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महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राज्य की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस से अपील की है कि वह अपने उम्मीदवार का नामांकन वापस ले ले, ताकि चुनाव बिना मुकाबले हो सके.
सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार ने बुधवार को महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सापकल से फोन पर बात की और उनसे यह अनुरोध किया. यह दूसरी बार है जब उन्होंने 6 अप्रैल के बाद इस मुद्दे पर संपर्क किया है.
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को होने वाले इस उपचुनाव में कांग्रेस ने आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया है. नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 9 अप्रैल है और कांग्रेस गुरुवार सुबह इस पर फैसला ले सकती है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इससे पहले सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर चुनावी रणनीति और प्रचार को लेकर चर्चा की. बताया जा रहा है कि फडणवीस ने उन्हें बीजेपी की ओर से पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया है.
यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद हो रहा है, जिनकी एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी. वे बारामती सीट से आठ बार विधायक रह चुके थे.
सत्ताधारी शिवसेना, बीजेपी और एनसीपी के नेताओं ने अजीत पवार को श्रद्धांजलि के रूप में चुनाव बिना मुकाबले कराने की अपील की है. हालांकि कांग्रेस ने इस अपील को ठुकराते हुए उम्मीदवार उतारा है. कांग्रेस का कहना है कि वह तभी चुनाव से हटेगी जब अजीत पवार की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी.
इस बीच, पवार परिवार के सदस्य पार्थ पवार ने कांग्रेस पर हमला करते हुए पार्टी के पतन की बात कही, जिस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए उन्हें अहसान फरामोश बेटा करार दिया. वहीं, शरद पवार और सुप्रिया सुले ने कहा कि कांग्रेस एक स्वतंत्र पार्टी है और उसे चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है.
फिलहाल बारामती का यह उपचुनाव सिर्फ एक सीट का मुकाबला नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और सहानुभूति की लड़ाई बन गया है, जहां आखिरी फैसला कांग्रेस के रुख पर निर्भर करेगा.
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