जंग के बीच पाकिस्‍तान पर फूटा 'पेट्रोल बम', मची अफरा-तफरी, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें! – AajTak

मिडिल ईस्‍ट में जंग के बीच पाकिस्‍तान पर आर्थिक चोट साफ तौर पर दिखाई दे रही है. पाकिस्‍तान ने अपने नागरिकों पर ‘पेट्रोल बम’ फोड़ा है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अबतक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है. यह इजाफा ऐसे वक्त में किया गया है, जब पाकिस्‍तान ने एक दिन पहले ही ये दावा किया था कि उसके पास पर्याप्‍त कच्‍चे तेल है. 
पाकिस्तान ने शुक्रवार देर रात पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि की है. सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 55 पेंसलोर प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जिससे पेट्रोल की कीमत 321.17 पेंसलोर प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 335.86 पेंसलोर प्रति लीटर हो गई है. हाल के वर्षों में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक है. 
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है, जिससे ग्‍लोबल 20 फीसदी कच्‍चे तेल की सप्‍लाई पर बड़ा संकट आ चुका है, क्‍योंकि ईरान का होर्मूज जलडमरूमध्‍य मार्ग बंद है, जिससे वैश्विक तेल बाजारों में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं बढ़ गई हैं. 
इस मार्ग पर पाकिसतान ज्‍यादा निर्भर
अधिकारियों ने कहा कि उप प्रधानमंत्री इशाक डार, वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक के नेतृत्व में आपातकालीन परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगने की आशंकाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया था. वहीं पाकिस्‍तान ईंधन के आयात के लिए इस मार्ग पर ज्‍यादा निर्भर है. 
पाकिस्‍तान अधिकांश कच्चे तेल की खरीद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते करता है, जिससे यह देश क्षेत्र में किसी भी व्यवधान के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हो जाता है. यह जलमार्ग वैश्विक तेल शिपमेंट के एक बड़े हिस्से को संभालता है, और इस मार्ग पर तनाव ने एशिया जाने वाले माल के लिए कीमतों और बीमा लागतों को बढ़ा दिया है. 
पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें 
अचानक हुई इस बढ़ोतरी से कई शहरों में अफरा-तफरी मच गई और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं, क्योंकि उपभोक्ता मूल्य संशोधन से पहले अपनी गाड़ियों में ईंधन भरवाने के लिए दौड़ पड़े. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जमाखोरी के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं, लेकिन मध्य पूर्व संकट कब तक जारी रहेगा, इस अनिश्चितता के बीच इनका सावधानीपूर्वक उपयोग करना चाहिए. 
अधिकारियों ने कहा कि वैश्विक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए घरेलू ईंधन की कीमतों की समीक्षा अब साप्ताहिक आधार पर की जाएगी. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने सरकार के साथ चल रही बातचीत के दौरान पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह बढ़ती इंटरनेशनल प्राइस के अनुसार ईंधन की कीमतों में समायोजन करे.
महंगाई को बढ़ा सकती है ये बढ़ोतरी
अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि यह बढ़ोतरी व्यापक महंगाई को तेजी से बढ़ा सकती है, जिससे परिवहन, भोजन और बिजली की लागत में वृद्धि हो सकती है. पहले से ही उच्च ऋण और कमजोर विकास के दबाव में चल रही अर्थव्यवस्था के लिए यह और भी मुश्किल होगा. वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति संबंधी जोखिमों बढ़ता है तो ऊर्जा कीमतों में और भी ज्‍यादा इजाफा हो सकता है. 
 
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