सोशल मीडिया से निकलकर सड़कों तक पहुंचा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन अब देश की मुख्यधारा की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। बीते सोमवार को दिल्ली में हुई विपक्षी इंडिया गठबंधन की अहम बैठक में पेपर लीक और दूसरे राजनीतिक मुद्दों के साथ CJP पर भी लंबी चर्चा हुई। CJP का मुद्दा पार्टी के आधिकारिक एजेंडे में शामिल नहीं था, फिर भी यह चर्चा के केंद्र में बना रहा।
सूत्रों के मुताबिक, 23 विपक्षी दलों की करीब ढाई घंटे चली बैठक में कई नेताओं ने युवाओं की नाराजगी, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और रोजगार के मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान CJP का जिक्र बार-बार किया गया। कई नेताओं ने माना कि हाल के दिनों में इस संगठन ने युवाओं के बीच तेजी से अपनी पहचान बनाई है।
हालांकि बैठक में कुछ नेताओं ने इस नए मंच को लेकर चिंता भी जताई। उनका मानना था कि सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ रखने वाला यह आंदोलन कहीं किसी छिपे राजनीतिक मकसद से प्रेरित तो नहीं है। कुछ नेताओं ने यह सवाल भी उठाया कि जिन मुद्दों पर पारंपरिक विपक्षी दल लंबे समय से आंदोलन करते रहे हैं, वहां अब CJP जैसी नई ताकतें युवाओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं।
हालांकि गठबंधन के कई बड़े नेताओं ने इस आंदोलन को सकारात्मक नजरिये से देखने की बात कही। जम्मू-कश्मीर के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, “CJP निश्चित रूप से कुछ सही कर रही है।” उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि इस संगठन और इसके नेतृत्व के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहिए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस सोच का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे लेकिन देश में स्वतंत्र और लोगों से जुड़े आंदोलनों को भी बढ़ावा मिलना चाहिए। बैठक में वर्चुअली शामिल हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने CJP के चीफ अभिजीत दिपके को सराहा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध के लिए हमेशा जगह होनी चाहिए।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि CJP का उदय आखिर किस वजह से हुआ है। अधिकांश नेताओं की राय थी कि यह किसी राजनीतिक एजेंडे का नतीजा नहीं बल्कि युवाओं और छात्रों के भीतर बढ़ रही नाराजगी और निराशा की अभिव्यक्ति है। सीपीआई लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी इस आंदोलन को लेकर उम्मीद जताई, हालांकि कुछ छोटे दलों ने इसके भविष्य को लेकर अपनी आशंकाएं भी सामने रखीं।
जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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