चम्पावत के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना के कार्य में तेजी आई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास जल्द होने की संभावना है, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के शामिल होने की उम्मीद है।
यह परियोजना लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और उत्तराखंड सरकार के सहयोग से विकसित की जा रही है। इसे राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है, जो लंबे समय से इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत थी।
परियोजना के प्रथम चरण के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त, पर्यावरणीय मंजूरी, 84 एकड़ वन भूमि का हस्तांतरण और अन्य सभी आवश्यक प्रक्रियाएं भी पूरी कर ली गई हैं।
इस लैंड पोर्ट में कस्टम, इमिग्रेशन, सुरक्षा, कार्गो टर्मिनल, यात्री टर्मिनल और स्वास्थ्य जैसी सभी आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे सीमा पर व्यापार और यात्रियों की आवाजाही अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी।
यह परियोजना भारत-नेपाल व्यापार को मजबूती प्रदान करेगी। स्थानीय किसानों और उत्पादकों को नेपाली बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे परिवहन लागत में कमी आएगी और उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नेपाल के नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे भारत-नेपाल मैत्री और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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