ईरान से बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँचा – BBC

ईरान से बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुँच गया है.
सुमंत सिंह
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ईरान से बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुँच गया है.
बीबीसी उर्दू के उमरदराज को पाकिस्तान के विमानन सूत्रों ने बताया है कि जेडी वेंस का 'एयर फ़ोर्स टू' विमान इस्लामाबाद में उतर चुका है.
पिछले 21 सालों के लंबे अंतराल के बाद किसी अमेरिकी उपराष्ट्रपति की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है. इससे पहले, तत्कालीन अमेरिकी उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने 2005 में पाकिस्तान का दौरा किया था.
इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता के लिए जेडी वेंस के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और राष्ट्रपति के दामाद जैरेड कुशनर भी आए हैं.
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही इस्लामाबाद पहुँच चुका है.
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इसराइल ने अगले हफ़्ते अमेरिका में लेबनान के साथ औपचारिक शांति वार्ता शुरू करने पर सहमति जताई है, लेकिन उसने कहा है कि वह हिज़्बुल्लाह के साथ संघर्षविराम पर चर्चा नहीं करेगा.
यह बात शुक्रवार को अमेरिका में इसराइल के राजदूत माइकल लाइटर ने कही.
लाइटर ने कहा, "इसराइल ने आतंकवादी संगठन हिज़्बुल्लाह के साथ संघर्षविराम पर बातचीत से इनकार किया है. यह लगातार इसराइल पर हमले करता है और दोनों देशों के बीच शांति में सबसे बड़ी बाधा है".
इससे पहले यह ख़बर आई कि अमेरिका में लेबनान और इसराइल के राजदूतों के बीच कथित तौर पर फ़ोन पर बातचीत हुई.
लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, मंगलवार को प्रस्तावित वार्ता इसराइल-हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्षविराम पर केंद्रित होगी.
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अमेरिका से बातचीत के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँच चुका है. इस टीम का नेतृत्व कर रहे ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा है कि उन्हें अमेरिका पर 'भरोसा नहीं' है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, इस्लामाबाद पहुँचने पर ईरान के प्रतिनिधिमंडल के साथ आए ईरानी पत्रकारों से बात करते हुए ग़ालिबाफ़ ने कहा, "एक साल से भी कम समय में दो बार बातचीत के दौरान और हमारे नेक इरादों के बावजूद, हम पर हमला किया गया और कई युद्ध अपराध किए गए."
उन्होंने कहा, "हमारी मंशा अच्छी है, लेकिन हमें अमेरिका पर भरोसा नहीं है."
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी तसनीम के मुताबिक़, ग़ालिबाफ़ ने कहा, "अगर अमेरिका एक सच्चे समझौते के लिए तैयार है और ईरानी लोगों के वैध अधिकारों को मान्यता देता है, तो ईरान भी समझौते के लिए पूरी तत्परता दिखाएगा."
हालाँकि, उन्होंने चेतावनी दी कि "अगर अमेरिका इस वार्ता का इस्तेमाल सिर्फ़ शक्ति प्रदर्शन या धोखे की रणनीति के रूप में करना चाहता है, तो ईरान अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने के लिए तैयार है."
ग़ालिबाफ़ ने ईरान पर हुए हालिया हमलों के दौरान उनके देश की ओर से की गई रक्षात्मक और जवाबी कार्रवाई का भी जिक्र किया.
उन्होंने कहा, "यह इस बात का सबूत है कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और अपनी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तैयार और दृढ़ संकल्पित है."
लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक़, इसराइल और लेबनान के बीच बातचीत अगले हफ़्ते मंगलवार को वॉशिंगटन में शुरू होगी, जिसमें इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्षविराम पर चर्चा की जाएगी.
इस बातचीत में अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा.
राष्ट्रपति जोसेफ औन के कार्यालय ने कहा कि दोनों देश अमेरिका में मिलेंगे, जहां "संघर्षविराम की घोषणा और (इसराइल और लेबनान के बीच) सीधी वार्ता शुरू करने की तारीख़ तय करने" की कोशिश की जाएगी.
शुक्रवार को अमेरिका में लेबनान और इसराइल के राजदूतों के बीच कथित तौर पर फ़ोन पर बातचीत हुई. इसमें लेबनान में अमेरिकी राजदूत भी शामिल थे. इस बातचीत का मक़सद संघर्षविराम के लिए बैठक का आयोजन करना था.
इस बीच लेबनान के गृह मंत्री अहमद हज्जार ने कहा है कि उनके देश का लक्ष्य संघर्षविराम तक पहुँचना है.
बीबीसी अरबी सेवा की संवाददाता कैरीन टोर्बी के मुताबिक़, हज्जार ने कहा, "लक्ष्य संघर्षविराम है. इसके लिए जो भी करना पड़े, दुनिया के किसी भी कोने तक जाना हो, हम इसके लिए तैयार हैं, जिससे कि अपने देश के लिए सुरक्षा, शांति और स्थिरता हासिल कर सकें".
उन्होंने कहा, "हम कूटनीतिक रास्ते पर बहुत गंभीरता से काम कर रहे हैं".
हज्जार ने यह बयान उस जगह पर दिया जहाँ इसराइल ने बुधवार को हमला किया था.
लेबनान के गृह मंत्री बेरूत में बड़े इसराइली हमले वाली एक जगह पर पहुँचे थे. इस जगह पर इसराइल ने बुधवार को हमला किया था.
हालिया घटनाक्रम को देखते हुए बीबीसी को लगता है कि संघर्षविराम पहले लागू होने की सूरत में ही लेबनान के अधिकारी इसराइल के साथ सीधी वार्ता में शामिल होंगे.
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अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ शांति वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं.
उनका विमान 'एयर फ़ोर्स टू' फ़्रांस की राजधानी पेरिस में पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक़ ईंधन भरने के लिए रुका.
रवाना होने से पहले वेंस ने पत्रकारों से कहा, "अगर ईरान अच्छी भावना से बातचीत के लिए तैयार है, तो हम भी खुले दिल से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं".
लेकिन उपराष्ट्रपति ने चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा, "अगर वे हमें बेवकूफ़ बनाने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि बातचीत करने वाली (अमेरिकी) टीम इतनी सहज नहीं है".
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी वार्ता टीम को 'कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश' दिए हैं.
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति के दामाद जैरेड कुशनर भी शामिल हैं, जो ट्रंप के पहले कार्यकाल में सलाहकार रह चुके हैं. इसके अलावा अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं.
ये दोनों पहले इसराइल-ग़ज़ा युद्ध को ख़त्म करने के लिए युद्धविराम वार्ता और रूस-यूक्रेन के बीच लड़ाई रोकने के प्रयासों में अमेरिका की ओर से बातचीत में शामिल रहे हैं.
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ईरान की सरकार के मुताबिक़, अमेरिका से बातचीत के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल जिस विमान से पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुँचा है, उसका नाम 'मिनाब 168' रखा गया है.
ईरान में पिछले दिनों लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले पर इस फ़्लाइट का नाम रखा है. इस हमले में मारे गए लोगों में ज़्यादातर बच्चे थे.
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फ़रवरी को हुए मिसाइल हमले में ये लोग मारे गए थे, जिसमें ईरान के मिनाब शहर में स्थित लड़कियों का प्राथमिक स्कूल तबाह हो गया था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अमेरिकी जाँचकर्ताओं का मानना है कि संभव है कि अमेरिकी बलों ने अनजाने में इस स्कूल को निशाना बना दिया हो. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पहले ही कह चुके हैं कि इस मामले की जाँच की जा रही है.
पाकिस्तान में उतरने के बाद ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें विमान की सीटों पर चार बच्चों की तस्वीरें रखी हुई दिखती हैं. हर तस्वीर के साथ एक स्कूली बैग और एक-एक फूल रखा गया है.
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "इस फ़्लाइट में मेरे साथी".
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि अमेरिका-ईरान वार्ता एक बार में ख़त्म हो जाएगी या आने वाले हफ़्तों में जारी रहेगी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है.
जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई बैकअप प्लान है, तो उन्होंने कहा, "बैकअप प्लान की ज़रूरत नहीं है".
ट्रंप ने ये बातें वर्जीनिया के शार्लोट्सविले जाने के लिए विमान में सवार होते समय पत्रकारों से बातचीत में कही हैं.
उनसे यह भी पूछा गया कि इस्लामाबाद में वार्ता के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से क्या कहा, तो ट्रंप ने जवाब दिया, "मैंने उन्हें शुभकामनाएँ दीं".
एक अन्य पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि उनके मुताबिक़ ईरान के साथ एक अच्छा समझौता कैसा होगा.
इस पर उन्होंने कहा, "कोई परमाणु हथियार नहीं", और यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि सत्ता में बदलाव पहले ही हो चुका है.
उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट ईरान के सहयोग के साथ या बिना भी खुल जाएगा, हालाँकि उन्होंने कहा कि अमेरिका को इसकी ज़रूरत नहीं है.
ट्रंप ने कहा, "हम इसे बहुत जल्द खुलवा देंगे".
अमेरिकी राष्ट्रपति से उन रिपोर्ट्स के बारे में भी पूछा गया जिनमें कहा गया है कि ईरान होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाज़ों पर शुल्क लगा सकता है, इस पर उन्होंने जवाब दिया, "हम ऐसा नहीं होने देंगे".
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ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँच गया है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँच गया है. स्थानीय मीडिया का कहना है कि नूर ख़ान हवाई अड्डे पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया.
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने उनका स्वागत किया. इस दौरान नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक, सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और गृह मंत्री सैयद मोहसिन रजा नक़वी भी मौजूद रहे.
ईरान के सरकारी टीवी के टेलीग्राम चैनल के मुताबिक़, इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ कर रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक़ उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हेम्मती और ईरानी संसद के कई सदस्य भी आए हुए हैं.
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