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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मोमो खाने की लत का फायदा उठाकर नाबालिग से घर के गहने मंगवाने का खेल चल रहा था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से बड़ी मात्रा में कीमती ज्वैलरी बरामद की है. हालांकि, इस पूरे प्रकरण के मुख्य आरोपी दीपक और उसका भाई पिंटू अब भी फरार बताए जा रहे हैं.
जांच में सामने आया कि नाबालिग लड़का मोमो खाने का आदी हो गया था. इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने उसे लालच दिया और एक प्लेट मोमो के बदले घर से गहने लाने की शर्त रख दी. इसके बाद वह कई दिनों तक घर से आभूषण चुपचाप निकालकर स्टॉल पर देता रहा और बदले में मोमो खाता रहा.
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि थाना रामपुर कारखाना क्षेत्र के ग्राम भगवानपुर तिवारी के रहने वाले विमलेश मिश्रा वाराणसी मंदिर में पुजारी हैं. एक फरवरी को इन्होंने तहरीर दिया कि नाबालिग बेटे को मोमो खाने की लत है और इसने मोमो की दुकान चलाने वाले दीपक को घर के सारे गहने बारी- बारी से दे दिया है. यह उन्हें आज ही पता चला है, जब उनकी बहन घर आई और अपने रखे हुए गहने की मांग की. जब अलमारी खोला तो उनके होश उड़ गए. सारे गहने गायब थे.
कौन चलाता है मोमो की दुकान?
जानकारी करने पर उनके बेटे ने पूरी बात बता दी. पुलिस ने इसमें डुमरी चौराहे पर मोमो की दुकान चलाने वाले दीपक, भाई पिंटू, चाचा राकेश पर केस दर्ज किया. साथ ही इसमें वादी के नाबालिग बेटे को भी अभियुक्त बनाया और विवेचना शुरू कर दी.
मुखबिर की सूचना पर 3 फरवरी को डुमरी चौराहे से इस घटना में शामिल राकेश, लीलावती देवी और एक बाल अपचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. राकेश की निशानदेही पर कुछ गहने बरामद किए गए तो लीलावती देवी के निशानदेही पर जमीन में गाड़ कर रखे गए कुछ गहनों की पुलिस ने बरामदगी की है.
एडिशनल एसपी आंनद कुमार पांडेय ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई है, पकड़े गए अभियुक्क्त राकेश दीपक का चाचा है और लीलावती दीपक की मां है, जिसे जेल भेजा जा रहा है. इसमें शिकायतकर्ता विमलेश मिश्रा के नाबालिग बेटे को बाल सुधार गृह भेजा जा रहा है.
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