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27 फरवरी को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फंसती नजर आ रही है. बढ़ते विरोध के बीच धनारी थाना पुलिस ने फिल्म के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और हीरो-हीरोइन सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. यादव समाज के कुछ लोगों ने मंगलवार को धनारी थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि फिल्म में यादव समाज की आस्था और संस्कृति को गलत तरीके से दिखाया गया है. उनका कहना है कि फिल्म में एक यादव लड़की और दूसरे समुदाय के लड़के की प्रेम कहानी को आपत्तिजनक ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जिससे समाज की छवि खराब होती है और सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है.
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
बुधवार को बहजोई कलेक्ट्रेट पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया और फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की. इस दौरान डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी को ज्ञापन सौंपा गया. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि फिल्म को जिले के सिनेमाघरों में नहीं चलने दिया जाएगा.
अरविंद यादव की तहरीर पर पुलिस ने फिल्म के प्रोड्यूसर संदीप तोमर, डायरेक्टर अंकित भड़ाना, हीरो विशाल मोहन और हीरोइन प्रगति तिवारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है. फिल्म रिलीज से पहले ही निर्माता-निर्देशक और कलाकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
क्या हैं यादव समाज के आरोप?
यादव समाज से जुड़े संगठनों का आरोप है कि यह फिल्म एक विशेष जाति की छवि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे सामाजिक भाईचारे पर असर पड़ सकता है. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स मालिकों को भी आगाह किया है कि यदि फिल्म दिखाई गई तो वे तीव्र विरोध करेंगे. विरोध का एक प्रमुख मुद्दा यह भी है कि फिल्म की निर्माण टीम और कलाकारों में कोई भी यादव समुदाय से नहीं है.
फिल्म से जुड़े लोग क्या कहते हैं?
फिल्म के निर्माता संदीप तोमर और निर्देशक अंकित भड़ाना हैं, जबकि मुख्य किरदार प्रगति तिवारी और विशाल मोहन ने निभाए हैं. प्रगति तिवारी ने कहा है कि फिल्म का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, लेकिन अब विवाद उनकी पहुंच से बाहर हो गया है. इस पूरे प्रकरण ने समाजवादी पार्टी को भी असमंजस में डाल दिया है.
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