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गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज नहर रोड स्थित आवास पर देवरिया के एक शिक्षक ने शनिवार 21 फरवरी की सुबह फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. आत्महत्या से पहले शिक्षक ने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो भी बनाया. जिसमें देवरिया के शिक्षा विभाग के एक लिपिक पर प्रताड़ित करने और 16 लाख रुपए लेने का आरोप लगाया है. फिलहाल पुलिस ने मामले कीं जांच शुरू कर दी है.
सैलरी जारी करने के लिए रुपये मांग रहा था बाबू
मूल रूप से कुशीनगर के कुबेरस्थान वर्षीय क्षेत्र के रहने वाले शिक्षक कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में टीचर थे. वह शिवपुर सहबाजगंज में बड़े भाई के यहां परिवार के साथ रहते थे. शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली.
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परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. परिजनों के अनुसार शिक्षक ने नौकरी के नाम पर पत्नी के गहने बेचकर और बैंक से कर्ज लेकर रुपये दिए थे. आरोप है कि शुक्रवार को देवरिया में संबंधित बाबू ने उन्हें बुलाकर रुपए को लेकर अपमानित किया था, जिससे वे मानसिक रूप से आहत थे.
कृषक लघु माध्यमिक 5 स्कूल मदरसन में 2016 में जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, उनका वेतन 2022 में बाधित कर दिया गया था. इसमें खुदकशी करने वाले शिक्षक भी शामिल थे. हाईकोर्ट ने वेतन भुगतान का आदेश दिया था. शिक्षक के पास से मिले सुसाइड नोट के अनुसार बीएसए कार्यालय के एक बाबू ने 20 लाख रुपये मांगे. जिसके बाद उसने कर्ज लेकर 16 लाख रुपये दिए. फिर भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया.
सुसाइड नोट में CM से की गई है ये मांग
शिवपुर सहबाजगंज में शनिवार की सुबह आत्महत्या करने वाले शिक्षक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित चार पेज का सुसाइड नोट लिखा था. जिसमें देवरिया के बेसिक शिक्षा विभाग के एक बाबू पर 48 लाख रुपये घूस लेने का गंभीर आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि वह मरना नहीं चाहते थे, पत्नी और बच्चों के लिए जीना चाहते थे.
लेकिन उन्हें मरने के लिए मजबूर कर दिया गया. सुसाइड नोट में उनके अलावा दो अन्य शिक्षकों से भी 16-16 लाख रुपये लिए जाने का जिक्र किया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. सुसाइड नोट के अनुसार तीनों शिक्षक कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, गौरी बाजार (देवरिया) में कार्यरत थे.
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इसलिए रोका गया था बेतन
वर्ष 2021 में नियुक्ति संबंधी जांच के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और मामला हाईकोर्ट तक लंबित रहा. आरोप है कि बाद में बीएसए कार्यालय के बाबू ने मामले में राहत दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 16 लाख रुपए प्रति व्यक्ति तय किया गया.
नोट में लिखा है कि 27 जुलाई को देवरिया में बीएसए कार्यालय के पास पौधशाला के निकट घूस की पहली किस्त दी गई. शेष रकम अलग-अलग तिथियों में दी गई. आरोप है कि रुपये की व्यवस्था करने के लिए पत्नी के गहने गिरवी रखे गए, जमीन रेहन रखी गई और बैंक से कर्ज लिया गया. शिक्षक ने 17 नवंबर को बैंक शाखा पादरी बाजार से सात लाख रुपए निकालने का भी उल्लेख किया है.
शिक्षक ने अपने पूर्व प्रधानाध्यापक पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने बीएसए कार्यालय में संपर्क कराया. शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वो कर्ज के बोझ और अपमान से वह टूट चुके थे. उनकी आत्महत्या के जिम्मेदार संबंधित अधिकारी हैं. उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि शुक्रवार को मुझे बीएसए ऑफिस बुलाया गया. वहां पर जलील किया गया, जिसे मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया और मैं आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया.
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