बारामती प्लेन क्रैश मामले को लेकर महाराष्ट्र में उबाल, रोहित पवार ने सरकार को घेरा, CID जांच की मांग की – AajTak

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार से जुड़े मामले की जांच को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच के नाम पर वक्त बर्बाद करना स्वीकार नहीं किया जाएगा और राज्य में CID जांच कर सकती है.
रोहित पवार ने दावा किया कि CBI को जांच सौंपने के संबंध में पहले ही केंद्र के मंत्रालय, DGCA और सभी संबंधित पक्षों को रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है. मुख्यमंत्री को भी पूरी रिपोर्ट दी गई है.
रोहित पवार ने कहा, ‘अब तक जो जानकारी सामने आई है, वह महज 30 प्रतिशत है, जबकि 70 प्रतिशत जानकारी अभी भी हमारे पास है.’
उन्होंने CBI की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाए और बताया कि वर्तमान में CBI के पास लगभग 7 हजार मामले लंबित हैं, जिनमें से ढाई हजार मामले दस साल से अधिक समय से पेंडिंग हैं.
ब्लैक बॉक्स पर सवाल
ब्लैक बॉक्स को लेकर उठ रहे सवालों पर रोहित ने कहा कि कहा जा रहा है कि ब्लैक बॉक्स जल गया है, लेकिन उसके फोटो उनके पास आए हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आई तो ये सरकार को महंगा पड़ेगा.
उन्होंने ये भी कहा कि कुछ बातें उनके कानों तक पहुंची हैं. हालांकि. वो परिवार की महिलाओं पर आरोप नहीं लगा रहे हैं. लेकिन नेताओं से जुड़ी कंपनियों की पारदर्शी जांच होगी या नहीं, ये बड़ा सवाल है. उन्होंने ये अपेक्षा भी जताई कि नायडू जांच पूरी होने तक उस पद पर न रहें. साथ ही बताया कि कल कई बड़े नेता अलग-अलग जगहों पर फंसे होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके.
शरद पवार के पास है सबसे ज्यादा अनुभव
रोहित पवार ने वरिष्ठ नेता शरद पवार के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश में सबसे अनुभवी नेता पवार साहेब हैं, जिनके पास 60 वर्षों का अनुभव है और इतना अनुभव किसी अन्य नेता के पास नहीं है. उनके अनुभव का लाभ लिया जा सकता है और उन्हें उस स्थान पर जाना चाहिए.
उन्होंने बताया कि संजय राउत ने भी इच्छा व्यक्त की है और जब चर्चा होगी, तब सभी दल एक साथ रहेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि पवार साहेब की तबीयत पहले खराब थी, जो अब बेहतर है.
रोहित पवार भावुक होते हुए कहा, हर कोई सवाल उठा रहा है और एक मराठी व्यक्ति होने के नाते यह जानना जरूरी है कि अजित काका के साथ क्या हुआ. उन्होंने कहा कि ये पहला अधिवेशन है जो अजित पवार के बिना हो रहा है. पहले वे सबसे पहले सदन में आते थे और सबसे आखिर में जाते थे.
उन्होंने कहा, ‘अजित काका मराठी व्यक्ति और मराठी नेता थे. अच्छे कपड़े पहनना और अनुशासन उनके लिए महत्वपूर्ण था. वे कहते थे कि चाहे कुछ भी हो, लड़ना चाहिए- इसलिए हम लड़ रहे हैं.’
उन्होंने बताया कि अजित पवार ने 11 बार बजट पेश किया है और यदि वे आज होते तो सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड उनके नाम होता. रोहित का मानना है कि यदि उन्हें कुछ और समय मिला होता तो वे मुख्यमंत्री पद तक भी पहुंच सकते थे.

रोहित पवार ने महाराष्ट्र के हित के लिए सवाल उठाते रहने का संकल्प दोहराया. उन्होंने महापुरुषों की प्रतिमाओं के अपमान को लेकर सरकार को सतर्क किया और संबंधित रिसॉर्ट को तुरंत बंद करने की मांग की.

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को भी इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए. अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र का कोई भी मराठी व्यक्ति तब तक शांत नहीं बैठेगा, जब तक ये स्पष्ट नहीं हो जाता कि अजित पवार के साथ वास्तव में क्या हुआ था.
विधानसभा में शोक प्रस्ताव प्रस्तुत
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया. मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य ने एक ऐसा नेतृत्व खो दिया है जो भविष्य में मुख्यमंत्री बनने वाला था.

फडणवीस ने कहा कि दादा के जाने से जो शून्य पैदा हुआ है, वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और उनका दुख कभी कम नहीं हो सकता. मुख्यमंत्री ने उनके असमय निधन को राज्य की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति बताया.
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