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एपस्टीन फाइल्स को लेकर राजनीति में विवाद गहराता जा रहा है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस उनके इस्तीफे की मांग कर रही है. अब बीजेपी ने कांग्रेस के सदस्य रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 2010 में जेफरी एपस्टीन से वित्त पोषित पुरस्कार हासिल किया था.
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘2010 में जेफरी एपस्टीन के कथित तौर पर वित्त पोषित एक पुरस्कार सीनियर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को दिया गया था, जिन्हें गांधी परिवार के करीबी के रूप में देखा जाता रहा है.’
बता दें कि कपिल सिब्बल ने साल 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी. अब वो वर्तमान में समाजवादी पार्टी समर्थित राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य हैं.
एपस्टीन को बताया ‘कांग्रेस सरकार का वैलेंटाइन’
प्रदीप भंडारी ने एक दस्तावेज पोस्ट करते हुए लिखा, ‘उस दौर के तुरंत बाद तत्कालीन कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान कई नीतिगत बदलाव देखने को मिले. क्या ये महज संयोग थे या एपस्टीन के बाहरी प्रभाव ने कांग्रेस सरकार के फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की? राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए! एपस्टीन- कांग्रेस सरकार का वैलेंटाइन!’
Epstein — Congress Government’s #Valentine !
In 2010, an award reportedly funded by Jeffrey Epstein was received by senior Congress leader Kapil Sibal, a figure long seen as close to the Gandhi family. Sam Pitroda too was associated with the same circles.
-Soon after that… pic.twitter.com/Z4xQNEhV8S
‘मोहब्बत की दुकान चल रही थी…’
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘एपस्टीन के साथ कांग्रेस की किस तरह की मोहब्बत की दुकान चल रही थी? कपिल सिबल ने एपस्टीन के वित्त पोषित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह से पुरस्कार क्यों स्वीकार किया? राहुल गांधी संसद में बहुत बोलते हैं, है ना? क्या अब वो इस बारे में कुछ कहेंगे?’
सिब्बल ने आरोपों को किया खारिज
कपिल सिब्बल ने इन तमाम आरोपों को खारिज कर दिया है. वहीं, कांग्रेस ने भी इस आरोप को सिरे से नकारा दिया है. कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्स पर किए एक पोस्ट में कहा, ‘हे राम, इस देश को बीजेपी के मूर्खों से मुक्त कराओ. बीजेपी के प्रदीप भंडारी और शहजाद पूनावाला ये दावा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि कपिल सिब्बल का नाम जेफरी एपस्टीन की फाइलों में है. उनकी निराशा के लिए, वो ऐसा नहीं करता.’
Hey Ram, free this country from the dumb BJP crowd!
BJP’s @pradip103 and @Shehzad_Ind are trying to peddle the claim that @KapilSibal appears in the Jeffrey Epstein files.
Much to their disappointment, he does not. In the process, they have only exposed their astonishing… pic.twitter.com/f0cKN4aojc
इस प्रक्रिया में, उन्होंने सिर्फ उस दस्तावेज को पढ़ने में अपनी चौंकाने वाली अक्षमता को उजागर किया है, जिसके वे चुनिंदा स्क्रीनशॉट पोस्ट कर रहे हैं.
पनन खेड़ा ने बीजेपी को घेरा
पवन खेड़ा ने बताया कि दूसरे शब्दों में, ये न्यूयॉर्क में होने वाली प्रमुख सार्वजनिक घटनाओं की एक संकलित सूची थी. ऐसी घटनाएं जिन पर एपस्टीन नजर रखना चाहता होगा. क्यों? क्योंकि वो यही करता था. वो एक शिकारी था जो अभिजात वर्ग और प्रभावशाली लोगों पर नजर रखता था.
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खेड़ा ने लिखा, ‘ये 59 पन्नों का दस्तावेज है, जिसमें सम्मेलनों से लेकर फैशन शो तक के कार्यक्रमों की सूची है. कपिल सिब्बल का नाम पेज 55 पर है, जो कि इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन के एक कार्यक्रम में शामिल है. लेकिन बीजेपी के प्रचारकों ने इतना आगे पढ़ने की जहमत ही नहीं उठाई.’
बीजेपी पर लगाया मनगढ़ंत कहानी गढ़ने का आरोप
पवन खेड़ा ने आगे कहा, ‘उन्होंने (बीजेपी) नाम देखा, उत्साहित हो गए और तुरंत एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ने में जुट गए. इस उम्मीद में कि विपक्ष को इस मामले में घसीटकर अपने ही बदनामी के सवालों से ध्यान भटका सकें.’
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