इलाहाबाद जनकल्याण समिति के अध्यक्ष मोहम्मद हन्जला ने ईरान की जनता के प्रति गहरी संवेदना और नैतिक एकजुटता व्यक्त करते हुए उनके पक्ष में समर्थन जुटाया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत पर गम का इजहार किया।
एडवोकेट हन्जला ने कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व पर हमला या असामान्य परिस्थिति न केवल उस देश की आंतरिक स्थिरता को प्रभावित करती है, बल्कि वैश्विक शांति, अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीतिक मर्यादाओं के लिए भी चुनौती बनती है।
उन्होंने कहा कि युद्ध, सैन्य टकराव और आक्रामक बयानबाज़ी किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकते। हालिया घटनाक्रम को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़रायल की भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है, किंतु ऐसे समय में सभी देशों को संयम, संवाद और कूटनीतिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी चाहिए।
समिति ने स्पष्ट किया कि वह मानवाधिकारों, अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रत्येक राष्ट्र की संप्रभुता के सिद्धांतों का सम्मान करती है। निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और किसी भी प्रकार की हिंसा से आम जनता को बचाया जाना आवश्यक है।
भारत सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह अपने संवैधानिक मूल्यों और शांति की परंपरा के अनुरूप वैश्विक मंचों पर संतुलित एवं शांतिपूर्ण पहल का समर्थन करे।
दरियाबाद कटेहरा में आयोजित बैठक में परशुराम चौहान, मोहम्मद यूनुस, रियाज़, मोहम्मद मुबीन, ज़ुबैर अहमद और मोहम्मद नासिर. कानून के सैयद अब्बास हुसैन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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