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भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया. इसके साथ ही दोनों देशों ने परमाणु ठिकानों की सूची भी एक दूसरे के साथ साझा की है.
सुमित तिवारी
Updated : Jan 01, 2026, 03:12 PM IST
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भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया. नई दिल्ली और इस्लामाबाद में यह आदान-प्रदान राजनयिक माध्यमों से एक साथ किया गया, ये जानकारी विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई है. विदेश मंत्रालय ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यह प्रक्रिया साल 2008 के द्विपक्षीय कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत होती है. भारत और पाकिस्तान ने आज नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ राजनयिक चैनलों के जरिए एक-दूसरे की हिरासत में बंद सिविल कैदियों और मछुआरों की लिस्ट का आदान-प्रदान किया.
हर साल साझा की जाताी है लिस्ट
इस समझौते के अनुसार, हर साल एक जनवरी और एक जुलाई को ऐसी सूचियों का आदान-प्रदान किया जाता है. भारत ने अपनी हिरासत में बंद 391 सिविल कैदियों और 33 मछुआरों की लिस्ट दी, जो पाकिस्तानी हैं या जिन्हें पाकिस्तानी माना जाता है. इसी तरह, पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में बंद 58 सिविल कैदियों और 199 मछुआरों की डिटेल्स वाली लिस्ट दी, जो भारतीय हैं या जिन्हें भारतीय माना जाता है.
जल्द से जल्द रिहाई
भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत से सिविल कैदियों, मछुआरों और उनकी नावों और लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की जल्द रिहाई और वापसी की भी मांग की है. पाकिस्तान से उन 167 भारतीय मछुआरों और सिविल कैदियों की रिहाई और वापसी में भी तेजी लाने की अपील की गई है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है.
तुरंत कांसुलर एक्सेस
इसके अलावा, पाकिस्तान से कहा गया है कि वह अपनी कस्टडी में बंद 35 सिविल कैदियों और मछुआरों को तुरंत कांसुलर एक्सेस दे, जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारतीय हैं और जिन्हें अब तक कांसुलर एक्सेस नहीं दिया गया है.
इतने कैदी आ चुके है पाकिस्तान से वापस
भारत ने ये भी कहा कि कैदियों और मछुआरों की रिहाई तक पाकिस्तान को उनकी सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करनी चाहिए. भारत सरकार की लगातार कोशिशों की वजह से, 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय सिविल कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया गया है. इसमें 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय सिविल कैदी शामिल हैं जिन्हें 2023 से अब तक पाकिस्तान से वापस लाया गया है.
परमाणु प्रतिष्ठानों की जानकारी
भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को राजनयिक चैनलों के माध्यम से परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की सूची का आदान-प्रदान किया. यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच हुए एक समझौते के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य एक दूसरे देशों के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों को रोकना है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है.
आईएएनएस
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