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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दहेज लोभियों को आईना दिखाने वाला एक सराहनीय मामला सामने आया है. यहां एक दूल्हे ने तिलक समारोह के दौरान मिली 3.50 लाख रुपये की दहेज राशि को हाथ जोड़कर वापस कर दिया. दूल्हे प्रवीण की इस पहल की हर तरफ तारीफ हो रही है और इसे दहेज प्रथा के खिलाफ बड़ी सीख माना जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, सम्भलहेड़ा गांव के रहने वाले प्रवीण की बारात रविवार को चरथावल थाना क्षेत्र के बुढ़्ढा खेड़ा गांव पहुंची थी. तिलक रस्म के दौरान लड़की पक्ष ने परंपरा के अनुसार दूल्हे को साढ़े तीन लाख रुपये की रकम भेंट की. लेकिन प्रवीण ने रकम लेते ही हाथ जोड़कर उसे वापस कर दिया. दूल्हे ने साफ कहा, दहेज प्रथा खत्म होनी चाहिए, तभी भ्रूण हत्या पर रोक लगेगी.
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उसकी इस बात से दूल्हा और दुल्हन दोनों पक्ष के लोग चौंक गए, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद सभी मेहमानों ने ताली बजाकर इस कदम का स्वागत किया. लोगों का कहना था कि दहेज को लेकर जागरूकता इसी तरह बढ़ेगी.
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महापंचायत के फैसले का असर दिख रहा
बताया जाता है कि मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक गांव सोरम में हुई सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए 11 बड़े फैसले लिए गए थे. इनमें दहेज प्रथा को खत्म करना भी शामिल था.
महापंचायत के बाद से जिले और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें दूल्हों ने दहेज में मिलने वाली भारी रकम लौटा दी है. इस वजह से समाज में एक सकारात्मक संदेश जा रहा है. लोगों का कहना है कि खाप चौधरियों द्वारा लिए गए फैसलों का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है. युवा पीढ़ी दहेज प्रथा के खिलाफ खुलकर आगे आ रही है.
लड़की पक्ष ने भी सराहा, कहा- गरीब परिवारों को राहत मिलेगी
दुल्हन पक्ष के संजय कुमार ने बताया कि वे बुढ़्ढा खेड़ा गांव के रहने वाले हैं और बारात उनके घर आई थी. उन्होंने तिलक में 3.50 लाख रुपये दिए थे, लेकिन दूल्हे ने पूरी राशि वापस लौटा दी.
संजय कुमार ने कहा, लड़का कह रहा था कि गरीब आदमी कैसे शादी करेगा जब इतनी दहेज प्रथा चल रही है. अगर दहेज नहीं होगा, तो लड़कियों की भ्रूण हत्या भी रुकेगी. उसने बहुत अच्छा काम किया है.
परिजनों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कदम समाज में बदलाव लाने में मदद करते हैं. लड़की पक्ष का कहना है कि अगर ऐसे ही युवा आगे आएंगे, तो दहेज जैसी सामाजिक बुराइयां जल्द कम हो जाएंगी. यह मामला पूरे मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में चर्चा का विषय बना हुआ है. दूल्हे प्रवीण की यह पहल न केवल दोनों परिवारों के लिए सम्मान की बात है, बल्कि समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी देती है.
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