Top News Today: ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच कई प्रमुख इस्लामी देशों ने इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सऊदी अरब, तुर्की, इंडोनेशिया समेत आठ प्रमुख मुस्लिम देशों ने इजरायल द्वारा पारित नए कानून की तीखी निंदा की है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने गुरुवार को जारी एक संयुक्त बयान में कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ मौत की सजा का प्रावधान करने वाले विधेयक को ‘क्षेत्रीय स्थिरता’ के लिए गंभीर खतरा बताया है। इसी बीच, मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान संघर्ष चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों से साफ हो गया है कि ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अभी समाप्त होने वाला नहीं है। ईरान के सैन्य कमांडर-इन-चीफ अमीर हतामी ने गुरुवार को सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के ऑपरेशनल मुख्यालय को दुश्मन की हर गतिविधि पर अत्यधिक सतर्कता और सटीक नजर रखनी चाहिए। पढ़ें आज की बड़ी खबरें…
ईरान से जुड़े युद्ध के माहौल में कई इस्लामी देशों ने इजरायल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मोर्चा खोल दिया है। सऊदी अरब, तुर्की और इंडोनेशिया समेत आठ प्रमुख इस्लामी देशों ने इजरायल द्वारा पारित नए कानून की तीखी निंदा की है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने गुरुवार को जारी संयुक्त बयान में कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान करने वाले विधेयक को ‘क्षेत्रीय स्थिरता’ के लिए गंभीर खतरा बताया। सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, कतर, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने कहा कि यह कानून एक खतरनाक बढ़ोतरी है, खासकर फिलिस्तीनी कैदियों के खिलाफ इसके भेदभावपूर्ण इस्तेमाल को देखते हुए। बयान में जोर देकर कहा गया कि ऐसे कदम तनाव को और बढ़ा सकते हैं तथा क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर…
मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान संघर्ष चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद साफ हो गया है कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अभी समाप्त होने वाला नहीं है। इस बीच ईरान के सैन्य कमांडर-इन-चीफ अमीर हतामी ने गुरुवार को सरकारी मीडिया को दिए बयान में कहा कि देश के ऑपरेशनल मुख्यालय को दुश्मन की हर गतिविधि पर अत्यंत सतर्कता और सटीक नजर रखनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार के हमले का मुकाबला करने के लिए सेना पूरी तरह तैयार रहे। हतामी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दुश्मन जमीनी कार्रवाई की कोशिश करता है तो कोई भी शत्रु सैनिक जीवित नहीं बचना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण लगभग एक महीने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है। बिना अनुमति होर्मुज पार करने वाले जहाजों पर ईरान मिसाइलें दागकर उन्हें समुद्र में डुबो रहा है। दुनिया भर के देश इस चिंता में हैं कि होर्मुज को कैसे फिर से खुलवाया जाए। ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठक आयोजित की है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें भारत को भी न्योता मिला है और केंद्र सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि तेहरान को पाषाण युग में वापस भेज दिया जाएगा। इस पर ईरान ने जोरदार पलटवार किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एयरोस्पेस फोर्स कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि यह आप ही हैं जो अपने सैनिकों को उनकी कब्रों तक ले जा रहे हैं, न कि ईरान जिसे आप पाषाण युग में वापस धकेलना चाहते हैं। हॉलीवुड के भ्रम ने आपके दिमाग को इतना जहर से भर दिया है कि महज 250 साल के इतिहास वाले आप 6000 साल से भी पुरानी सभ्यता को धमकी दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ईरान से सुरक्षित निकाले गए भारतीय नागरिकों की संख्या बताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान ईरान से 1200 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें 845 छात्र शामिल हैं। निकासी आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते की जा रही है। जायसवाल ने बताया कि 996 लोग आर्मेनिया पहुंचे जबकि 204 अजरबैजान गए। विदेश मंत्रालय दोनों देशों में भारतीय मिशनों और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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