एटा के जैथरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को विश्व टीबी दिवस पर एक जागरूकता एवं स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को टीबी (क्षय रोग) के प्रति जागरूक करना और ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान के तहत चल रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करना था।
चिकित्साधिकारी राहुल चतुर्वेदी ने बताया कि शासन टीबी उन्मूलन के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रहा है। 100 दिवसीय अभियान के तहत संभावित मरीजों की पहचान, त्वरित जांच, नि:शुल्क उपचार और पोषण सहायता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी जैसे टीबी के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।
इस अवसर पर टीबी रोगियों को पोषण सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ आधुनिक हैंडलिंग एक्स-रे मशीन के माध्यम से संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। इससे रोग की समय रहते पहचान सुनिश्चित हो सकी। कार्यक्रम में आठ टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग कर उन्हें दवा देना शुरू किया गया।
कार्यक्रम में चिकित्साधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को टीबी उन्मूलन के लिए सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि जनभागीदारी, नियमित जांच और उपचार से ही टीबी मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
नागरिकों से अपील की गई कि वे टीबी के प्रति जागरूक रहें, लक्षणों को नजरअंदाज न करें और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही नि:शुल्क जांच एवं उपचार सुविधाओं का लाभ उठाकर ‘टीबी मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने में सहयोग करें। इस मौके पर चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल चतुर्वेदी, डॉ. सुलेमान, हरेंद्र, राम बहादुर दीक्षित, सुधीर राठौर, सौरभ यादव, विमल खान और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
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