IFJ Report on Journalist Killing Cases: अंतरराष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (IFJ) ने दुनियाभर में पत्रकारों के साथ हिंसा और हत्या को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं. इस रिपोर्ट में मिडिल ईस्ट खासकर इजरायली फौज के जरिये जानबूझकर किए गए हमलों में सबसे ज्यादा कलम के सिपाहियों की मौत हुई है. IFJ ने दुनियाभर के देशों से पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की है.
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Journalist Killing Cases Worldwide 2025: सच सामने लाने की जिम्मेदारी निभाने वाले पत्रकार आज दुनिया के सबसे खतरनाक हालात में काम कर रहे हैं. युद्ध, हिंसा, दमन और सत्ता की नाखुशी के बीच पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं. इसी कड़वी हकीकत को उजागर करती है अंतरराष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (IFJ) की ताजा रिपोर्ट, जिसमें बताया गया है कि साल 2025 पत्रकारिता के लिए एक और बेहद खौफनाक, खूनखराबे वाला साल साबित हुआ.
IFJ की ओर से जारी अंतिम ‘किल्ड लिस्ट’ के मुताबिक, साल 2025 में दुनिया भर में कुल 128 पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की हत्या हुई. रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे ज्यादा पत्रकारों की जान मिडिल ईस्ट और अरब वर्ल्ड में गई, जो इस साल पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक क्षेत्र बनकर उभरा.
रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट और अरब वर्ल्ड में कुल 74 पत्रकारों की मौत हुई, जो वैश्विक स्तर पर मारे गए पत्रकारों की संख्या का करीब 58 फीसदी है. IFJ ने बताया कि इसकी सबसे बड़ी वजह संघर्ष और युद्ध क्षेत्रों में की गई रिपोर्टिंग है, खासतौर पर ग़ज़ा में चल रही जंग. ग़ज़ा में इजरायल पर जानबूझकर कई जगह पत्रकारों की हत्या करने के आरोप लगे.
रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले फिलिस्तीन में ही 56 पत्रकारों की हत्या दर्ज की गई, जो संघर्षग्रस्त इलाकों में काम कर रहे मीडिया कर्मियों के लिए हालात की भयावहता को दर्शाता है. IFJ ने अपने बयान में कहा कि 2025 में मिडिल ईस्ट और अरब वर्ल्ड ने पत्रकारों की मौतों का एक ‘डरावना रिकॉर्ड’ बनाया है.
रिपोर्ट में बताया गया कि सबसे खौफनाक घटना 10 अगस्त को हुई, जब अल जजीरा के रिपोर्टर अनस अल-शरीफ को इजरायली फौज ने निशाना बनाकर हमला किया गया. इस हमले में अनस अल-शरीफ समेत पांच अन्य पत्रकार और मीडिया कर्मी मारे गए. यह हमला गाजा सिटी में अल-शिफा अस्पताल के बाहर पत्रकारों के लिए लगाए गए एक टेंट पर किया गया था.
IFJ के मुताबिक, 2025 में मारे गए पत्रकारों में 9 की मौत दुर्घटनाओं में हुई, जबकि 10 महिला पत्रकार भी इस हिंसा का शिकार बनीं. फेडरेशन ने यह भी पुष्टि की कि 10 दिसंबर के बाद 17 अतिरिक्त मामलों की पहचान हुई, जिसके बाद पहले जारी 111 मौतों के आंकड़े को संशोधित कर 128 किया गया.
देशवार आंकड़ों की बात करें तो रिपोर्ट में बताया गया है कि यमन में 13, यूक्रेन में 8 और सूडान में 6 पत्रकारों की मौत हुई. वहीं भारत और पेरू में चार-चार पत्रकारों की हत्या का मामला दर्ज किया गया. इसके अलावा पाकिस्तान, मैक्सिको, फिलीपींस और पेरू जैसे देशों में तीन-तीन पत्रकार मारे गए. एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कुल 15 पत्रकारों की जान गई और यह क्षेत्र पत्रकारों को जेल में डालने के मामले में भी सबसे आगे रहा.
IFJ की रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में इस समय 277 पत्रकार और मीडिया कर्मी जेल में बंद हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि चीन, जिसमें हांगकांग भी शामिल है, पत्रकारों को कैद करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश बना हुआ है, जहां 143 पत्रकार जेल में हैं. इसके बाद म्यांमार में 49 और वियतनाम में 37 पत्रकार कैद हैं.
यूरोप में 2025 के दौरान 10 पत्रकारों की हत्या के मामले सामने आए, जिनमें से 8 मौतें यूक्रेन में हुईं, जहां रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है. अफ्रीका में 9 पत्रकारों की काम से जुड़ी हत्याएं हुईं, जिनमें सूडान में 6 मौतें दर्ज की गईं. अमेरिका महाद्वीप में कुल 11 पत्रकारों की जान गई, जिसमें पेरू सबसे आगे रहा, जहां 4 पत्रकार मारे गए.
IFJ ने इसके साथ ही दुनिया भर में 533 पत्रकारों के जेल में बंद होने की सूची भी जारी की और बढ़ते दमन, अपराधियों को सजा न मिलने पर चिंता जताई. संगठन ने बताया कि 1990 से शुरू की गई सालाना ‘किल्ड लिस्ट’ के बाद से अब तक दुनिया भर में 3,173 पत्रकारों की मौत दर्ज की जा चुकी है.
IFJ के महासचिव एंथनी बेलांजर ने इन आंकड़ों को वैश्विक संकट बताया. उन्होंने कहा कि ये मौतें इस बात की क्रूर याद दिलाती हैं कि पत्रकार सिर्फ अपना काम करने की वजह से बेखौफ निशाना बनाए जा रहे हैं. उन्होंने सरकारों से पत्रकारों की सुरक्षा, दोषियों को सजा दिलाने और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की. साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय तंत्र अपनाने की मांग भी की.
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रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू…और पढ़ें
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