Harley-Davidson Price in India: अभी भारत में 800 cc से 1600 cc वाली विदेशी बाइक्स पर करीब 44% टैक्स लगता है. इसमें बेसिक कस्टम ड्यूटी और सोशल वेलफेयर चार्ज शामिल हैं.
Trending Photos
Harley-Davidson Price in India: ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच एक नई Trade Deal होने वाली है. इस डील के तहत अमेरिका से पूरी तरह बनकर आने वाली (CBU) मोटरसाइकिलों पर से इंपोर्ट ड्यूटी हटाई जा सकती है. अगर ऐसा होता है, तो 800 cc से 1600 cc इंजन वाली हार्ले -डेविडसन बाइक्स की कीमत काफी कम हो सकती है, जिससे इन्हें खरीदना आसान हो जाएगा.
टैक्स का बोझ और कीमतों में गिरावट
अभी भारत में 800 cc से 1600 cc वाली विदेशी बाइक्स पर करीब 44% टैक्स लगता है. इसमें बेसिक कस्टम ड्यूटी और सोशल वेलफेयर चार्ज शामिल हैं. सरकार अगर इस टैक्स को हटा देती है, तो प्रीमियम बाइक्स की कीमतों में भारी गिरावट आएगी. हालांकि, बिक्री कितनी बढ़ेगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग इन्हें कितना पसंद करते है.
बिक्री के ताज़ा आंकड़े
अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच, हार्ले -डेविडसन ने 800 cc से 1600 cc कैटेगरी में सिर्फ 97 बाइक्स बेचीं. पिछले साल के मुकाबले इसमें केवल 1% की मामूली बढ़त देखी गई है. इस रेंज में नाइटस्टर (Nightster) और पैन अमेरिका (Pan America) जैसे नए मॉडल शामिल हैं, जिन्हें युवा राइडर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन फिलहाल इनकी बिक्री काफी कम है.
बड़ी और भारी बाइक्स का घटता क्रेज
दूसरी ओर, 1600 cc से ज्यादा पावर वाली भारी-भरकम बाइक्स की मांग कम हो रही है. इस कैटेगरी में हार्ले की बिक्री में 15% की गिरावट आई है. फैट बॉब (Fat Bob) और स्ट्रीट ग्लाइड (Street Glide) जैसे मॉडलों की घटती लोकप्रियता यह बताती है कि भारतीय ग्राहक अब बहुत भारी क्रूजर बाइक्स के बजाय मीडियम रेंज वाली मशीनों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
हीरो मोटोकॉर्प के साथ हाथ
2019 में कम मांग और भारी टैक्स की वजह से हार्ले -डेविडसन ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी थी. लेकिन बाद में कंपनी ने हीरो मोटोकॉर्प के साथ मिलकर वापसी की. अब वे भारत में ही X440 जैसी सस्ती बाइक्स बना रहे है. अगर नया व्यापार समझौता लागू होता है, तो यह हार्ले की रणनीति को और मजबूती देगा क्योंकि उनकी महंगी विदेशी बाइक्स भी अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन जाएंगी.
क्या सुधरेंगे हालात?
ड्यूटी फ्री (टैक्स फ्री) एक्सेस मिलने से हार्ले की पारंपरिक बड़ी बाइक्स को तो शायद ज्यादा फायदा न मिले, लेकिन उनके मिड-कैपेसिटी (800-1600cc) मॉडल्स को संजीवनी मिल सकती है. लंबे समय से ज्यादा कीमतों की मार झेल रही कंपनी के लिए यह एक अच्छा मौका है कि वह भारतीय बाजार मे अपनी खोई हुई पकड़ वापस पा सके.
डिजिटल पत्रकार और ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट हैं, ऑटोमोबाइल सेगमेंट में काम करने का 5 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस. खबरों के साथ-साथ यूट्यूब वीडियो के जरिए ऑटोमोबाइल सेगमेंट की बारीक खबरों का अपडेट…और पढ़ें
Thank you
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.