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राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप की शपथ से पहले अमेरिका के कई गोपनीय दस्तावेज लीक होने का मामला सामने आया है. आरोप है कि चीन सरकार के समर्थित हैकर्स ने इस महीने अमेरिकी वित्त विभाग के कंप्यूटर सिस्टम में सेंधमारी की है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सांसदों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वित्त विभाग के थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर के सिस्टम में सेंधमारी की गई है. इस हैकिंग के जरिए गोपनीय दस्तावेजों से लेकर कई कर्मचारियों के वर्कस्टेशन तक में सेंधमारी हुई है.
हालांकि, अभी यह जानकारी नहीं दी है कि कितने वर्कस्टेशन को रिमोट तौर पर एक्सेस किया गया या हैकर्स ने किस तरीके के डॉक्यूमेंट्स हासिल किए हैं.
विभाग ने कहा कि हम अपने सिस्टम्स के खिलाफ सभी खतरों को बहुत गंभीरता से लेते हैं. पिछले चार साल में वित्त विभाग ने अपने साइबर डिफेंस को बेहतर बनाया है. हम अपने फाइनेंशियल सिस्टम को ऐसे हैक से बचाने के लिए प्राइवेट और पब्लिक दोनों सेक्टर के पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करेंगे.
यह सेंधमारी आठ दिसंबर को हुई थी, जिसके बारे में विभाग ने अब ये जानकारी दी है. अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि उन्हें आठ दिसंबर को बियॉन्डट्रस्ट के जरिए हुई इस सेंधमारी का पता चला. एफबीआई FBI और अन्य एजेंसियां मिलकर इसकी जांच कर रही हैं.
चीन ने आरोपों से किया इनकार
उधर, वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने हैकिंग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि चीन के खिलाफ बिना किसी तथ्य के अमेरिका द्वारा इस तरह के आरोप लगाने का हम पुरजोर विरोध करते हैं.
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