. इसकी जानकारी एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने दी.
गुलवीर सिंह ने अमेरिका के लॉस एंजेलिस में आयोजित प्रतिस्पर्धा में दूसरे नंबर पर फ़िनिश किया. इसके लिए उन्होंने 13:03.93 (13 मिनट और 03.93 सेकंड) का समय लिया.
एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, गुलवीर सिंह ने यह रिकॉर्ड आउटडोर प्रतिस्पर्धा में बनाया है, जबकि इनडोर प्रतिस्पर्धा में बनाया गया उनका रिकॉर्ड अब भी कायम है.
गुलवीर सिंह के नाम इनडोर प्रतिस्पर्धा में 12:59.77 के समय में दौड़ पूरी करने का रिकॉर्ड है. यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है.
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राजस्थान रॉयल्स (आरआर) ने रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में मुंबई इंडियंस (एमआई) को 30 रन से हरा दिया है.
इसी के साथ आरआर प्लेऑफ़ में जगह बनाने वाली चौथी टीम बन गई है. इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और सनराइज़र्स हैदराबाद प्लेऑफ़ में पहुंच चुकी हैं.
रविवार को हुए मैच में अगर मुंबई इंडियंस जीतने में कामयाब होती तो पंजाब किंग्स प्लेऑफ़ में पहुंच जाती.
राजस्थान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए मुंबई को 206 रनों का टारगेट दिया था. मुंबई की टीम 20 ओवरों में नौ विकेट के नुक़सान पर 175 रन ही बना सकी.
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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर के बाहर रविवार को महाराष्ट्र पुलिस तैनात कर दी गई है.
बीबीसी मराठी सेवा के मुताबिक़, अभिजीत दीपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर के बाहर पुलिस की तैनाती की पुष्टि एक पुलिस अधिकारी ने की.
छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारियों ने अभिजीत दीपके के घर की सुरक्षा के निर्देश दिए थे, जिसके बाद हमने सुरक्षा प्रदान की है."
उन्होंने बताया, "एक पुलिस वैन और एक अधिकारी को भी वहां तैनात किया गया है. हम वहां क़ानून व्यवस्था बनाए रखने पर पूरा ध्यान देंगे."
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि उन्हें धमकियां मिली हैं. उन्होंने कुछ स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं.
दीपके ने अपने फ़ेसबुक हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें एक युवक उनके और उनके परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहा है.
अभिजीत दीपके ने एक्स पर जानकारी दी है कि कॉकरोच जनता पार्टी का इंस्टाग्राम हैंडल फिर से रीस्टोर हो गया है.
'कॉकरोच जनता पार्टी' क्या है और इसके संस्थापक अभिजीत दीपके कौन हैं?
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि उनका देश दुनिया को यह भरोसा दिलाने के लिए तैयार है कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) ने राष्ट्रपति के टेलीग्राम पोस्ट के हवाले से कहा, "ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने अपनी शहादत से पहले घोषणा की थी और हम अब भी इसे दोहराते हैं कि हम दुनिया को यह भरोसा दिलाने के लिए तैयार हैं कि हम परमाणु हथियार नहीं चाहते."
एजेंसी के मुताबिक़, राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान 'क्षेत्रीय अस्थिरता नहीं चाहता' और 'इसराइली शासन ही इस इलाक़े को अस्थिर करना चाहता है.'
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी वार्ताकार देश की 'गरिमा और सम्मान' पर कोई समझौता नहीं करेंगे.
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बहुत जल्द बातचीत को लेकर कोई घोषणा कर सकते हैं.
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ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक़, अमेरिका के साथ संभावित समझौते को लेकर 'एक या दो' मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन मुद्दों पर 'अमेरिका की तरफ़ से अड़चन' की वजह से मामला अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है.
समाचार एजेंसी के मुताबिक़, मध्यस्थ पाकिस्तान को ईरान के रुख़ के बारे में बता दिया गया है और अगर 'अमेरिका की अड़चन जारी रहती है' तो समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सकता.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़ी समाचार एजेंसी फ़ार्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, जिन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है वे ईरान की फ़्रीज़ की गई संपत्तियों, तेल और उससे जुड़े उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों से जुड़े हैं.
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छत्तीसगढ़ के सरगुजा ज़िले के मैनपाट क्षेत्र के जंगलपारा गांव से एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है.
यहाँ एक महिला को अपनी 90 साल की बीमार सास की रुकी हुई वृद्धा पेंशन दिलाने के लिए उन्हें पीठ पर लाद कर बैंक तक ले जाना पड़ा.
सोमारी बाई आदिवासी समाज से हैं. उन्हें तीन महीने से 1500 रुपये की वृद्धा पेंशन नहीं मिली थी, जिसके कारण उनकी बहू रुकमनिया उन्हें पीठ पर लाद कर क़रीब 9 किलोमीटर लंबा पथरीला रास्ता और नाला पार कर मैनपाट स्थित सेंट्रल बैंक ले गईं.
इस इलाक़े में न सड़क है और न ही आवागमन का कोई साधन है.
बैंक प्रबंधक अल्ताफ़ मिर्ज़ा ने बताया कि केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण वृद्धा का खाता फ़्रीज़ हो गया था. अब खाते की केवाईसी और मोबाइल नंबर लिंक कर दिए गए हैं.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे से बैंक मित्र के माध्यम से पेंशन की राशि महिला के घर तक पहुंचाई जाएगी, जिससे उन्हें दोबारा इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े.
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक टीम ने भी गांव पहुंचकर बुज़ुर्ग महिला और उनकी बहू से मुलाक़ात की.
मैनपाट के एसडीएम फागेश सिन्हा ने कहा कि अब सोमारी बाई की पेंशन निकालने के लिए उनकी बहू रुकमनिया को अधिकृत किया जाएगा. इससे भविष्य में वृद्ध महिला को बैंक तक कठिन सफ़र तय करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को नई दिल्ली में कहा कि अमेरिका किसी भी सूरत में ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट हैं.
रुबियो ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत में प्रगति हुई और बहुत जल्द अच्छी ख़बर आ सकती है.
हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि 'अमेरिका के साथ संभावित समझौते में परमाणु हथियार पर कोई बातचीत नहीं हुई है.'
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने अमेरिका और ईरान के बीच कथित समझौते से जुड़ी रिपोर्ट प्रकाशित की है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्ताव में ईरान ने अपनी किसी भी परमाणु सामग्री को सौंपने की कोई प्रतिबद्धता नहीं दी है, जबकि एजेंसी का दावा है कि पश्चिमी मीडिया में इसके उलट रिपोर्टें आई हैं.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़ी इस समाचार एजेंसी ने कहा है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत को "संभावित रूप से युद्ध समाप्त होने के बाद" तक टाल दिया गया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा ड्राफ़्ट सिर्फ़ युद्ध समाप्त करने के मुद्दे तक सीमित है और इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी कोई जानकारी शामिल नहीं है.
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उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र से एक बार फिर हिमस्खलन की तस्वीर सामने आई है. बद्रीनाथ के नज़दीक कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने और बर्फ़ के बड़े हिस्से के नीचे खिसकने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
वीडियो में ऊंचाई वाले इलाक़े से भारी मात्रा में बर्फ़ तेज़ी से नीचे आती दिखाई दे रही है. घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल बढ़ी, जिसकी वजह से स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क हो गया.
हालांकि प्रशासन ने कहा है कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुक़सान की सूचना नहीं है.
चमोली के ज़िलाधिकारी गौरव कुमार ने एक बयान में कहा है, "कंचनगंगा क्षेत्र में हुआ हिमस्खलन एक प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इस तरह की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं."
उन्होंने कहा, "हिमस्खलन सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई वाले हिस्से में ही रुक गया, जिससे यातायात और आम जनजीवन पर कोई असर नहीं पड़ा."
प्रशासन के मुताबिक़, क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और फ़िलहाल स्थिति सामान्य है.
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रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. उसने सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें दागी हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि राजधानी कीएव मुख्य निशाने पर थी, लेकिन दूसरे इलाक़ों को भी निशाना बनाया गया. हमलों में कम से कम 83 लोग घायल हुए हैं.
कीएव और उसके आसपास के इलाक़ों में चार लोगों की मौत हुई है. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पूरे क्षेत्र में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं और रिहायशी इमारतों और स्कूलों को नुक़सान पहुंचने की खबरें हैं.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमलों में ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया. मंत्रालय ने कहा कि ये हमले यूक्रेन की तरफ़ से "सिविलियन इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर किए गए हमलों" के जवाब में किए गए.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर शुक्रवार को स्टारोबिल्स्क शहर में एक छात्रावास पर घातक हमला करने का आरोप लगाया, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी.
यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं के जनरल स्टाफ़ ने कहा कि उनकी ओर से शुक्रवार रात रूस के कब्ज़े वाले पूर्वी यूक्रेन में स्टारोबिल्स्क के पास हमला किया था, लेकिन निशाना रूस की एक विशेष सैन्य इकाई थी.
रविवार रात रूस के ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि रूस हमला करने की योजना बना रहा है और संभव है कि वह ओरेशनिक मिसाइल का इस्तेमाल करे.
इस मिसाइल के बारे में कहा जाता है कि यह आवाज़ की रफ़्तार से 10 गुना से भी ज़्यादा तेज़ चलती है और इसे रोक पाना लगभग असंभव है.
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों पर सफ़ाई देते हुए कहा कि रिश्तों ने अपना 'मोमेंटम नहीं खोया' है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी.
मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं. रविवार को उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.
इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े सवालों का जवाब दिया.
रुबियो ने कहा, "अमेरिका-भारत संबंधों ने अपनी कोई लय नहीं खोई है. मैं समझ सकता हूं कि कुछ लोग ऐसा क्यों कहते हैं. मैं इससे सहमत नहीं हूं. यह भारत के बारे में नहीं है. यह व्यापार के मामले में, अमेरिका के बारे में है."
उन्होंने ट्रंप के बयानों पर सफ़ाई देते हुए कहा, "राष्ट्रपति ने यह नहीं कहा कि, 'भारत के साथ व्यापार को लेकर तनाव पैदा करने का कोई तरीक़ा निकालते हैं.' राष्ट्रपति ने कहा, 'अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जो व्यापार व्यवस्था है वह आगे नहीं चल सकती. एक बहुत बड़ा असंतुलन बन गया है और इसे एड्रेस करने की ज़रूरत है'."
"उन्होंने इसे वैश्विक नज़रिए से आगे बढ़ाया. दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश होगा जहां मैं जाऊं और वहां व्यापार का मुद्दा न उठे, क्योंकि हमने इसे वैश्विक नज़रिए से किया है."
दरअसल, ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही व्यापार को लेकर अलग रुख़ अपनाया है. उन्होंने भारत समेत दुनियाभर के देशों पर टैरिफ़ लगाए.
भारत के रूस से तेल ख़रीदने पर भी ट्रंप ने आपत्ति जताई थी और जुर्माने के तौर पर उन्होंने भारत पर 25 फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ़ लगाया था, जिससे भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ़ 50 फ़ीसदी हो गया था. हालांकि बाद में इसे कम कर दिया गया.
मार्को रुबियो ने भारत के साथ जल्द ही व्यापार समझौते की उम्मीद जताई और कहा कि इस संबंध में जारी बातचीत में काफ़ी प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि यह संभावित समझौता दोनों पक्षों के लिए फ़ायदेमंद और टिकाऊ होगा.
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भारत के दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान ईरान के साथ संभावित समझौते का संकेत दिया है.
उन्होंने कहा, "शायद आज थोड़ी देर में और ख़बरें सामने आएंगी."
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आगे की घोषणा का काम "राष्ट्रपति (ट्रंप) करेंगे."
उन्होंने कहा, "बातचीत में कुछ प्रगति हुई है. काफ़ी अहम प्रगति हुई है, हालांकि अभी अंतिम प्रगति नहीं हुई है."
रुबियो ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर 'अच्छी ख़बर' के संकेत दिए, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अभी 'काम बाक़ी' है.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ घंटों में दुनिया को "कम से कम (होर्मुज़) स्ट्रेट के मामले में" कुछ अच्छी ख़बर मिल सकती है.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा, "हमें अभी कुछ और काम करना है. अच्छी ख़बर है, लेकिन अभी अंतिम ख़बर नहीं है."
रुबियो ने यह भी कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता. उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात को लेकर स्पष्ट रहे हैं.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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– दिल्ली जिमखाना को खाली कराने का पूरा मामला क्या है, जानिए 113 साल पुराने क्लब का इतिहास
– गुरिंदरवीर सिंह कौन हैं, जो बन गए हैं भारत के सबसे तेज़ धावक
– ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर किया अहम दावा, होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने पर ये कहा
– प्रेस फ्रीडम पर सवाल उठाकर यूरोप ने क्या भारत पर अपना रुख़ बदला है?
– दुनिया के 'सबसे प्रदूषित' कहे गए मेघालय के इस इलाके में अब कैसे हैं हालात?
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तेलुगु फ़िल्मों के अभिनेता राम चरण ने भारतीय गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह से माफ़ी मांगी है.
दरअसल, राम चरण ने अपनी आने वाली एक फ़िल्म के प्रमोशन के दौरान इवेंट में ग़लती से जसप्रीत बुमराह को फ़ुटबॉलर बता दिया था.
राम चरण का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसके तुरंत बाद राम चरण ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बुमराह से माफ़ी मांगी.
राम चरण ने शनिवार देर रात को एक्स पर लिखा, "उफ़… मैं सच में कभी-कभी नाम भूल जाता हूं."
"ग़लती के लिए जसप्रीत बुमराह जी से माफ़ी चाहता हूं, भीड़ और जोश के बीच हुई यह एक मानवीय भूल थी."
उन्होंने कहा, "मैं आपको सच में बहुत मानता हूं और आपके खेल का बड़ा प्रशंसक हूं. जब आप लगातार बल्लेबाज़ों को पीछे धकेलते हैं तो हर भारतीय को गर्व महसूस कराते हैं."
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भारत में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हाल की टिप्पणियों को ख़ारिज किया है. दूतावास ने कहा है कि रुबियो ने क्षेत्र के हालात को ग़लत तरीक़े से दिखाने की कोशिश की है.
भारत में ईरान के दूतावास ने कहा कि रुबियो के बयानों का असली मकसद अमेरिका और इसराइल की अस्थिर नीतियों से ध्यान हटाना है.
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान दुनिया के तेल और ऊर्जा के बड़े निर्यातकों में से एक है, जो भारत समेत दुनिया के सभी देशों को ऊर्जा संसाधन देने के लिए तैयार रहा है."
"लेकिन हाल के सालों में वैश्विक ऊर्जा बाज़ार की मुश्किल बढ़ाने की असली वजह अमेरिका है, जिसने ईरान के तेल निर्यात पर ग़ैरक़ानूनी और नाइंसाफ़ी वाले प्रतिबंध लगा रखे हैं. ये प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के ख़िलाफ़ हैं और इनका मक़सद ईरानी जनता पर आर्थिक दबाव डालना है."
दूतावास ने आगे लिखा, "तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों के अलावा अमेरिका ने दवाओं पर रोक लगाई. इसकी वजह से कई मासूम मरीज़ों की ज़िंदगी ख़तरे में पड़ी और लोगों को बड़ी तकलीफ़ें झेलनी पड़ीं."
हालाँकि दूतावास ने अपने बयान में मार्को रुबियो की टिप्पणियों का ज़िक्र नहीं किया है.
मार्को रुबियो ने शनिवार को ईरान पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें ईरान को वैश्विक तेल संकट और खाड़ी क्षेत्र में तनाव का मुख्य ज़िम्मेदार ठहराया गया था.
गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23 मई से 26 मई तक भारत यात्रा पर हैं. बतौर विदेश मंत्री भारत में यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है.
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