पहली बार सामने आई ईरान के अंडरग्राउंड बेस पर हमले की तस्वीर – AajTak

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ईरान के दक्षिणी इलाके में एक पहाड़ी इलाके के अंदर बने सीक्रेट अंडरग्राउंड एयर फोर्स बेस पर हमला हुआ है.  सैटेलाइट की तस्वीरों से पता चला है कि मार्च के आखिर में इस बेस पर हमले हुए. इससे पहले किसी ने इस हमले की खबर नहीं बताई थी. न्यूयॉर्क टाइम्स ने इन तस्वीरों को देखा और बताया कि बेस के टनल वाले दरवाजों पर और उनके पास गड्ढे बन गए हैं. ये गड्ढे इतने बड़े हैं कि बेस के अंदर रखे विमान अब बाहर नहीं निकल पाएंगे. रनवे तक जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है.
यह बेस ईरान के हॉर्मोज़गान प्रांत में है जो देश के दक्षिण में है. यह जगह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से करीब 160 km उत्तर में है. बेस पूरी तरह पहाड़ के अंदर छिपा है. यहां टनल बनाए गए हैं जिनमें लड़ाकू विमान और ड्रोन रखे जा सकते हैं. बेस का नाम ईगल 44 है. ईरान ने इसे 2013 में बनाना शुरू किया था. 
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आठ साल बाद यानी 2021 के आसपास यहां रनवे भी बना लिया गया. 2023 में ईरान की सरकारी मीडिया ने वीडियो जारी किया था जिसमें इस बेस में लड़ाकू विमान और ड्रोन दिखाए गए थे. यह बेस इसलिए बनाया गया था ताकि दुश्मन के हमले में भी ईरान के विमान सुरक्षित रहें. पहाड़ की चोटी के नीचे छिपे होने से यह बहुत मजबूत था लेकिन अब सैटेलाइट तस्वीरों ने इसका राज खोल दिया.
सैटेलाइट तस्वीरों में क्या नुकसान दिखा
सैटेलाइट की तस्वीरों से साफ पता चलता है कि मार्च के अंत में बेस के टैक्सीवे यानी विमान चलने वाले रास्तों पर नया नुकसान हुआ. टनल के कुछ दरवाजे पहले भी हिट हो चुके थे लेकिन अंतिम हमले ने सबसे ज्यादा नुकसान किया. तस्वीरों में टनल के प्रवेश द्वारों पर और पास में बड़े-बड़े गड्ढे दिख रहे हैं. 
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Iran underground air force base
इन गड्ढों की वजह से बेस के अंदर रखे विमान अब बाहर नहीं आ सकते क्योंकि रनवे तक पहुंचने का रास्ता टूट गया है. साथ ही बेस पर चल रहे निर्माण से जुड़ी एक इमारत पूरी तरह नष्ट हो गई. ईरानी सेना ने रनवे पर छोटी-छोटी मिट्टी की ढेरियां लगा दी थीं ताकि दुश्मन के विमान वहां उतर न सकें. ये सब तैयारी दिखाती है कि ईरान को हमले का डर पहले से था.
यह हमला मार्च के आखिर में हुआ लेकिन अब तक किसी ने इसे सार्वजनिक रूप से नहीं बताया. आमतौर पर जब सैन्य ठिकानों पर हमला होता है तो आसपास के लोग मोबाइल से वीडियो बना लेते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. सिर्फ सैटेलाइट ने ही इस नुकसान को रिकॉर्ड किया.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने मार्च की कई तस्वीरों की जांच की और पाया कि टैक्सीवे पर नुकसान अंतिम दिनों में हुआ. बेस के कुछ हिस्से पहले भी हिट हुए थे लेकिन हमले की पूरी तस्वीर अब सामने आई है. अमेरिका और इजरायल की सेना ने इस हमले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं कह सकते.
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यह हमला ईरान के लिए कितना बड़ा झटका
यह भूमिगत बेस ईरान के लिए बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि यहां विमान और ड्रोन छिपाकर रखे जा सकते थे. पहाड़ के अंदर होने से ये दुश्मन की नजर से बच जाते थे. लेकिन अब हमले से रनवे और टनल का रास्ता बंद हो गया है. इसका मतलब है कि अंदर जो भी विमान थे वे अब बाहर नहीं निकल पाएंगे.
Iran underground air force base
बेस पर निर्माण कार्य भी चल रहा था जो अब रुक गया लगता है. ईरान ने इस बेस को 10 साल से ज्यादा समय में तैयार किया था ताकि युद्ध के समय में भी उसकी एयरफोर्स काम करती रहे. अब यह हमला ईरान की उस योजना को तोड़ता दिख रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों से दुनिया को पहली बार पता चला कि युद्ध के दौरान ईरान का यह सीक्रेट बेस भी निशाने पर था.
ईरान जानता था कि उसके दुश्मन हवाई हमले कर सकते हैं इसलिए उसने पहाड़ के अंदर इतना बड़ा बेस बनाया. 2013 से शुरू हुए काम में पहले टनल बनाए गए फिर रनवे तैयार किया गया. 2023 में जब ईरान ने इस बेस के  वीडियो दिखाए तो दुनिया को पता चला कि ईरान अपनी हवाई ताकत को कितना सुरक्षित रखना चाहता है.
सैटेलाइट जैसी आधुनिक तकनीक ने अब इसका खुलासा कर दिया. अब ईरान को इस बेस को फिर से ठीक करने में बहुत समय और पैसा लगेगा. यह हमला दिखाता है कि आधुनिक युद्ध में भूमिगत बेस भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह पाते. सैटेलाइट तस्वीरें हर छोटे बदलाव को कैद कर लेती हैं.
यह हमला ईरान के लिए सिर्फ एक बेस का नुकसान नहीं बल्कि उसकी पूरी रणनीति पर सवाल उठाता है. ईरान ने सोचा था कि पहाड़ के अंदर छिपा बेस कभी नहीं टूटेगा लेकिन अब सैटेलाइट और सटीक हमलों ने यह सोच बदल दी है. दुनिया भर के विशेषज्ञ अब इन तस्वीरों को देखकर समझ रहे हैं कि ईरान की हवाई सेना कितनी प्रभावित हुई है. बेस में रखे विमान अब फंसे हुए हैं. रनवे पर लगाई गई मिट्टी की ढेरियां भी काम नहीं आ सकीं. 
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