ये हैं देश के 10 सबसे बड़े डिफॉल्टर, बैंकों के 40,635 करोड़ डकार गए, देखें लिस्ट – ABP News

देश के 10 बड़े डिफॉल्टरों के नाम सामने आए हैं. संसद से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक इन सभी पर 31 मार्च, 2025 तक कुल 40,635 करोड़ रुपये बकाया है. लोकसभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इन कंपनियों और व्यक्तियों ने जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाया है. इससे बैंकिंग सेक्टर की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है. आइए देखते हैं टॉप-10 डिफॉल्टरों की लिस्ट में किस-किस का नाम शामिल है. 
कौन है सबसे बड़ा डिफॉल्टर ?
डिफॉल्टर की लिस्ट में पहले नंबर पर ABG शिपयार्ड लिमिटेड है. कंपनी पर बैंकों का 6,695 करोड़ रुपये बकाया है. इसके बाद गीतांजलि जेम्स का नाम आता है, जिस पर 6236 करोड़ रुपये का कर्ज है.अन्य प्रमुख डिफॉल्टरों में बीटा नेफ्थॉल पर 5,268 करोड़ रुपये, राकेश कुमार कुलदीप सिंह वाधवान पर 4,291 करोड़ रुपये, भूषण पावर एंड स्टील के पूर्व निदेशक पर 3,810 करोड़ रुपये, रजा टेक्सटाइल्स  पर 3,260 करोड़ रुपये, गिल्ट पैक पर 3,080 करोड़ रुपये
रैंक इंडस्ट्रीज पर 2,655 करोड़ रुपये और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (HDIL) पर 2,540 करोड़ रुपये बकाया है.
RBI हुआ सख्त, हर महीने जारी होगी डिफॉल्टरों की लिस्ट
आंकड़े बताते हैं कि कॉरपोरेट डिफॉल्ट और जानबूझकर कर्ज न चुकाने की समस्या बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे हर महीने विलफुल डिफॉल्टरों की लिस्ट क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को भेजें, जिससे इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जा सके. ऐसा करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और डिफॉल्टरों पर दबाव बनेगा. बैंकों की रिकवरी प्रक्रिया में भी इससे तेजी आएगी.
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार और आरबीआई ने बैंकों को यह भी छूट दी है कि वह विलफुल डिफॉल्टरों के साथ कंपरोमाइज सेटलमेंट कर सकते हैं. हालांकि, यह किसी उधारकर्ता का अधिकार नहीं है, बल्कि बैंक अपने व्यावसायिक फैसले के आधार पर इसे लागू कर सकते हैं.वित्त मंत्री ने कहा कि कानूनी प्रक्रियाओं में देरी से बैंकों का पैसा लंबे समय तक फंसा रहता है, जिससे परिसंपत्तियों की वैल्यू घटती है और अंतिम रिकवरी प्रभावित होती है. इसलिए समझौता सेटलमेंट को स्ट्रेस्ड एसेट्स के समाधान का एक वैध तरीका माना गया है.
Source: IOCL
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