मशीनें करेंगी इंसानों की छुट्टी! अमेरिकी मरीन कॉर्प्स अब बिना ड्राइवर वाले ट्रक का करेगी इस्तेमाल, दिया कॉन्ट्रैक्ट – Zee News

Kodiak AI Driver: Kodiak अपनी Kodiak Driver नामक ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक को ROGUE-Fires प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट करेगी. ROGUE-Fires एक रिमोटली ऑपरेटेड ग्राउंड यूनिट है. इसे समुद्री अभियानों, तटीय रक्षा और एक्सपीडिशनरी ऑपरेशनों के लिए तैयार किया गया है. इसका मकसद दूरदराज और चुनौतीपूर्ण इलाकों में बिना सैनिकों को सीधे खतरे में डाले मिशन को अंजाम देना है.
Kodiak AI Driver: अमेरिकी मरीन कॉर्प्स ने ऑटोनॉमस मिलिट्री ग्राउंड व्हीकल विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मरीन कॉर्प्स ने United States Marine Corps की ROGUE-Fires प्रणाली में AI आधारित ड्राइविंग सिस्टम लगाने के लिए Kodiak AI को कॉन्ट्रैक्ट दिया है. इसकी जानकारी मॉनिटरिंग ग्रुप Counter Unmanned Systems ने दी है.
Kodiak अपनी Kodiak Driver नामक ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक को ROGUE-Fires प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट करेगी. ROGUE-Fires एक रिमोटली ऑपरेटेड ग्राउंड यूनिट है. इसे समुद्री अभियानों, तटीय रक्षा और एक्सपीडिशनरी ऑपरेशनों के लिए तैयार किया गया है. इसका मकसद दूरदराज और चुनौतीपूर्ण इलाकों में बिना सैनिकों को सीधे खतरे में डाले मिशन को अंजाम देना है.
Kodiak Driver क्या है?
Kodiak Driver एक ड्यूल-यूज AI आधारित सिस्टम है. जो बिना मैप वाले और कठिन भूभाग में भी काम कर सकता है. इस तकनीक का पहले रक्षा क्षेत्रों में परीक्षण किया जा चुका है. Kodiak AI के संस्थापक डॉन बर्नेट ने कहा कि यह तकनीक मरीन सैनिकों को जोखिम से दूर रखते है. मिशन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद करेगी. कंपनी ने पहले भी अमेरिकी सेना के साथ काम किया है. 2022 में United States Army ने Robotic Combat Vehicle (RCV) कार्यक्रम के तहत Kodiak को लगभग 30 मिलियन डॉलर का तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया था. उस दौरान कंपनी ने पहाड़ी, रेगिस्तानी और बर्फीले इलाकों में टेस्ट किए थे.
इसका उपयोग कहां होगा?
ROGUE-Fires प्लेटफॉर्म का उपयोग इंडो-पैसिफिक जैसे क्षेत्रों में मोबाइल मिसाइल लॉन्च और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए किया जाना है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दूरस्थ या स्वायत्त तरीके से काम कर सके. ऐसे ऑटोनॉमस सिस्टम भविष्य के युद्धक्षेत्र में सैनिकों की सुरक्षा और मिशन की गति दोनों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे.
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सचेंद्र सिंह का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ‘संगम नगरी’ प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की है. पढ़ने और लिखने में इनकी ऐसी रूचि रही कि इन्होंने पत्रकारिता जगत से जुड़कर अपना करियर बनाने की ठान ली. फिलहाल सचेंद्र ज़ी मीडिया समूह से जुड़कर ‘ज़ी भारत : ZEE Bharat’ के डिजिटल प्लेटफॉर्म में अपना योगदान दे रहे हैं. …और पढ़ें
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