Bengal: बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान और 2024 आंदोलन के छात्र नेताओं द्वारा बनाई गई नेशनल सिटीजन पार्टी के बीच में विवाद गहराता जा रहा है। पार्टी के नेता और मोहम्मद यूनुस सरकार में सलाहकार रहे आसिफ मुहम्मद सोजिब भुयान ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को खुली धमकी दी है कि हिंसा के मामले में उनका (छात्र नेताओं का) कोई मुकाबला नहीं कर सकता। गौरतलब है छात्र नेता की तरफ से यह बयान उस विवाद के बाद आया है, जिनमें सत्तारुढ़ बांग्लादेश नेशलनिस्ट पार्टी (BNP) और नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के कार्यकर्ताओं के बीच में हिंसा की खबरें सामने आई थीं।
नेशनल पार्टी के नेता भुयांन ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सीधे टकराव से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अगर आप हम पर हिंसा थोपना चाहते हैं, तो यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल, विचारधारा या सिद्धांत के खिलाफ नहीं होगी। यह लड़ाई पूरी तरह से एक पीढ़ी के खिलाफ चली जाएगी। बांग्लादेश की पिछली शेख हसीना सरकार यह गलती करके देख चुकी है। उन्हें इसका अंजाम भुगतना पड़ा। उम्मीद है कि तारिक रहमान उस गलती को नहीं दोहराएंगे।”
अगस्त 2024 में एक आरक्षण को लेकर हो रहे एक आंदोलन के बाद बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपनी सत्ता गंवानी पड़ी थीं। उस समय वह भागकर भारत आ गई थीं और तब से लेकर अब तक वह भारत में ही है। इस आंदोलन में बड़े स्तर पर हिंसा देखने को मिली थी। शेख हसीना के सत्ता में रहते कई आंदोलनकारी मारे गए थे, लेकिन जैसे ही हसीना देश छोड़कर भारत के लिए रवाना हुईं, उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं के ऊपर गुस्सा फूटने लगा। आवामी लीग के सैकड़ों लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस हिंसा के बाद मुहम्मद यूनुस से सत्ता को संभाला और फिर कई महीनों के शासन के बाद चुनाव संपन्न हुए।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भुयांन ने कहा, “अगर ढाका की सत्ता पर बैठी पार्टी हिंसा चाहती है और उसे ही अपना राजनीतिक हथियार बनाना चाहती है, तो उसे 2024 का आंदोलन याद रखना चाहिए था। इस आंदोलन में हमने यह साबित कर दिया था कि हिंसा के मामले में हमारा मुकाबला कोई नहीं कर सकता।”
यह पूरा मामला बीएनपी और एनसीपी के कार्यकर्ताओं में हुई झड़प का है। बांग्लादेश के झेनैदाह शहर में राजनीतिक कार्यक्रम के लिए पहुंचे एनसीपी के अध्यक्ष नसीरुद्दीन पटवरी के ऊपर अंडा फेंका गया। इसके बाद बीएनपी और एनसीपी कार्यकर्ताओं के बीच में झड़प हो गई। इसमें कई लोग घायल हो गए। वर्तमान में झेनैगाह में पुलिस बल तैनात किया गया है।
इससे पहले, 2024 आंदोलन के बाद छात्र नेताओं द्वारा बनाई गई नेशनल सिटिजन पार्टी ने बांग्लादेश में अपना प्रभुत्व बनाने की कोशिश की। मुहम्मद यूनुस की सरकार के समय इन छात्र नेताओं ने सलाहकार की भूमिका में भी काम किया। लेकिन यह छात्र नेता जनता का दिल जीतने में नाकाम रहे। शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद बांग्लादेश में बीएनपी ने अपनी सरकार बनाई और दशकों बाद देश लौटे तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने। छात्र नेताओं की पार्टी चुनावी मैदान में हार गई, लेकिन विरोधियों का कहना है कि वह इस हार को मानने के लिए तैयार नहीं है। इसी वजह से बीएनपी के सत्ता में आने के बाद दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच में कई बार हिंसा देखने को मिली है।
उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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