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ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमलों में मौत के बाद भारत में भी कई जगहों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
ईरान की सरकारी मीडिया ने ख़ामेनेई की मौत की पुष्टि की है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि शनिवार को हुए हमलों में ख़ामेनेई की मौत हो गई.
ख़ामेनेई की मौत के बाद कश्मीर और लखनऊ में प्रदर्शन हुए हैं जबकि देश के कई मुस्लिम धर्म गुरुओं ने उनकी मौत पर दुख जताया है.
लखनऊ में एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा, "उन्होंने ख़ामेनेई को धोखे से मारा है. अगर एक ख़ामेनेई मारे गए हैं तो हज़ार ख़ामेनेई उठ खड़े होंगे."
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ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मारे जाने पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा, "ये सदी के सबसे दुखद शब्दों में से हैं कि इतनी महान हस्ती, जिसने हमेशा दबे-कुचले लोगों के लिए आवाज़ उठाई, वो चला गया. वो कभी किसी से नहीं डरे, यहाँ तक कि सबसे बड़ी ताक़तों से भी नहीं."
"सबसे बड़ी सुपरपावर ने भी उन्हें झुकाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कभी अपना सिर नहीं झुकाया. इसीलिए उन्हें दुश्मन की तरह देखते थे. वे चाहते थे कि यह आवाज़ दबा दी जाए और ख़त्म कर दी जाए, ताकि वे आज़ादी से ज़ुल्म कर सकें, लूट सकें और लोगों को ग़ुलाम बना सकें."
इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा, "ईरान एक आज़ाद देश है और जिस तरह से उस पर हमला हुआ, वह सभी अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के ख़िलाफ़ है. हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और इंटरनेशनल समुदाय से अपील करते हैं कि वे आगे आएं और इस जंग को रोकें."
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"हम यह भी अपील करते हैं कि ख़ामेनेई की हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर इंटरनेशनल कोर्ट में मुक़दमा चलाया जाए."
वहीं लखनऊ में शिया धर्म गुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, "अमेरिका और इसराइल ने पूरे मध्य-पूर्व को युद्ध में धकेल दिया है. यह पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए एक दुखद दिन है, क्योंकि ईरान के सर्वोच्च नेता ने हमेशा सभी मुसलमानों की बात की."
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ख़ामेनेई की मौत के बाद शिया समुदाय के नेता सैयद समर काज़मी ने कहा, "यह पहली बार नहीं है जब हमने कोई नेता खोया है, लेकिन हम अपने प्यारे नेता की मौत को नहीं भूलेंगे. हम अपनी पीढ़ियों को बताएंगे कि कैसे अमेरिका और इसराइल ने धोखे से हमारे नेता को मार डाला."
उन्होंने कहा, "मुसलमानों का एक हिस्सा हमेशा अपने प्यारे नेता के रास्ते पर चला है और हमेशा कहा है कि हम दबे-कुचले लोगों के लिए आवाज़ उठाएंगे. उन्हें सिर्फ़ इसलिए मार दिया गया क्योंकि उन्होंने फ़लस्तीन में हो रही हत्याओं के लिए आवाज़ उठाई थी, जबकि दुनिया ख़ामोश बैठी थी."
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मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.
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जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत सहित ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने सभी समुदायों से शांत रहने, शांति बनाए रखने और ऐसे किसी भी काम से बचने की अपील की है जिससे तनाव या अशांति बढ़ सकती है.
उन्होंने कहा, "हमें यह भी पक्का करना चाहिए कि जम्मू और कश्मीर में जो लोग शोक मना रहे हैं, उन्हें शांति से शोक मनाने दिया जाए. पुलिस और प्रशासन को बहुत संयम बरतना चाहिए और बल या रोक लगाने वाले तरीकों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए."
जम्मू और कश्मीर सरकार, ईरान में रहने वाले राज्य के लोगों, जिसमें छात्र भी शामिल हैं, उनकी सुरक्षा और हितों को पक्का करने के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है.
वहीं पीडीपी नेता और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा, "आज इतिहास में एक बहुत ही दुखद और शर्मनाक मोड़ आया है, जब इसराइल और अमेरिका ईरान के प्रिय नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या पर शेखी बघार रहे हैं."
उनका कहना है, "इससे भी ज़्यादा शर्मनाक और चौंकाने वाली बात यह है कि मुस्लिम देशों ने खुले तौर या ख़ामोशी से इसका समर्थन किया, जिन्होंने ज़मीर के बजाय सुविधा और फ़ायदे को चुना. इतिहास इस बात का सबूत होगा कि किसने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी और किसने ज़ालिमों की मदद की."
जम्मू-कश्मीर के धर्मगुरु मीरवाइज़ उमर फारूक़ ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई की अमेरिका और इसराइल के हाथों बेरहमी से की गई हत्या से बहुत दुख और गुस्सा है, जिसने मुस्लिम दुनिया को हिलाकर रख दिया है. जम्मू-कश्मीर के लोग मिलकर इस बेरहमी और ईरान के ख़िलाफ़ चल रहे हमले, साथ ही मिनाब में मासूम लड़कियों के कत्लेआम की निंदा करते हैं."
"इस बेहद दुख की घड़ी में हम दिल से ईरान के हिम्मती लोगों के साथ हैं. अल्लाह दबे-कुचले लोगों को ताक़त दे, शहीदों को पनाह दे और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द इंसाफ़ दिलाए."
वहीं जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बताया, "देश के बहुत से लोग खाड़ी देशों में रहते हैं. हमें वहां से बहुत फ़ोन आ रहे हैं आज सुबह मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) ने बताया कि उनकी विदेश मंत्री से बात हुई. सभी हवाई अड्डे बंद हैं तो लोग घरों के अंदर रहें. जैसे ही स्थिति थोड़ी सामान्य होगी तो रास्ता निकाला जाएगा."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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