मां 2 बार PM, पिता राष्ट्रपति… तारिक रहमान के परिवार में कौन-कौन? जानिए बांग्लादेश के भावी प्रधानमंत्री का फैमिली ट्री – News24 Hindi

—विज्ञापन—
बांग्लादेश की राजनीति में जब भी बड़े राजनीतिक परिवारों की बात होती है, तो तारिक रहमान के परिवार का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है. तारिक रहमान ऐसे परिवार से आते हैं, जिसने बांग्लादेश की राजनीति को ना सिर्फ दिशा दी, बल्कि दशकों तक सत्ता और विपक्ष दोनों में अहम भूमिका निभाई. तारिक रहमान का परिवार बांग्लादेश की राजनीति में एक मजबूत विरासत का प्रतीक है. पिता राष्ट्रपति रहे, मां प्रधानमंत्री बनीं और खुद तारिक रहमान BNP के बड़े रणनीतिक नेता माने जाते हैं. इस परिवार का नाम आज भी चुनाव, सत्ता संघर्ष और राजनीतिक बहसों के केंद्र में रहता है.
ये भी पढ़ें: कौन हैं तारिक रहमान? राजनीति में डेब्यू करते ही बनेंगे बांग्लादेश के नए ‘कैप्टन’
तारिक रहमान के पिता जियाउर रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति थे. उन्हें बांग्लादेश की आजादी के बाद उभरे सबसे ताकतवर नेताओं में गिना जाता है. उन्होंने देश में बहुदलीय लोकतंत्र को मजबूत किया और आम जनता के बीच खास पहचान बनाई. जियाउर रहमान ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्थापना की थी, जो आज भी बांग्लादेश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक है. 1981 में उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद ये परिवार और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया.
जियाउर रहमान की मौत के बाद राजनीति की कमान उनकी पत्नी खालिदा जिया ने संभाली. खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं और दो बार देश की प्रधानमंत्री रहीं. उन्होंने लंबे समय तक BNP का नेतृत्व किया और शेख हसीना के साथ उनकी राजनीतिक खींचतान बांग्लादेश की राजनीति की सबसे बड़ी कहानी बन गई. आज भी खालिदा जिया का नाम देश की राजनीति में बेहद सम्मान और विवाद, दोनों से जुड़ा हुआ है.
तारिक रहमान के छोटे भाई आराफात रहमान कोको राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं थे. वो खेल और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे और बांग्लादेश फुटबॉल से भी उनका नाम जुड़ा हुआ है. 2015 में मलेशिया में उनका निधन हो गया था, जिससे पूरे परिवार को गहरा सदमा लगा.
तारिक रहमान की पत्नी जुबैदा रहमान पेशे से डॉक्टर हैं. वो आमतौर पर राजनीति से दूरी बनाकर रखती हैं और सार्वजनिक मंचों पर कम नजर आती हैं. उनका संबंध भी एक सम्मानित परिवार से माना जाता है, लेकिन उन्होंने हमेशा निजी और पेशेवर जीवन को तवज्जो दी है.
तारिक रहमान की बेटी जैमा रहमान पढ़ी-लिखी और आधुनिक सोच वाली हैं. उन्होंने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त की है और रिसर्च-अकादमिक क्षेत्र से जुड़ी रही हैं. वो फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन युवा वर्ग में उनकी चर्चा होती रहती है. तारिक रहमान का परिवार सिर्फ एक राजनीतिक परिवार नहीं, बल्कि बांग्लादेश के आधुनिक राजनीतिक इतिहास का अहम हिस्सा है. यही वजह है कि ये परिवार दशकों बाद भी देश की राजनीति को प्रभावित करता नजर आता है.

ये भी पढ़ें: Bangladesh Election 2026: सियासत के ‘धुरंधर’ बने तारिक रहमान, 17 साल बाद देश लौटकर खेली पहली चुनावी पारी और जीती दोनों सीटें
बांग्लादेश की राजनीति में जब भी बड़े राजनीतिक परिवारों की बात होती है, तो तारिक रहमान के परिवार का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है. तारिक रहमान ऐसे परिवार से आते हैं, जिसने बांग्लादेश की राजनीति को ना सिर्फ दिशा दी, बल्कि दशकों तक सत्ता और विपक्ष दोनों में अहम भूमिका निभाई. तारिक रहमान का परिवार बांग्लादेश की राजनीति में एक मजबूत विरासत का प्रतीक है. पिता राष्ट्रपति रहे, मां प्रधानमंत्री बनीं और खुद तारिक रहमान BNP के बड़े रणनीतिक नेता माने जाते हैं. इस परिवार का नाम आज भी चुनाव, सत्ता संघर्ष और राजनीतिक बहसों के केंद्र में रहता है.
ये भी पढ़ें: कौन हैं तारिक रहमान? राजनीति में डेब्यू करते ही बनेंगे बांग्लादेश के नए ‘कैप्टन’
तारिक रहमान के पिता जियाउर रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति थे. उन्हें बांग्लादेश की आजादी के बाद उभरे सबसे ताकतवर नेताओं में गिना जाता है. उन्होंने देश में बहुदलीय लोकतंत्र को मजबूत किया और आम जनता के बीच खास पहचान बनाई. जियाउर रहमान ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्थापना की थी, जो आज भी बांग्लादेश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक है. 1981 में उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद ये परिवार और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया.
जियाउर रहमान की मौत के बाद राजनीति की कमान उनकी पत्नी खालिदा जिया ने संभाली. खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं और दो बार देश की प्रधानमंत्री रहीं. उन्होंने लंबे समय तक BNP का नेतृत्व किया और शेख हसीना के साथ उनकी राजनीतिक खींचतान बांग्लादेश की राजनीति की सबसे बड़ी कहानी बन गई. आज भी खालिदा जिया का नाम देश की राजनीति में बेहद सम्मान और विवाद, दोनों से जुड़ा हुआ है.
तारिक रहमान के छोटे भाई आराफात रहमान कोको राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं थे. वो खेल और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे और बांग्लादेश फुटबॉल से भी उनका नाम जुड़ा हुआ है. 2015 में मलेशिया में उनका निधन हो गया था, जिससे पूरे परिवार को गहरा सदमा लगा.
तारिक रहमान की पत्नी जुबैदा रहमान पेशे से डॉक्टर हैं. वो आमतौर पर राजनीति से दूरी बनाकर रखती हैं और सार्वजनिक मंचों पर कम नजर आती हैं. उनका संबंध भी एक सम्मानित परिवार से माना जाता है, लेकिन उन्होंने हमेशा निजी और पेशेवर जीवन को तवज्जो दी है.
तारिक रहमान की बेटी जैमा रहमान पढ़ी-लिखी और आधुनिक सोच वाली हैं. उन्होंने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त की है और रिसर्च-अकादमिक क्षेत्र से जुड़ी रही हैं. वो फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन युवा वर्ग में उनकी चर्चा होती रहती है. तारिक रहमान का परिवार सिर्फ एक राजनीतिक परिवार नहीं, बल्कि बांग्लादेश के आधुनिक राजनीतिक इतिहास का अहम हिस्सा है. यही वजह है कि ये परिवार दशकों बाद भी देश की राजनीति को प्रभावित करता नजर आता है.

ये भी पढ़ें: Bangladesh Election 2026: सियासत के ‘धुरंधर’ बने तारिक रहमान, 17 साल बाद देश लौटकर खेली पहली चुनावी पारी और जीती दोनों सीटें
न्यूज 24 पर पढ़ें दुनिया, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
—विज्ञापन—
—विज्ञापन—
B.A.G Convergence Limited
Film City, Sector 16A, Noida, Uttar Pradesh 201301
Phone: 0120 – 4602424/6652424
Email: info@bagnetwork.in

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News