ईरानी मिसाइलों का इजरायल पर कहर! एयर डिफेंस के फेलियर से तेल अवीव में तबाही, अमेरिका पर प्रेशर हाई – Zee News

Israel vs Iran:  इजरायल-ईरान संघर्ष में ईरानी मिसाइलें भारी पड़ती दिख रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 10 में से 8 मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंच रही हैं. लगातार हमलों, रडार सिस्टम के नुकसान और सीमित इंटरसेप्टर स्टॉक के कारण इजरायल और अमेरिका की एयर डिफेंस क्षमता पर गंभीर दबाव बन गया है.
Israel vs Iran: ईरान-इजरायल जंग में IRGC की मिसाइल IDF के एयर डिफेंस पर भारी पड़ रहीं हैं. मौजूदा परिस्थिति ऐसी है कि अगर ईरान ने 10 मिसाइलें दागी हैं तो उसमें से 8 अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल हो जाती हैं. जिसका मतलब है कि आयरन डोम, आयरन बीम, थाड और पैट्रियट सब फेल हो रहे हैं. ऐसा दावा इजरायली न्यूज पेपर Haaretz ने किया है. 
 Haaretz की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि इजरायल और अमेरिका की बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है और उनकी प्रभावशीलता कम हो रही है. रिपोर्ट में बताया गया कि समय के साथ ईरानी मिसाइलों की सफलता दर और बढ़ रही है, क्योंकि एयर डिफेंस सिस्टम लगातार हमलों से थक चुके हैं.
एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ता दबाव
एक्सपर्ट का कहना है कि इजरायलल की एयर डिफेंस क्षमता पर कई कारणों से असर पड़ा है. इसमें लगातार हमलों से सिस्टम का कमजोर होना और सहयोगी देशों जैसे कतर और यूएई में अमेरिकी रडार सिस्टम का नष्ट होना शामिल है. इन रडार सिस्टम के नष्ट होने से मिसाइल ट्रैकिंग और चेतावनी देने की क्षमता कम हो गई है, जिससे इंटरसेप्शन में मुश्किल बढ़ गई है. साथ ही लेबनान में सक्रिय Hezbollah के हमलों ने भी इज़राइल और अमेरिकी रक्षा प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डाला है.
अमेरिका ने तैनात किए थे एडवांस सिस्टम
28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़े हमले से पहले, अमेरिका ने इजरायल के आसपास कई एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किए थे. इनमें THAAD सिस्टम (इजरायल और जॉर्डन में) और नौसेना के AEGIS डेस्ट्रॉयर शामिल थे, जो SM-2, SM-3 और SM-6 मिसाइलों से लैस हैं. लेकिन इसके बावजूद मिसाइल इंटरसेप्शन में कमी देखी जा रही है, क्योंकि पहले के संघर्षों (जून 2025) में भी इन सिस्टम का बड़ा स्टॉक खत्म हो चुका था.
ईरान की उन्नत मिसाइल तकनीक
ईरान ने कई नई और उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है, जिनमें Fattah-2 शामिल है. यह मिसाइल हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल तकनीक से लैस है, जो तेज गति और दिशा बदलने की क्षमता के कारण एयर डिफेंस को चकमा दे सकती है. इसके अलावा, कुछ मिसाइलों में कई वॉरहेड होते हैं, जिससे उन्हें रोकना और मुश्किल हो जाता है. वीडियो फुटेज में देखा गया है कि कई ईरानी मिसाइलें इंटरसेप्टर मिसाइलों को चकमा देकर सीधे अपने लक्ष्य पर हमला कर रही हैं.
रडार सिस्टम को भारी नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने करीब 2.7 अरब डॉलर के हाई-टेक रडार सिस्टम नष्ट कर दिए हैं. इनमें कतर का AN/FPS-132 और जॉर्डन व यूएई के AN/TPY-2 रडार शामिल हैं. इन रडार के नष्ट होने से अमेरिका और इज़राइल को अब जहाज आधारित रडार और तुर्की में मौजूद AN/TPY-2 रडार पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
 
पूरी स्थिति यह दिखाती है कि ईरान की मिसाइल तकनीक तेजी से उन्नत हो रही है, जबकि इजरायल और अमेरिका की एयर डिफेंस सिस्टम लगातार हमलों के कारण दबाव में हैं. लगातार हमले, रडार सिस्टम का नुकसान और सीमित इंटरसेप्टर स्टॉक ये सभी मिलकर मौजूदा हालात में मिसाइल डिफेंस को कमजोर कर रहे हैं.
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सौरभ पाल का नाता उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की है. सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है. …और पढ़ें
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