स्रोत: पीआईबी
नीति आयोग, ट्रांसयूनियन सिबिल और माइक्रोसेव कंसल्टिंग (MSC) की संयुक्त रिपोर्ट, जिसका शीर्षक ‘ऋण प्राप्त करने वाली महिलाओं से लेकर निर्माता तक: महिलाएँ और भारत का विकसित होता ऋण बाज़ार’ है, इस बात पर प्रकाश डालती है कि महिलाएँ बुनियादी वित्तीय पहुँच से उद्यमशील अर्थव्यवस्था की प्रमुख चालक बनने की ओर बढ़ रही हैं।

भारत के ऋण परिदृश्य में एक संरचनात्मक बदलाव देखा जा रहा है, जहाँ महिलाएँ उच्च गुणवत्ता वाली और ज़िम्मेदार उधारकर्त्ता के रूप में उभर रही हैं। समय की कमी जैसी व्यवहारगत बाधाओं को दूर करके तथा प्रवाह-आधारित अंडरराइटिंग के लिये डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) का उपयोग करके, भारत केवल वित्तीय समावेशन से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व में मज़बूत एवं सतत विकास की दिशा में अग्रसर हो सकता है।
दृष्टि मेन्स प्रश्न:
प्रश्न. ऋण की पहुँच बढ़ने के बावजूद, ग्रामीण महिला नैनो-उद्यमियों (RWNEs) को कुछ विशिष्ट संरचनात्मक और व्यावहारिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। विस्तार से समझाइये।
1. 2025 तक भारत में महिला उधारकर्त्ताओं का कुल क्रेडिट पोर्टफोलियो कितना है?
महिला उधारकर्त्ताओं के पास ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो है, जो कुल प्रणालीगत ऋण का 26% है और वर्ष 2017 के बाद से इसमें 4.8 गुना वृद्धि हुई है।
2. रिपोर्ट महिलाओं के लिये ‘टाइम पॉवर्टी’ की बाधा को किस प्रकार परिभाषित करती है ?
यह अवैतनिक देखभाल और घरेलू कार्यों के असमान बोझ को दर्शाती है, जो महिलाओं के पास अपने व्यवसाय के वित्त प्रबंधन या डिजिटल उपकरणों के उपयोग के लिये उपलब्ध समय को सीमित कर देती है।
3. वित्तीय समावेशन के संदर्भ में ‘प्रोजेक्ट सहर’ क्या है ?
यह एक लक्षित क्रेडिट शिक्षा कार्यक्रम है, जिसे वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिये डिज़ाइन किया गया है, ताकि महिलाएँ क्रेडिट स्कोर और दीर्घकालिक वित्तीय योजना को बेहतर ढंग से समझ सकें।
प्रश्न. माइक्रोफाइनेंस कम आय वर्ग के लोगों को वित्तीय सेवाएँ प्रदान करना है। इसमें उपभोक्ता और स्वरोज़गार करने वाले, दोनों शामिल हैं। माइक्रोफाइनेंस के तहत दी जाने वाली सेवा/सेवाएँ हैं (2011)
सूचियों के नीचे दिये गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिये:
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 4
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (d)
प्रश्न 1. “महिला सशक्तीकरण जनसंख्या संवृद्धि को नियंत्रित करने की कुंजी है।” चर्चा कीजिये। (2019)
प्रश्न 2. भारत में महिलाओं पर वैश्वीकरण के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा कीजिये। (2015)
प्रश्न 3. “महिला संगठनों को लिंगभेद से मुक्त करने के लिये पुरुषों की सदस्यता को बढ़ावा मिलना चाहिये।” टिप्पणी कीजिये। (2013)
प्रिलिम्स के लिये: प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR), नाभिकीय विखंडन, प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर
मेन्स के लिये: भारत का तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम, ऊर्जा सुरक्षा में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBRs) की भूमिका
स्रोत:PIB
भारत ने अपनी स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में प्रमुख उपलब्धि हासिल की है और इस क्रम में तमिलनाडु के कल्पक्कम में स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किये गए प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने सफलतापूर्वक अपनी पहली क्रिटिकलिटी (निरंतर नाभिकीय शृंखला अभिक्रिया की शुरुआत) प्राप्त की।
संघर्ष, प्रतिबंध या शिपिंग देरी जैसे भू-राजनीतिक व्यवधान उन महत्त्वपूर्ण घटकों की आपूर्ति को बाधित कर सकते हैं, जो अभी तक घरेलू स्तर पर उत्पादित नहीं होते हैं। उदाहरण के लिये रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण कुडनकुलम इकाईयों 3 और 4 (2025) में देरी बाहरी निर्भरता के जोखिमों को उजागर करती है।
तैयार बुनियादी ढाँचे, जैसे- लॉजिस्टिक्स और जल की पहुँच के साथ विशेष परमाणु क्षेत्र (SNZ) बनाने से निर्माण-पूर्व विलंब कम होगा। यह अनिश्चितता को कम करता है और परियोजना निष्पादन को गति प्रदान करता है।
परमाणु-हाइड्रोजन और औद्योगिक एकीकरण: परमाणु संयंत्रों को ऊर्जा, हाइड्रोजन और औद्योगिक भाप का सह-उत्पादन करके बहु-उत्पाद केंद्रों में विकसित होना चाहिये।
हाइड्रोजन उत्पादन के लिये अधिशेष बेसलोड पावर का उपयोग करने से संयंत्र की उपयोगिता में सुधार हो सकता है और राजस्व के अतिरिक्त स्रोत बन सकते हैं। यह परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ ईंधन लक्ष्यों के अनुरूप बनाता है और परियोजना की व्यवहार्यता को बढ़ाता है।
परमाणु खरीद दायित्व (NPO): नवीकरणीय खरीद दायित्वों (RPO) के समान परमाणु खरीद दायित्व (NPO) को लागू करने से परमाणु ऊर्जा के लिये सुनिश्चित मांग की प्राप्ति की जा सकती है।
भारत की PFBR की सफल उपलब्धि ऊर्जा सुरक्षा और उसके त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। हालाँकि, परमाणु क्षमता के प्रभावी विस्तार के लिये तकनीकी, वित्तीय और आपूर्ति-शृंखला संबंधी चुनौतियों का समाधान आवश्यक है। उचित नीतिगत समर्थन और नवाचार के साथ, परमाणु ऊर्जा भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का एक विश्वसनीय स्तंभ बन सकती है।
1. फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBR) क्या है ?
यह एक ऐसा रिएक्टर है, जो तीव्र (फास्ट) न्यूट्रॉनों का उपयोग करके अपने उपभोग से अधिक विखंडनीय पदार्थ (जैसे- प्लूटोनियम) का उत्पादन करता है, जिससे ईंधन दक्षता बढ़ती है।
2. भारत के लिये PFBR का क्या महत्त्व है?
यह भारत के परमाणु कार्यक्रम के द्वितीय चरण में प्रवेश को दर्शाता है और थोरियम उपयोग के लिये प्लूटोनियम उत्पादन को सक्षम बनाता है।
3. थोरियम भारत के लिये क्यों महत्त्वपूर्ण है?
भारत के पास विश्व के लगभग 25% थोरियम भंडार हैं, जो तकनीकी रूप से उपयोग में आने पर दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
3. FBR की प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं ?
उच्च पूंजी लागत, सोडियम शीतलक से जुड़े जोखिम, तकनीकी विलंब और आपूर्ति-शृंखला पर निर्भरता इसकी प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
4. SHANTI अधिनियम, 2025 क्या है ?
यह एक कानून है, जो परमाणु विनियमन को आधुनिक बनाता है और कठोर निगरानी के तहत सीमित निजी भागीदारी की अनुमति देता है।
प्रश्न. भारत में, क्यों कुछ परमाणु रिएक्टर ‘आई. ए. ई. ए. सुरक्षा उपायों’ के अधीन रखे जाते हैं, जबकि अन्य इस सुरक्षा के अधीन नहीं रखे जाते ? (2020)
(a) कुछ यूरेनियम का प्रयोग करते हैं और अन्य थोरियम का
(b) कुछ आयातित यूरेनियम का प्रयोग करते हैं और अन्य घरेलू आपूर्ति का
(c) कुछ विदेशी उद्यमों द्वारा संचालित होते हैं और अन्य घरेलू उद्यमों द्वारा
(d) कुछ सरकारी स्वामित्व वाले होते हैं और अन्य निजी स्वामित्व वाले
उत्तर: (b)
प्र. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2017)
1. परमाणु सुरक्षा शिखर-सम्मेलन, संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में आवधिक रूप से किये जाते हैं।
2. विखंडनीय सामग्रियों पर अंतर्राष्ट्रीय पैनल अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण का एक अंग
है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (d)
मेन्स
प्र. ऊर्जा की बढ़ती हुई ज़रूरतों के परिप्रेक्ष्य में क्या भारत को अपने नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम का विस्तार करना जारी रखना चाहिये? नाभिकीय ऊर्जा से संबंधित तथ्यों एवं भयों की विवेचना कीजिये। (2018)
प्र. भारत में नाभिकीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी की संवृद्धि और विकास का विवरण प्रस्तुत कीजिये। भारत में तीव्र प्रजनक रिएक्टर कार्यक्रम का क्या लाभ है ? (2017)
आज की न्यूज़
एक्सप्लोर करें
नया क्या है?
रीज़निंग (10 अप्रैल, 2026)
10 Apr 2026
पीसीएस क्विज़ (10 अप्रैल, 2026)
10 Apr 2026
एडिटोरियल क्विज़ (09 अप्रैल, 2026)
10 Apr 2026
करेंट अफेयर्स क्विज़ (10 अप्रैल, 2026)
10 Apr 2026
गणित (09 अप्रैल, 2026)
09 Apr 2026
पीसीएस क्विज़ (09 अप्रैल, 2026)
09 Apr 2026
तिथिवार संग्रह
मासिक एवं वार्षिक संग्रह
नया क्या है?
रीज़निंग (10 अप्रैल, 2026)
10 Apr 2026
पीसीएस क्विज़ (10 अप्रैल, 2026)
10 Apr 2026
एडिटोरियल क्विज़ (09 अप्रैल, 2026)
10 Apr 2026
करेंट अफेयर्स क्विज़ (10 अप्रैल, 2026)
10 Apr 2026
गणित (09 अप्रैल, 2026)
09 Apr 2026
पीसीएस क्विज़ (09 अप्रैल, 2026)
09 Apr 2026