केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक्सप्रेस-वे के लिए टोल शुल्क में राहत का फैसला लिया है। जब तक एक्सप्रेस-वे पहले सिरे से आखिरी सिरे तक पूरा नहीं बन जाता है, तब तक टोल में 25% की छूट रहेगी। यह व्यवस्था आने वाले 15 फरवरी से एक साल तक जारी रहेगी।
सड़क परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, टोल दर अधिनियम 2008 में बदलाव करते हुए यह व्यवस्था की गई है। अब टोल दर अधिनियम 2026 के तहत तय किया गया है कि जो एक्सप्रेस-वे पूरी तरह नहीं बने हैं, उनकी टोल दर कम की जाए।
अमूमन राष्ट्रीय राजमार्ग के मुकाबले एक्सप्रेस-वे का टोल 25 फीसदी अधिक होता है। ऐसे में पूरे नहीं हुए एक्सप्रेस-वे पर भी नेशनल हाईवे जितना टोल ही प्रभावी होगा। अभी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे सहित लगभग 18 निर्माणाधीन हैं। कुछ जगह ये खंड में चालू हैं।
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