बरेली (ब्यूरो) I भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने भारत-अमेरिका के बीच चल रही अंतरिम ट्रेड डील पर कहा कि अभी यह केवल एक अंतरिम फ्रेमवर्क है, अंतिम समझौता नहीं हुआ है। संगठन के मंडल अध्यक्ष अरूण राठी ने कहा कि फैक्टशीट में लगातार बदलाव हो रहे हैं, इसलिए डील पूरी होने से पहले पक्ष या विपक्ष में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। संगठन के नेताओं धर्मेंद्र मलिक, दिगम्बर सिंह और हरिनाम सिंह वर्मा ने कहा कि कुछ विपक्षी दल और सहयोगी किसान संगठन भ्रम फैला रहे हैं।
50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करता है
यूनियन के अनुसार, यदि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करता है तो यह निर्यातकों और कुछ किसानों के लिए राहत भरी खबर हो सकती है। हालांकि संगठन ने यह भी कहा कि सोयाबीन तेल और अन्य कृषि उत्पादों के आयात से छोटे दलहन और तेलहन किसानों पर दबाव बढ़ सकता है। भारत पहले से ही खाद्य तेल का बड़ा आयातक देश है, इसलिए सरकार को संतुलन बनाकर निर्णय लेना चाहिए। यूनियन ने स्पष्ट किया कि यह डील बड़े और निर्यात उन्मुख किसानों के लिए अवसर हो सकती है, लेकिन छोटे किसानों के हितों की रक्षा के लिए एमएसपी, आयात शुल्क और अन्य नीतिगत संरक्षण मजबूत रखना जरूरी है।
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