मैट्रिक परीक्षा संपन्न, आज इंटर की अंतिम परीक्षा होगी , चुनाव के कारण टली हिंदी बी और मातृभाषा की परीक्षा आ… – Dainik Bhaskar

भास्कर न्यूज | चरही
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं चुरचू प्रखंड क्षेत्र में शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में लगभग संपन्न हो गई हैं। मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी को ही समाप्त हो चुकी है, जबकि इंटर की अंतिम परीक्षा-हिंदी बी व मातृभाषा आज आयोजित होगी। इस परीक्षा के साथ ही इंटर के परीक्षार्थी भी पूरी तरह राहत की सांस ले सकेंगे। दरअसल 23 फरवरी को प्रस्तावित हिंदी ‘बी’ व मातृभाषा की परीक्षा नगरपालिका चुनाव के कारण एक दिन आगे बढ़ा दी गई थी।
प्रशासनिक समन्वय और परीक्षा संचालन के बीच संतुलन बनाते हुए नई तिथि तय की गई, जिससे परीक्षार्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो। चुरचू प्रखंड में मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के लिए चरही में कुल तीन केंद्र बनाए गए थे। मैट्रिक के लिए परियोजना प्लस टू उच्च विद्यालय चरही, परियोजना बालिका उच्च विद्यालय चरही तथा मासी मारसाल स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा का केंद्र केवल मासी मारसाल स्कूल में निर्धारित किया गया, जहां आदर्श प्लस टू उच्च विद्यालय कारुखाप और प्लस टू उच्च विद्यालय चरही के विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इस वर्ष एक नई पहल के तहत चरही थाना क्षेत्र के पिंडरा, तापिन स्थित राजीव गांधी इंटर कॉलेज में पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया। यहां रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड क्षेत्र के कुछ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी परीक्षा में भाग लिया। सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षाएं संचालित की गईं। केंद्राधीक्षकों के अनुसार इस बार परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और कदाचार की कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई। आज होने वाली हिंदी बी व मातृभाषा की परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। वहीं इंटर की परीक्षा समाप्त होते ही 25 फरवरी से ग्यारहवीं की वार्षिक परीक्षा शुरू होगी, जिसकी तैयारियां भी केंद्रों पर अंतिम चरण में हैं। लगातार परीक्षाओं के सफल संचालन से न केवल विद्यार्थियों और अभिभावकों, बल्कि शिक्षकों और प्रशासन ने भी राहत महसूस की है।
भास्कर न्यूज | केरेडारी झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान स्वरूप पेंशन राशि 50-50 हजार रुपए देने की मांग सरकार से की है। झारखंड आंदोलनकारियों के बाल-बच्चों, आश्रितों के अधिकारों व अपने स्वाभिमान की रक्षा हो, इसके लिए 10 मार्च को झारखंड आंदोलनकारियों का अनिश्चितकालीन विधानसभा मार्च- प्रदर्शन आहूत किया गया है। इस कार्यक्रम में केरेडारी प्रखंड के अलावा जिले भर के सभी आंदोलनकारी अपनी-अपनी व्यवस्था से व परंपरागत अस्त्र शस्त्र व लाल हरा मिश्रित झंडा के साथ रांची पहुंचेंगे। केरेडारी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर यह जानकारी झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा केरेडारी के उपाध्यक्ष रामचंद्र महतो ने दी। उन्होंने कहा कि केरेडारी के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के चिन्हित आंदोलनकारियों को राजकीय मान सम्मान अभी तक नहीं मिलना दुर्भाग्य की बात है। इस बात को लेकर आंदोलनकारियों में आक्रोश है। चूंकि प्रत्येक दिन झारखंड आंदोलनकारी अभाव का जिंदगी जीते रहें हैं। दुख से, दर्द से, बीमारियों से, सामाजिक उत्पीड़न से मरते ही जा रहे हैं। राज्य बनने के पश्चात लगभग 3500 आंदोलनकारी मर चुके हैं। उनके आश्रित-पत्नी, बेटा- बेटी, पति वगैरह भटक रहे हैं। प्रताड़ित हो रहे हैं। सचिवालय में घुसने नहीं दिया जाता है। आयोग भी बंद है। आखिर सरकार बताए कि झारखंड आंदोलनकारी क्या करेंगे। झारखंड सरकार न्याय के साथ झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान दे तथा समाज में स्वाभिमान के साथ जीने का पूरा-पूरा अधिकार दें। कहा कि आज हम अपनी पहचान अस्तित्व व अस्मिता के सवाल को लेकर एक बार फिर से संघर्ष करने के लिए तत्पर होना पड़ा है।
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