पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की टीम के एक सदस्य ने बीबीसी उर्दू को बताया कि उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार के बातचीत में शामिल होने की संभावना है.
संदीप राय, दीपक मंडल
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पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत में हिस्सा ले सकता है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बीबीसी उर्दू से इस बातचीत का निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है.
हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि बातचीत में पाकिस्तान की ओर से कौन हिस्सा लेगा. वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की टीम के एक सदस्य ने बीबीसी उर्दू को बताया कि उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार के बातचीत में शामिल होने की संभावना है.
उधर एक अरब अधिकारी ने एएफपी को बताया कि यह बैठक शुक्रवार को तुर्की में होने की संभावना है. रॉयटर्स से बात करते हुए एक अन्य अधिकारी ने कहा कि बातचीत की प्राथमिकता किसी भी टकराव को रोकना और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करना है.
उन्होंने यह भी बताया कि कई अन्य क्षेत्रीय शक्तियों को भी बातचीत में आमंत्रित किया गया है. अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर, मिस्र, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों को विदेश मंत्रियों के स्तर पर बुलावा भेजा गया है.
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कांग्रेस ने भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील पर सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्रेड डील के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा, ''हमेशा की तरह इस बार भी ट्रेड डील की घोषणा हमारे प्रधानमंत्री ने नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की. अमेरिका ने कहा है कि वह हम पर 18 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने जा रहा है. पहले अमेरिका हम पर तीन फ़ीसदी से भी कम टैरिफ़ लगाता था, अब तीन फ़ीसदी की जगह 18 फ़ीसदी होगा.''
उन्होंने कहा, ''ट्रंप ने कहा कि भारत 500 अरब डॉलर का अमेरिकी सामान आयात करेगा. इस व्यापार समझौते में किसानों के हितों की बलि क्यों दी गई. इन चार महीनों में ऐसा क्या बदल गया. आपने जो समझौता किया है, उससे भारत को क्या फायदा हुआ है.''
इससे पहले भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड पर अंतिम दौर की बातचीत में ब्योरे तय किए जा रहे हैं.
बहुत जल्द भारत और संयुक्त अमेरिका की ओर से इस पर एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा. इसमें इस समझौते का विवरण होगा, जिस पर दोनों देश जल्द हस्ताक्षर करेंगे.
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युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर में बीजेपी के विधायक दल का नेता चुन लिया गया है.
मणिपुर बीजेपी ने बीजेपी विधायक दल के नेता के रूप में चुने जाने पर युवनाम खेमचंद सिंह को बधाई दी है.
मणिपुर बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "बीजेपी मणिपुर प्रदेश की ओर से हम आपको हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं. आपका अनुभव, समर्पण और नेतृत्व पार्टी को और मज़बूत करेगा और मणिपुर की जनता की आकांक्षाओं की सेवा करेगा.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया था कि वो एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
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भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील पर अंतिम दौर की बातचीत में ब्योरे तय किए जा रहे हैं.
मंगलवार को उन्होंने कहा कि बहुत जल्द भारत और अमेरिका की ओर से इस पर एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा. इसमें इस समझौते का विवरण होगा, जिस पर दोनों देश जल्द हस्ताक्षर करेंगे.
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने अपने एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टरों के हितों का साथ कोई समझौता नहीं किया है.
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री ने कभी इनके हितों से समझौता नहीं किया है. लोगों को इसके बारे में पता है. इंडिया और यूएस डील के तहत एग्रीकल्चर और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर को लेकर, उनको संरक्षण दिया गया है.''
गोयल ने कहा कि जैसे ही अंतिम सहमति बन जाती है सारा विवरण सार्वजनिक किया जाएगा.
उन्होंने कहा, ''मैं भारत के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि यह ऐसा समझौता है, जो हर भारतीय को गर्व महसूस कराएगा. यह समझौता हमारे संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की पूरी तरह रक्षा करेगा.''
गोयल ने कहा, ''ये हमारे श्रम-प्रधान क्षेत्रों और निर्यात क्षेत्रों के लिए बड़े अवसर खोलेगा, जिनमें टेक्सटाइल, प्लास्टिक, रेडिमेड परिधान, होम डेकोर, चमड़ा और फुटवियर, रत्न और आभूषण, ऑर्गेनिक केमिकल्स, रबर उत्पाद, मशीनरी, कई तरह के औद्योगिक उत्पाद और विमान के कलपुर्जे शामिल हैं. यह वास्तव में ऐसा समझौता है, जिस पर हर भारतीय को गर्व हो सकता है.''
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बिहार में नई सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया. 79 साल के वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने इसे पेश किया और ये महज़ 11 मिनट 35 सेकंड का था.
2005 से सत्ता में नीतीश कुमार की सरकार का ये सबसे छोटा बजटीय भाषण था.
बिहार में इस बार का बजट आकार 3.47 लाख करोड़ है जो पिछली बार के बजट आकार 3.16 लाख करोड़ से 30,000 करोड़ ज़्यादा है.
वित्त सचिव आनंद किशोर ने बजट भाषण के बाद प्रेस वार्ता में कहा, "इस बजट के इंडस्ट्रियलाइजेशन पर सबसे ज़्यादा फ़ोकस है. इसके अलावा शहरी इलाकों का विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा भी सरकार के एजेंडा में शामिल है."
हालांकि विभागीय आवंटन देखें तो उद्योग विभाग में योजना व्यय महज़ 3200 करोड़ रुपये है.
बजट में नीतीश सरकार द्वारा घोषित 'सात निश्चय पार्ट थ्री' पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है.
'सात निश्चय पार्ट थ्री' में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करना, एक करोड़ रोज़गार, महिला को सशक्त बनाने, सबका जीवन आसान बनाने जैसे संकल्प शामिल हैं.
वित्त मंत्री विजेंद्र यादव से जब पत्रकारों ने छोटे बजट भाषण के बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब दिया, "लंबा भाषण देने से क्या होगा. सारी बातें तो पहले ही आ गई हैं."
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फ़्रांस में एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स से जुड़े दफ़्तरों पर छापेमारी की जा रही है. पेरिस के अभियोजक कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है.
अभियोजक कार्यालय ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि उसकी साइबर-क्राइम यूनिट इन छापों को अंजाम दे रही है. इस कार्रवाई में यूरोपोल भी सहयोग कर रहा है.
बयान में बताया गया है कि यह कार्रवाई जनवरी 2025 में शुरू की गई एक जांच से जुड़ी हुई है.
अभियोजक कार्यालय ने यह भी कहा है कि इस जांच के तहत एलन मस्क और एक्स की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिंडा याकारिनो को अप्रैल में सुनवाई के लिए तलब किया गया है.
इस मामले पर अब तक एक्स की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. बीबीसी ने टिप्पणी के लिए कंपनी से संपर्क किया है.
अभियोजक कार्यालय ने यह भी कहा है कि वह अब एक्स प्लेटफ़ॉर्म छोड़ रहा है और आगे से अपनी जानकारी लिंक्डइन और इंस्टाग्राम के ज़रिए साझा करेगा.
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लोकसभा में बजट सत्र में मंगलवार को बहस के दौरान हंगामा करने के आरोप में विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया है.
लोकसभा के पीठासीन अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने निलंबित सांसदों का नाम लेते हुए कहा कि इन लोगों ने सभापति के आसन की ओर पेपर फेंके और हंगामा किया.
बाद में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजेजू ने मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी इडेन, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी, एस वेंकटेशन और दीन कुरियाकोस का नाम लेकर कहा कि इन्हें निलंबित किया गया है.
उन्होंने कहा कि इन सांसदों को सदन में अनुशासनहीनता और हंगामा करने के आरोप में निलंबित किया गया है.
सांसदों के भारी शोर-शराबे और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी.आख़िरकार संसद की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.
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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रे़ड डील में कृषि प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए हैं.
प्रियंका गांधी का कहना है कि अमेरिका अपने कृषि उत्पादों को भारत निर्यात करने का दबाव बढ़ा रहा है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''अमेरिका की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी किसानों के प्रोडक्ट अब भारतीय बाज़ार में बिकेंगे जिससे ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा. इस डील से ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए फ़ायदा सुनिश्चित किया है."
प्रियंका गांधी ने लिखा, ''भारत के करोड़ों किसान जानना चाहते हैं कि इस व्यापार समझौते की शर्तें क्या हैं? क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोलने जा रही है? क्या सरकार भारतीय किसानों को अमेरिकी कंपनियों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में झोंकेगी? क्या हमारे किसानों के हितों से समझौता किया गया है? जनता के सामने तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.''
हालांकि मोदी सरकार का कहना है कि किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं हुआ, कृषि और डेयरी में जो संवेदनशील क्षेत्र संरक्षित थे, वे आगे भी रहेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि रूस से तेल ख़रीद बंद करने पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहमति जताई है.
ट्रुथ सोशल पर अपनी पोस्ट में ट्रंप ने लिखा था, "प्रधानमंत्री मोदी से दोस्ती और सम्मान के चलते उनके अनुरोध पर प्रभावी रूप से तत्काल हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति जताई है. इसके तहत अमेरिका टैरिफ़ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा."
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत की इजाज़त दे दी है.
सोशल मीडिया पर एक के बाद एक पोस्ट में पेज़ेश्कियान को इसकी जानकारी दी.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "मैंने अपने विदेश मंत्री को निर्देश दिया है कि अगर अनुकूल माहौल मौजूद हो, यानी ऐसा माहौल जो किसी तरह की धमकी और अव्यावहारिक अपेक्षाओं से मुक्त हो, तो गरिमा, सावधानी और व्यावहारिकता के सिद्धांतों के आधार पर निष्पक्ष और संतुलित वार्ता आगे बढ़ाई जाए."
उन्होंने लिखा, "क्षेत्र के मित्र देशों की सरकारों की ओर से आए अनुरोधों के मद्देनजर, अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से वार्ता के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी जा रही है. ये वार्ताएं हमारे राष्ट्रीय हितों के दायरे में ही की जाएंगी."
इससे पहले एक्सियोस ने खबर दी थी कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ से शुक्रवार को इस्तांबुल में मिलेंगे.
हालांकि इससे ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के साथ बातचीत करने की जानकारी दी थी.
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को एक बार फिर एक पत्रिका में छपे लेख के बारे में बोलने की कोशिश की.
राहुल गांधी ने सोमवार को भी कारवां पत्रिका में प्रकाशित भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब के अंश पढ़े थे, जिस पर विवाद शुरू हो गया था.
आज भी जब राहुल दोबारा इस विषय पर बोलने की कोशिश की तो बीजेपी के सांसदों ने इसपर आपत्ति जताई. इसके बाद मचे हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई है.
स्थगन होने से पहले राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा, ''राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत अहम मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच के संबंधों का सवाल. इस लेख में एक बहुत महत्वपूर्ण बात है, जिसे मैंने प्रमाणित किया है. इसमें प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बारे में कहा गया है. हमारे राष्ट्रपति का संबोधन इस बात पर था कि भारत को किस रास्ते पर चलना है.''
उन्होंने कहा, ''आज वैश्विक मंच पर अंतरराष्ट्रीय मामलों में सबसे बड़ा मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच का टकराव है. यही हमारे राष्ट्रपति के संबोधन का केंद्रीय विषय है. मैं सिर्फ़ इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच जो हुआ और उस पर हमारे प्रधानमंत्री ने कैसी प्रतिक्रिया दी, उस बारे में एक बयान देने दीजिए. मुझे क्यों रोका जा रहा है.''
इससे पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर निशाना साधने की कोशिश कर रहे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को लोकसभा में हंगामा किया जिसके कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई.
स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें ऐसा करने से रोक दिया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई थी.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एक अरब डॉलर के हर्जाने की मांग करेंगे.
यह मामला ट्रंप प्रशासन और हार्वर्ड के बीच जारी टकराव का हिस्सा है.
यह ख़बर ऐसे समय आई है, जब न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि यूनिवर्सिटी के साथ बातचीत के दौरान 200 मिलियन डॉलर की अपनी मांग से ट्रंप प्रशासन को पीछे हटना पड़ा है.
ट्रंप ने सोमवार देर रात ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इस रिपोर्ट का हवाला दिया और आरोप लगाया कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क टाइम्स को “काफी बकवास परोस” रही है.
ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने हार्वर्ड पर आरोप लगाया है कि उसने फ़लस्तीन समर्थक प्रदर्शनों के दौरान यहूदी विरोधी घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए. .यूनिवर्सिटी ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
पिछले साल अप्रैल में ट्रंप ने हार्वर्ड को मिलने वाले करीब 2 अरब डॉलर के शोध अनुदान रद्द कर दिए थे और संघीय फंडिंग पर रोक लगा दी थी.
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भारत अमेरिका ट्रेड डील पर सहमति बनने के ट्रंप के एलान के बाद अमेरिकी कृषि मंत्री ने जो प्रतिक्रिया दी है उस पर भारत में चर्चा हो रही है.
अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस ने एक्स पर इसे अमेरिका फ़र्स्ट की एक और जीत बताया.
उन्होंने अमेरिकी किसानों के हित में एक बार फिर काम करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद करते हुए एक्स पर लिखा, “नया अमेरिका-भारत समझौता अमेरिकी कृषि उत्पादों के निर्यात को भारत के विशाल बाज़ार तक बढ़ाएगा. इससे क़ीमतों में सुधार होगा और ग्रामीण अमेरिका में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा.”
उन्होंने लिखा, “2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था. भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक अहम बाज़ार है और आज हुआ यह समझौता इस घाटे को कम करने में काफ़ी मदद करेगा.”
द हिंदू की पत्रकार सुहासिनी हैदर ने एक्स पर ब्रुक रोलिंस का पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “अमेरिकी कृषि मंत्री का कहना है कि इस नई डील में अमेरिकी कृषि उत्पादों के निर्यात पर सहमति बन चुकी है…अभी तक सरकार की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है कि किन मुद्दों पर भारत राज़ी हुआ है.”
इसी तरह आर्थिक मामलों के जानकार वरिष्ठ पत्रकार अंशुमान तिवारी ने भी एक्स पर लिखा, “अमेरिकी कृषि मंत्री रोलिंस का दावा है कि नए अमेरिका-भारत कृषि समझौते से भारत का बाज़ार अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खुल गया है और इससे 1.3 अरब डॉलर का (कृषि) घाटा कम होगा.”
“लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई भारत ने अपनी संवेदनशील एमएसपी व्यवस्था की किलेबंदी खोल दी है. इस पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.”
अंशुमान तिवारी के अनुसार, “कृषि क्षेत्र इस समझौते में सबसे ज़्यादा विवादित मांगों में शामिल था. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई गोपनीय साइड-डील हुई है, या फिर यह सिर्फ ट्रंप की ओर से किया गया दावा है.”
ट्रंप के दावों से गहराए संदेह, क्या भारत इतना कर पाएगा? बयानों में भी हैं फ़र्क़
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताज़ा बयान में कहा है कि 'उनके प्रशासन के प्रतिनिधि ईरान सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि इन वार्ताओं से परिणाम निकलेंगे.'
ट्रंप ने कहा, "हम इस समय ईरान से बात कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि इसका नतीजा अच्छा निकलेगा क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कुछ बुरा हो सकता है."
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अगले कुछ दिनों में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ के बीच सीधी मुलाक़ात की अटकलें तेज़ हो रही हैं, जो संभवतः तुर्की के इस्तांबुल में होगी.
रॉयटर्स में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, स्टीव विटकॉफ़ इसराइल में हैं और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ उनकी मुलाक़ात हुई है.
इस ख़बर ने भी इस संभावना को बढ़ा दिया है कि ये मुलाक़ात दरअसल ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता से संबंधित हो सकती है.
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जेफ़री एपस्टीन मामले में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने संसदीय जांच में गवाही देने पर रज़ामंदी दे दी है.
कुछ दिनों बाद ही इस बात पर मतदान होना था कि हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने पेश होने से इनकार करने पर दंपती को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया जाए या नहीं.
बिल क्लिंटन की एपस्टीन से जान-पहचान थी, जिसकी 2019 में जेल में मौत हो गई थी. हालांकि, क्लिंटन ने एपस्टीन के यौन अपराधों की जानकारी से इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने करीब दो दशक पहले संपर्क ख़त्म कर दिया था.
रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व वाली हाउस ओवरसाइट कमेटी ने पिछले महीने ही क्लिंटन दंपती को अवमानना का दोषी ठहराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसे कुछ डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन भी मिला था.
सोमवार शाम को क्लिंटन के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ एंजेल उरेना ने एक्स पर पोस्ट कर पुष्टि की कि दोनों समिति के सामने पेश होंगे.
क्लिंटन दंपती का कहना है कि वे पहले ही समिति को शपथ-पत्र दे चुके हैं और एपस्टीन को लेकर उनके पास जो “सीमित जानकारी” थी, उसे उपलब्ध करा चुके हैं.
यह 1983 के बाद पहला मौका होगा, जब किसी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने कांग्रेस की किसी समिति के सामने गवाही दी हो.
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बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के बेटे सजीब वाजिद ने आगामी 12 फ़रवरी को होने वाले आम चुनावों में 'धांधली' की आशंका जताई है.
सजीब वाजिद अमेरिका में रह रहे हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सोमवार शाम को कोलकाता में एक किताब परिचर्चा के दौरान कहा, “इन चुनावों में अवामी लीग को व्यावहारिक रूप से बाहर रखा गया है, जबकि यह असल में दो दलों की ही लड़ाई है. सभी प्रगतिशील पार्टियों को दबाया जा रहा है. यह वास्तव में कोई चुनाव नहीं है."
उन्होंने आरोप लगाया कि 'चुनाव के बाद जमात-ए-इस्लामी को खुली छूट मिल जाएगी और वे टेररिज़्म को बढ़ावा देंगे और भारत के लिए ख़तरा पैदा करेंगे.'
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बांग्लादेश में खुली छूट मिल जाएगी और इसके गंभीर परिणाम होंगे.
उन्होंने कहा, "इस शासन ने पोस्टल वोटिंग की इजाज़त दे दी है. हमने पहले ऐसा कभी नहीं किया, क्योंकि इसे सत्यापित करना मुश्किल होता है. सामान्य बैलेट में गड़बड़ी आसानी से दिख जाती है, लेकिन पोस्टल बैलेट में आप कुछ देख नहीं पाते. आपको बस चुनाव आयोग की ओर से बताए गए आंकड़ों पर भरोसा करना पड़ता है."
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष मानने से इनकार करने की अपील करते हुए कहा, "अगर पहले से इसकी निंदा नहीं की गई, तो देश को एक कठपुतली सरकार मिल जाएगी."
अवामी लीग के भविष्य के बारे में उन्होंने कहा, "अवामी लीग कहीं नहीं जा रही है. उसका करीब 40 प्रतिशत का वोट बैंक है. वह अपना रुख़ नहीं बदलेगी. लेकिन तब तक हालात कैसे होंगे. एक तरफ़ विदेशी ताक़तें होंगी और दूसरी तरफ इस्लामवादी जो शरिया क़ानून थोपने की कोशिश करेंगे."
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा, "यह आख़िरी मौका है कि जमात-ए-इस्लामी और इस्लामी आतंकियों को देश चलाने से रोका जाए.”
इससे पहले दिल्ली में शेख़ हसीना के एक सार्वजनिक बयान पर बांग्लादेश की सरकार ने भारी नाराज़गी जताई थी.
दरअसल 23 जनवरी को एक कार्यक्रम में शेख़ हसीना का ऑडियो भाषण सुनाया गया था.
'हैरान और निराश'- शेख़ हसीना के दिल्ली में दिए भाषण पर ग़ुस्सा हुआ बांग्लादेश
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डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति की घोषणा को लेकर विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने सरकार से कुछ सवाल पूछे हैं.
कांग्रेस पार्टी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, "सीज़फ़ायर की तरह ट्रेड डील की घोषणा भी ट्रंप की ओर से की गई. ये बताया गया कि 'मोदी की रिक्वेस्ट' पर ट्रेड डील की जा रही है."
इसके बाद पार्टी ने सवाल पूछे हैं-
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार को इस बारे में सारी जानकारी देश और संसद से साझा करनी चाहिए.
अमेरिका ने भारत पर टैरिफ़ घटाकर 18 फ़ीसदी किया, ट्रंप बोले- ट्रेड डील पर भी बनी सहमति
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति की घोषणा के बाद आज सुबह भारतीय शेयर बाज़ार में बड़ा उछाल देखा गया.
मंगलवार को जब शेयर बाज़ार खुला तो एक समय प्री ट्रेडिंग टाइम में सेंसेक्स में 3600 अंकों तक की बढ़त देखी गई और यह 85,000 के क़रीब पहुंच गया था.
हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट आई, फिर भी यह 2,000 अंकों से अधिक बढ़त पर बना रहा.
सुबह क़रीब 10 बजे के समय सेंसेक्स में 2.6 प्रतिशत की बढ़त बनी रही और निफ़्टी भी 665 अंकों की बढ़त के साथ 25,735 तक पहुंच गया.
मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल हैंडल पर एक पोस्ट में ट्रेड डील पर सहमति की जानकारी देते हुए कहा था कि भारतीय सामान पर अमेरिकी टैरिफ़ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है.
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