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Cricket Association for the Blind in India: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) की पुरुष और महिला टीमों की मदद करने का ऐलान किया है. यह फैसला ब्लाइंड खिलाड़ियों को बेहतर मौके देने की दिशा में बोर्ड का बड़ा ऐलान है. बता दें, भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने पिछले साल ही टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. वहीं, पुरुष टीम भी कई वर्ल्ड चैंपियनशिप जीत चुकी है. लेकिन भारतीय ब्लाइंड क्रिकेट टीम को अभी तक BCCI से मान्यता भी नहीं मिल रखी है. जिसके चलते खिलाड़ियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है.
इस नई पहल के तहत बीसीसीआई दोनों टीमों (पुरुष और महिला) को हर साल दो इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए दौरे का खर् देगी. इसके अलावा, जब भारत में सीरीज आयोजित की जाएंगी, तो मेजबान और मेहमान टीमों के लिए रहने की व्यवस्था भी बोर्ड की ओर से की जाएगी. ब्लाइंड क्रिकेटरों को घरेलू और इंटरनेशनल मैचों के लिए बीसीसीआई के स्टेडियमों और मैदानों पर खेलने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें अच्छी सुविधा मिल पाएंगी.
यह स्ट्रक्चर सपोर्ट ब्लाइंड क्रिकेटरों के लिए मौके, बुनियादी ढांचे और इंटरनेशनल एक्सपोजर को मजबूत करने पर केंद्रित है. बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, ‘भारत के ब्लाइंड क्रिकेटरों की उपलब्धियां क्रिकेट जगत के लिए गर्व का स्रोत हैं. इस स्ट्रक्चर सपोर्ट के जरिए से बीसीसीआई का उद्देश्य इन खिलाड़ियों के लिए मौके, बुनियादी ढांचे और पहचान को मजबूत करना है.’
भारत में में ब्लाइंड क्रिकेट और ब्लाइंड क्रिकेटर्स गुमनामी के अंधेरे में खोए हुए हैं. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, ब्लाइंड क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को मैच फीस के तौर पर सिर्फ 3 हजार रुपए मिलते हैं. ये सिर्फ ब्लाइंड महिला टीम नहीं, बल्कि ब्लाइंड पुरुष टीम का भी हाल है. सारा खर्च क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) और कुछ दयालु स्पॉन्सर्स उठाते हैं. लेकिन बीसीसीआई के इस ऐलान के बाद बोर्ड के साथ-साथ खिलाड़ियों को भी मदद मिलेगी, जो उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है.