Air defence Shortage: यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम देने के बाद जर्मनी सहित यूरोप के कई देशों में एयर डिफेंस की कमी हो गई है. रूस से बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी के स्टॉक लगभग खत्म हो चुके हैं. नए पैट्रियट सिस्टम का ऑर्डर दिया गया है, लेकिन उनकी डिलीवरी में अभी समय लगेगा.
Air defence Shortage: अमेरिका सहित पूरा यूरोप एयर डिफेंस की कमी से जूझ रहा है. किसी के पास इंटरसेप्टर मिसाइल की कमी है तो किसी के पास एयर डिफेंस सिस्टम की कमी हो गई है. ईरान-इजरायल और अमेरिका की जंग में यह बुरी खबर है. इधर विरोधी गुट लगातर मैदान में डटे हुए हैं. वह चाहे रूस हो या ईरान हो. जर्मनी के कुछ अधिकारियों ने अमेरिकी अखबार Wall Street Journal से बातचीत में कहा है कि यूक्रेन को सैन्य सिस्टम देने के बाद अब जर्मनी की अपनी हवाई और मिसाइल रक्षा क्षमता कमजोर हो गई है. खासकर MIM-104 Patriot एयर डिफेंस सिस्टम यूक्रेन को भेजने के कारण जर्मनी की सुरक्षा पर असर पड़ा है.
जर्मनी के लिए यह खतरनाक है. क्योंकि रूस जर्मनी को अपना दुश्मन मानता है. इसकी वजह यूक्रेन की युद्ध में मदद है. जर्मनी ने यूक्रेन को एयर डिफेंस से लेकर हमला करने के लिए टॉरस मिसाइल सप्लाई किया है. इस मिसाइल ने रूस में काफी तबाही मचाई है.
पोलैंड में भी तैनात किए गए सिस्टम
स्थिति और मुश्किल तब हो गई जब 2025 के अंत में जर्मनी ने अपने बचे हुए पैट्रियट सिस्टम को नाटो की पूर्वी सीमा की सुरक्षा के लिए पोलैंड में तैनात कर दिया.
यह सब ऐसे समय में हुआ है जब रूस के साथ तनाव काफी ज्यादा है. लिथुआनिया में जर्मन सेना की नई ब्रिगेड तैनात की गई है. 22 मई 2025 को जर्मन सेना ने लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में 45वीं आर्मर्ड ब्रिगेड की शुरुआत की. यह ब्रिगेड बेलारूस की राजधानी मिन्स्क से लगभग 150 किमी दूर है. रूस की राजधानी मॉस्को से लगभग 800 किमी दूरी पर है. इस ब्रिगेड का उद्देश्य नाटो की सीमा पर तेज और आधुनिक सैन्य प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ाना है.
रूस की नई मिसाइल क्षमता
इसी दौरान रूस ने मध्यम और लंबी दूरी की क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित की हैं, जो जर्मनी तक हमला करने में सक्षम हैं. इसके अलावा रूस ने उत्तर कोरिया से Pukkuksong-2 बैलिस्टिक मिसाइल भी खरीदी है. जर्मनी ने पहले ही अपने पैट्रियट सिस्टम यूक्रेन को दे दिए हैं. जर्मनी, नीदरलैंड और अमेरिका 2023 की शुरुआत में यूक्रेन को पैट्रियट सिस्टम देने वाले पहले तीन देश थे. अप्रैल 2024 में जर्मनी की विदेश मंत्री Annalena Baerbock ने कहा था कि अब जर्मनी के पास और पैट्रियट सिस्टम देने की क्षमता लगभग खत्म हो गई है.
जर्मनी का स्टॉक खत्म
जर्मन विदेश मंत्री ने कहा कि जर्मनी के स्टॉक लगभग खत्म हो चुके हैं. अब यूरोप और दुनिया में उपलब्ध पैट्रियट सिस्टम की जांच करनी होगी, ताकि यूक्रेन की मदद जारी रखी जा सके. यूक्रेन में लड़ाई के दौरान रूस ने कई पैट्रियट सिस्टम को नष्ट कर दिया. इसलिए फ्रंटलाइन पर इन सिस्टम की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. हालांकि जर्मनी ने नए सिस्टम का ऑर्डर दिया है. जर्मनी के रक्षा मंत्रालय ने 2024 में अमेरिका से 8 नए पैट्रियट सिस्टम खरीदने का ऑर्डर दिया था. हालांकि अभी एयर डिफेंस मिलने में समय लगेगा.
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सौरभ पाल का नाता उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की है. सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है. …और पढ़ें
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