गयाजी रेलवे स्टेशन पर सोमवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वन्य जीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान 28 जीवित कछुए बरामद किए गए, जिन्हें बाद में वन विभाग को सौंप दिया गया।
कार्रवाई ‘ऑपरेशन विलेप’ के तहत आरपीएफ और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त टीम की ओर से की गई। टीम ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए इन कछुओं को बरामद किया।
आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव के अनुसार, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर उप निरीक्षक मुकेश कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ पोस्ट गया, सीपीडीएस टीम और जीआरपी के जवान गया रेलवे स्टेशन पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर खड़ी गाड़ी संख्या 13010 (देहरादून-हावड़ा डाउन दून एक्सप्रेस) के एक सामान्य कोच की तलाशी ली गई।
जांच के दौरान, टीम को कोच संख्या ई.आर.-247139 में एक पिट्ठू बैग और एक प्लास्टिक के झोले लावारिस हालत में मिला। संदेह होने पर जब इन बैगों की तलाशी ली गई, तो उनके अंदर जूट के बोरों में 28 जीवित कछुए पाए गए।
वन विभाग ने संरक्षण में लिया
कछुए वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं, जिसके कारण टीम तुरंत सतर्क हो गई। प्रथम दृष्टया यह मामला वन्य जीव तस्करी से जुड़ा प्रतीत हुआ। आरपीएफ टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी कछुओं को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया और बैगों को जब्त कर लिया। बरामदगी के बाद इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई।
कुछ समय बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी 28 जीवित कछुओं को अपने संरक्षण में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि इन कछुओं की अवैध रूप से तस्करी कर अन्य स्थानों पर भेजे जाने की आशंका थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कछुए पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और इनकी सुरक्षा करना आवश्यक है।
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