भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग सम्राट अशोक का : परमार – Dainik Bhaskar

भास्कर संवाददाता| आष्टा
अखंड भारत के निर्माता सम्राट अशोक की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक विरासत को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग बताया गया। कहा गया कि सम्राट अशोक मौर्य वंश के महानतम शासक थे। उनका जन्मोत्सव आज पूरे देश के साथ विश्व के अनेक देशों में भी श्रद्धा से मनाया जाता है।
यह बातें प्रांतीय कुशवाह समाज के तत्वाधान में सम्राट अशोक की जयंती पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने कहीं। कार्यक्रम प्रांतीय कुशवाह समाज के प्रदेश अध्यक्ष योगेश मानसिंह कुशवाहा के निर्देश पर हुआ। आयोजन जिला कुशवाह समाज के जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह के नेतृत्व में किया गया।
मुख्य अतिथि परमार ने कहा कि अशोक का शासनकाल न्याय, करुणा, अहिंसा, धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक रहा। उनके विशाल साम्राज्य का विस्तार वर्तमान अफगानिस्तान से लेकर बंगाल तक था। परमार ने कलिंग युद्ध का उल्लेख किया। कहा कि इस युद्ध के बाद सम्राट अशोक के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन आया। वह विजेता से मानवतावादी शासक बने। उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया। धम्म के मार्ग पर चले। विश्व को शांति और अहिंसा का संदेश दिया। जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक का जीवन सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व शक्ति और विजय में नहीं होता। नैतिकता, करुणा, जनकल्याण में होता है। इस अवसर पर पटेल जगदीश कुशवाह, रवि कुशवाह, गोपाल कुशवाह, अमरचंद कुशवाह, सुशील कुशवाह, देवबगस पटवारी, प्रतीक महाडिक सहित अनेक समाजजन मौजूद रहे।
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