AISPLB on US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर के बाद इजरायल भी हमले रोकने पर सहमत हुआ. इस बीच AISPLB के मौलाना यासूब अब्बास ने ईरान को जीत की बधाई देते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल हार गए.
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US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान हुआ है. इस ऐलान के बाद इजरायल भी सहमत हो गया है और तेहरान पर हमले न करने पर सहमति जताई है. इस बीच ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के जनरल सेक्रेटरी, मौलाना यासूब अब्बास ने बुधवार को ईरान को उसकी “जीत” पर बधाई दी. अब्बास ने कहा कि US खुद को एक “सुपरपावर” समझता था. लेकिन, युद्ध के 40वें दिन, वह इजरायल के साथ हार गया, जबकि ईरान जीत गया.
उन्होंने कहा, “US खुद को एक सुपरपावर समझता था. 40वें दिन, ईरान जीत गया और अमेरिका और इज़राइल हार गए. मैं ईरान की जीत पर सभी को बधाई देता हूं.” उन्होंने आगे कहा, “कल ट्रंप ऐसे बयान देते थे कि हम ईरान को तबाह कर देंगे, कि हम उनके गैस प्लांट, पानी के प्लांट जहां पानी साफ होता है, उन्हें तबाह कर देंगे कि हम तुम्हारे पुलों को तबाह कर देंगे और अब यह.”
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ट्रंप ने दी थी धमकी
इससे पहले US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर “बमबारी और हमले” के अभियान को रोकने का ऐलान किया था, दो हफ़्ते के दो-तरफा सीजफायर की घोषणा करते हुए कहा था कि ईरान का 10-सूत्री प्रस्ताव काम करने लायक है. ईरान ने एक व्यापक 10-सूत्री ढांचा पेश किया है, जिसके बारे में उसका कहना है कि यह एक पूर्ण समाधान का आधार बनता है. बयान के अनुसार, US से कई मुख्य सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध होने की उम्मीद है, जिसमें “अनाक्रमण” और “होरमुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण जारी रहना” शामिल है, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक तेल परिवहन का मुख्य मार्ग है.
ईरान के प्रस्ताव पर ट्रंप की हामी
ट्रंप ने कहा कि 10-सूत्री प्रस्ताव एक स्थायी समझौते के लिए बातचीत का आधार बनेगा, साथ ही यह दोहराया कि US ने अपने अधिकांश सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बातचीत के आधार पर, जिसमें उन्होंने मुझसे अनुरोध किया कि मैं आज रात ईरान भेजे जा रहे विनाशकारी बल को रोक लूं और इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए, मैं दो हफ़्तों की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को रोकने पर सहमत हूं. यह दोनों तरफ से लागू होने वाला ‘सीजफायर’ होगा!”
ट्रंप ने क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा, “ऐसा करने का कारण यह है कि हमने अपने सभी सैन्य उद्देश्य पहले ही पूरे कर लिए हैं और उनसे कहीं आगे निकल गए हैं. साथ ही हम ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति और मध्य-पूर्व में शांति सुनिश्चित करने वाले एक निर्णायक समझौते की दिशा में काफी आगे बढ़ चुके हैं. हमें ईरान की ओर से 10-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है और हमारा मानना है कि यह बातचीत शुरू करने के लिए एक व्यावहारिक आधार है.” ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अतीत के लगभग सभी विवादित मुद्दों पर सहमति जता दी है, और इस समय-विस्तार से एक स्थायी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा.
इन मुद्दों पर बन गई है सहमति
उन्होंने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच अतीत के लगभग सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन दो हफ़्तों की यह अवधि समझौते को अंतिम रूप देने और उसे पूर्ण करने का अवसर प्रदान करेगी. संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर और साथ ही मध्य-पूर्व के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए मेरे लिए यह बड़े सम्मान की बात है कि एक लंबे समय से चली आ रही यह समस्या अब समाधान के बेहद करीब पहुंच चुकी है.”
इनपुट- ANI
तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now…और पढ़ें
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