दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना भारत से 14 हजार किमी दूर है. लेकिन वहां की संसद का एक वायरल वीडियो भारत के लोगों को खूब पसंद आ रहा है. भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में हिंदी बोलने वाले इस वीडियो को शान से शेयर कर रहे हैं.
बात ऐसी है कि गुयाना सरकार के एक मंत्री ने हिंदी बोलकर अपने उस विपक्षी सांसद को ललकार दिया, जिसने ये दावा किया था कि उन्हें हिंदी नहीं आती. इससे आहत होकर मंत्री ने खुलेआम चुनौती दे दी कि वो जहां चाहें, जिस विषय पर चाहें, उनसे डिबेट कर लें. वो उनके हर सवाल का जवाब हिंदी में देंगे. वो भी बिना कागज देखे.
यह वीडियो सबसे पहले गुयाना में भारतीय हाई कमिश्नर ने ‘एक्स’ पर डाला था. इसके बाद से यह सोशल मीडिया पर वायरल है.
क्या है वीडियो में?
दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के उत्तर में है गुयाना. बगल में सूरीनाम है और नीचे ब्राजील. गुयाना की संसद में दो सांसदों के बीच झगड़ा हो गया. झगड़ा भी भाषा को लेकर हुआ. भाषा भी हिंदी. विपक्ष के सांसद विष्णु पांडेय ने कृषि मंत्री विकास रामकिसुन पर आरोप लगाया कि उनको तो हिंदी आती ही नहीं है. एक भी शब्द नहीं बोल पाएंगे.
बस यही बात रामकिसुन के दिल पर जा लगी. आहत हो गए. ऐसे आहत हुए कि सदन में खड़े होकर पांडेय को चुनौती दे डाली कि जगह तुम्हारी. विषय तुम्हारा. जब मन करे बुला लेना. बिना कागज देखे एक-एक बात का जवाब हिंदी में दे दूंगा.
अब एकदम ऐसा नहीं बोला, लेकिन जो बोला उसका ‘भाव’ यही है. क्या बोला वो भी जान लीजिए. सदन को संबोधित करते हुए रामकिसुन ने विपक्षी सदस्य का नाम लिया और उन्हें खुली चुनौती देते हुए कहा,
आदरणीय सदस्य माननीय विष्णु पांडेय. मैं अभी इसी वक्त उनको चुनौती देता हूं कि किसी भी स्तर पर, किसी भी जगह पर जाकर… विषय वो तय करेंगे और जितनी भी बहस वह करना चाहते हैं, वो तय करेंगे. मैं बिना कागज देखे हिंदी में डिबेट करूंगा.
उन्होंने कहा कि ये बहस किसी टीवी पर हो सकती है या जहां विपक्षी सांसद कहें वहां हो जाएगी. लेकिन ये पूरी तरह से हिंदी में होगी और बिना कोई नोट या कागज देखे होगी.
#BREAKING: Major Faceoff in Guyana Parliament over Hindi Language:
When Opposition questioned Hindi speaking ability of MP Vikash Ramkisoon, he responded in chaste Hindi.
“Mai Unhe Chunauti Deta Hoon, Vishay Woh Tay Karenge, Aur mai abhi debate karoonga bina Kagaz Ke” pic.twitter.com/Dw9sH9aIsC
रामकिसुन की इस चुनौती को सुनकर सदन में सन्नाटा छा गया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर यूजर्स ने उनकी हिंदी की सराहना की है. कई लोगों ने कहा कि रामकिसुन की हिंदी पर सवाल उठाना बेकार है. वह धारा प्रवाह हिंदी बोल रहे हैं और कागज भी नहीं देख रहे.
हिंदी बोलने वालों ने भी उनकी इस बात पर तारीफ की कि गुयाना में पले-बढ़े होने के बावजूद वह अपने भारतीय कनेक्शन को नहीं भूले हैं और अपने पूर्वजों की भाषा में जोरदार तरीके से संसद में विपक्षी सांसद को चुनौती दे रहे हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़े हैं रामकिसुन
हालांकि, रामकिसुन की हिंदी पर उन्हें उतनी हैरानी नहीं हो रही है जो ये जानते हैं कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़े हैं. यहां से उन्होंने कॉमर्स में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. 13 सितंबर, 2025 को उन्होंने गुयाना में कृषि राज्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली है और मंत्री के रूप में वह भारत-गुयाना के बीच एक सांस्कृतिक सेतु के तौर पर भी काम करते हैं.
बता दें कि भारत से 14 हजार किमी दूर स्थित गुयाना की 40 फीसदी आबादी भारतीय मूल की है. 200 साल पहले भारत के हिंदी प्रदेशों बिहार, यूपी और झारखंड से लाखों की संख्या में भारतीय गिरमिटिया मजदूरों को गुयाना ले जाया गया था. ये लोग समय के साथ वहां के लोगों में घुल-मिल गए. इतने सालों बाद भी भारतीय मूल के लोगों ने गुयाना में रहते हुए भी अपनी सांस्कृतिक पहचान को जिंदा रखा है. वहां के सार्वजनिक जीवन में हिंदी का अच्छा-खासा प्रयोग देखने को मिलता है.
वीडियो: सोशल लिस्ट: HDFC बैंक ‘ठाकुर विवाद’: आस्था सिंह के वायरल वीडियो के बाद आई क्या सफाई?
Advertisement
Advertisement