Feedback
ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के शेरकोट कस्बे में शिया समुदाय के लोगों में गहरा शोक और आक्रोश देखा गया. इस घटना को लेकर समुदाय के लोगों ने शेरकोट में शांतिपूर्ण रैली निकालते हुए काले झंडे फहराए और विरोध स्वरूप थाना प्रभारी शेरकोट को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा.
बताया गया कि रैली के दौरान बड़ी संख्या में समुदाय के लोग एकत्र हुए. लोगों ने काले वस्त्र धारण कर हाथों में काले झंडे लेकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से मार्च निकाला. पूरे आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा.
ज्ञापन में मुमिनीन, शेरकोट, जिला बिजनौर की ओर से भारत के राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा गया कि वे भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हैं. ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि एक संयुक्त सैन्य कार्रवाई के परिणामस्वरूप हुई है, जिससे विश्वभर के शिया और समर्थक समुदाय में गहरा दुख और चिंता व्याप्त है.
समुदाय की ओर से ज्ञापन में चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया. पहला, भारतीय संविधान की आत्मा न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों पर आधारित है, इसलिए किसी भी जाति, धर्म या देश के लोगों के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता. दूसरा, इस प्रकार की घटनाएं वैश्विक शांति और सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती हैं. तीसरा, भारत सरकार से आग्रह किया गया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर निष्पक्ष और स्पष्ट रुख अपनाते हुए हर प्रकार की हिंसात्मक कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाए. चौथा, किसी भी समुदाय के दुख और आघात का समाधान स्थायी शांति और आपसी मैत्री के माध्यम से ही संभव है.
ज्ञापन में यह भी आशा व्यक्त की गई कि भारत के सर्वोच्च संवैधानिक नेतृत्व द्वारा मानवता,शांति और न्याय के पक्ष में संतुलित और सकारात्मक संदेश दिया जाएगा. रैली शांतिपूर्वक संपन्न हुई और अंत में समुदाय के लोगों ने शांति, भाईचारे और इंसानी सम्मान की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन किया.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू