‘मनोदर्पण’ पहल के तहत विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए कई सहायता सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें राष्ट्रीय टोल-फ्री टेली- काउंसलिंग हेल्पलाइन (844-844-0632) प्रमुख है। यह प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक निशुल्क परामर्श उपलब्ध कराती
सोमवार से शुक्रवार शाम 5 से 5:30 बजे तक विशेषज्ञ सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को तनाव प्रबंधन, पारिवारिक और शैक्षणिक चुनौतियों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। डूंगरपुर| प्रदेश में विद्यार्थियों की मानसिक सेहत और शैक्षणिक सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने अहम कदम उठाए हैं। हाल ही में जारी विभागीय आदेश में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के लिए नई गाइडलाइन लागू की गई है। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के अनुपालन में जारी किया हैं। इसमें अदालत ने छात्र मानसिक स्वास्थ्य को जीवन के अधिकार से जोड़ते हुए राज्यों को ठोस और तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।
इसी आधार पर अदालत ने देशभर में लागू होने वाले अंतरिम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद यह आवश्यक हो गया है कि शिक्षा केवल अंक और परिणाम तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन और समग्र विकास पर भी उतना ही ध्यान दिया जाए। इसी क्रम में एनसीईआरटी के माध्यम से ‘मनोदर्पण’ पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि वर्तमान समय में पढ़ाई का दबाव, संचालित प्रतियोगी माहौल, डिजिटल वातावरण और सामाजिक बदलावों के कारण विद्यार्थियों में तनाव, चिंता और भावनात्मक समस्याएं बढ़ रही हैं।
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