इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों और बीमारियों पर अब सरकारी रिपोर्ट की मुहर भी लग गई है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा- महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट आज स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। इसमें
हसानी ने कहा- पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी दूषित हुआ है। यह किस जगह और किस लेवल का है, इसके बारे में संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि चौकी के पास जो लीकेज वाली जगह है, वहीं इसकी सबसे प्रमुख आशंका है।
बता दें कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। वहीं, करीब 1400 लोग इन्फेक्शन के शिकार हुए हैं।
मानव अधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने दूषित पानी से मौतों की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अनुसार, अगर मीडिया रिपोर्ट में कही गई बातें सही हैं तो इससे यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है। शिकायतों के बावजूद कथित रूप से अधिकारियों ने दूषित पानी की आपूर्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
मामले में मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
मंत्री विजयवर्गीय के सामने नाराज हुईं महिलाएं इससे पहले सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे। इस दौरान 7 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए के चेक दिए जाने थे। परिजन ने मंत्री की मौजूदगी में नाराजगी जताते हुए कहा- हमें आपका चेक नहीं चाहिए।
विजयवर्गीय स्कूटर पर सवार होकर भागीरथपुरा पहुंचे थे। इस दौरान महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की। इसका वीडियो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। वीडियो में एक महिला कहती दिख रही है- पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है। भाजपा पार्षद को बार-बार बताया गया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
जीतू ने X पर लिखा- पूरा मोहल्ला बीमार है, लेकिन सत्ता के अहंकार में चूर मंत्री जी ने गाड़ी आगे बढ़ा ली और बहन की बात तक नहीं सुनी।
4 तस्वीरों में देखिए, मंत्री का दौरा और लोगों का गुस्सा…
मंत्री कैलाश विजयर्गीय का भोपाल और जबलपुर में भी विरोध
सरकार के फ्री इलाज वाले दावे की हकीकत, महिला बोली- अस्पताल वाले पैसे मांग रहे
भागीरथपुरा की निधि यादव गोद में बच्चा लिए अस्पताल के पास बदहवास सी घूम रही थीं। उनके साथ ननद पिंकी भी थीं। कुछ नेताओं ने दोनों को रोकने की कोशिश की तो वे नाराज हो गईं। निधि तल्ख लहजे में बोलीं- मेरी 70 साल की सास रामलली यादव 7 दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी किडनी फेल हो गई है। उनको कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? ये दो लाख रुपए देकर सास लौटा देंगे क्या हमको? अस्पताल वाले स्लिप देकर पैसे मांग रहे हैं।
सीएम भी आए तो हमारा पेशेंट देखने तक नहीं आए। हमारे पेट में दर्द है, फिर भी बच्चे लेकर दौड़ रहे हैं। मंत्री जी से मिलने गए तो उनके लोगों ने मिलने भी नहीं दिया।
इंदौर में पानी से मौतें… और सस्पेंशन-मुआवजे का सरकारी ड्रामा
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