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आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए घोषित कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची ने पार्टी के भीतर कई नेताओं को चौंका दिया है. पार्टी ने छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना से कुल 6 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. यह सूची पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा मंजूर की गई है और इससे यह भी तय होगा कि वह उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष का पद बरकरार रख पाएंगे या नहीं. हालांकि, फिलहाल इस सूची के कारण किसी बड़े सियासी उलटफेर की संभावना नहीं है.
कांग्रेस की इस सूची में दोबारा नामित नेताओं के साथ-साथ अपेक्षाकृत कम चर्चित चेहरों को जगह दी गई है, जिसे पार्टी के अंदरूनी सूत्र ‘हाइपरलोकल’ रणनीति करार दे रहे हैं. वर्तमान में, राज्यसभा में कांग्रेस के लगभग 27 सदस्य हैं, जो उच्च सदन में इसकी ऐतिहासिक संख्या से काफी कम है. पार्टी के पास सीमित रिक्तियों को देखते हुए, शीर्ष नेतृत्व ने स्थानीय नेतृत्व और राजनीतिक निष्ठा को प्राथमिकता दी है.
हरियाणा से हुई सरप्राइज एंट्री
हरियाणा से कांग्रेस ने करमवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है, जो अनुसूचित जाति से आते हैं. पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनकी उम्मीदवारी को राहुल गांधी के करीबी और वरिष्ठ नेता के. राजू का समर्थन प्राप्त था. हालांकि, इस चयन ने राज्य इकाई में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है. हरियाणा कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, राज्य के कई नेताओं को शुरू में यह तक पता नहीं था कि करमवीर सिंह बौद्ध कौन हैं. बताया गया कि नामांकन की सूचना मिलने के बाद करमवीर सिंह ने खुद पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को फोन कर उनका समर्थन मांगा, तब जाकर हुड्डा को उनके चयन की जानकारी मिली.
हिमाचल में डार्क हॉर्स पर दांव
हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस ने कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाया है. सूची में उनका पदनाम भी स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है ताकि किसी भ्रम की गुंजाइश न रहे. अनुराग शर्मा को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है और हाल ही में उन्हें कांगड़ा जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. हिमाचल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं आनंद शर्मा और प्रतिभा सिंह को भी दावेदार माना जा रहा था. हालांकि, कांग्रेस ने अनुराग शर्मा को प्राथमिकता दी.
TN में साधा सामाजिक संतुलन
तमिलनाडु से कांग्रेस का नामांकन सबसे आश्चर्यजनक माना जा रहा है. यह फैसला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम-कांग्रेस गठबंधन के भीतर चल रही बातचीत के बीच आया है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई और वरिष्ठ नेता ए. चेल्लाकुमार के नाम चर्चा में थे. देर रात तक दिल्ली और चेन्नई में पार्टी नेतृत्व के बीच मंथन के बाद एम. क्रिस्टोफर तिलक के नाम की घोषणा हुई, जो वर्तमान में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में सेक्रेटरी हैं.
तेलंगाना में मिला वफादारी का इनाम
तेलंगाना से वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी को एक और कार्यकाल के लिए दोहराया गया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह फैसला अपेक्षित था, क्योंकि सिंघवी पार्टी के कानूनी मोर्चे का नेतृत्व करते हैं. इसके अलावा वेम नरेंदर रेड्डी को भी उम्मीदवार बनाया गया है, जिन्हें पार्टी ने उनकी निष्ठा के लिए पुरस्कृत किया है. वह वर्तमान में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सलाहकार हैं.
छत्तीसगढ़ में ट्राइबल फेस पर भरोसा
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ से मौजूदा सांसद फूलो देवी नेताम को दोबारा नामित किया है. हालांकि, इस सीट के लिए एक दर्जन से अधिक स्थानीय नेता दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने आदिवासी प्रतिनिधित्व को बरकरार रखने का फैसला किया.
नेता प्रतिपक्ष का दर्जा रहेगा बरकरार
आगामी 16 मार्च को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. कांग्रेस की चार सीटें खाली हो रही थीं, जबकि तमिलनाडु और तेलंगाना से पार्टी को दो अतिरिक्त सीटें मिल रही हैं. इन चुनावों के बाद इस बात की पूरी संभावना है कि राज्यसभा में कांग्रेस के कुल सदस्यों की संख्या 28 रहेगी, जो नेता प्रतिपक्ष का दर्जा बनाए रखने के लिए जरूरी 25 सीटों से अधिक है.
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