अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए डेडलाइन कर दी है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास होर्मुज को खोलने के लिए मंगलवार शाम तक का समय है. अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसके पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा. ट्रंप ने ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को दिए इंटरव्यू में ईरान को एक बार फिर धमकी दी. हालांकि यूएस प्रेसिडेंट की धमकी का कोई असर ईरान पर पड़ता हुआ नहीं दिख रहा है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए अमेरिका के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है.
ईरान ने क्या रखी शर्त?
ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े अधिकारी मेहदी तबातबाई ने ट्रंप की धमकियों पर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को तभी खोला जाएगा, जब ट्रांजिट टोल का एक हिस्सा युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.
ईरान के स्पीकर गालिबाफ ने अमेरिका को दी चेतावनी
ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके लापरवाह कदमों का मतलब होगा कि हमारा पूरा इलाका जल उठेगा. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘आपके लापरवाह कदम अमेरिका को हर परिवार के लिए एक जीते-जागते नरक की ओर खींच रहे हैं और हमारा पूरा क्षेत्र जल उठेगा क्योंकि आप नेतन्याहू के आदोशों का पालन करने पर अड़े हुए हैं.’
ट्रंप ने ईरान को दिया था अल्टीमेटम
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर वे मंगलवार शाम तक कुछ नहीं करते हैं तो उनके पास न तो कोई पावर प्लांट बचेगा और न ही कोई पुल सुरक्षित रहेगा. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर ये भी बता दिया था कि अमेरिका ईरान पर कब बड़े हमले करेगा. ट्रंप ने लिखा, ‘मंगलवार की रात 8 बजे ईस्टर्न टाइम (भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह)’
ट्रंप ने जताई डील की उम्मीद
ट्रंप ने ये भी उम्मीद जताई कि सोमवार तक ईरान के साथ डील हो सकती है. उन्होंने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि सोमवार अच्छा मौका है, वो अभी बातचीत कर रहे हैं. अगर वे कोई डील नहीं करते हैं तो मैं सोच सबकुछ उड़ा देने और तेल पर कब्जा करने पर विचार कर रहा हूं.
ट्रंप ने इससे पहले ईरान को गाली देते हुए कहा था, ‘मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट दिवस और पुल दिवस एक साथ मनाया जाएगा. ऐसा पहले कभी नहीं होगा!!! पागलों! तुम होर्मुज स्ट्रेट को खोल तो वरना नरक में जाओगे – देखते रहिए! अल्लाह से प्रार्थना करो.’
भारत की बढ़ेगी टेंशन!
भारत में फिलहाल तेल का तो कोई संकट नजर नहीं आ रहा है, लेकिन एलपीजी की आपूर्ति जरूर चुनौती बनी हुई है. सरकार ने उसके लिए भी प्लान तैयार कर लिया है और लगातार एलपीजी ग्राहकों को पीएनजी पर शिफ्ट करने पर फोकस कर रही है. 5 अप्रैल को सरकार ने बताया था कि बीते एक महीने में करीब आठ लाख ग्राहक पीएनजी पर शिफ्ट भी हुए हैं. इसके अलावा मिडिल ईस्ट से आने वाली यूरिया और डीएपी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है. अगर होर्मुज जल्दी नहीं खुलता है तो उर्वरक का भी संकट पैदा हो सकता है.
Source: IOCL
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