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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को मोहाली में महिला उद्यमियों को सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने महिलाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और फैसले लेने वाले शीर्ष पदों पर आसीन होने की अपील की.
मोहाली में आयोजित कार्यक्रम में महिला को सम्मानित करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ये बेहद जरूरी है कि लड़कियां आगे आएं और शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं. ये देश के लिए लाभदायक है, क्योंकि घर और परिवार को बेहतर तरीके से संभालने वाली महिलाएं देश की व्यवस्था को भी बेहतर ढंग से चला सकती हैं. राज्य सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही.
राजनीति में महिलाओं की भागीदारी जरूरी
उन्होंने महिलाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि लड़कियों को आगे आकर राजनीति में कदम रखना चाहिए, ताकि वो निर्णय लेने में सक्रिय भागीदार बन सकें और समाज में जरूरी बदलाव ला सकें. आज लड़कियां लगभग हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं, लेकिन राजनीति में अभी-भी पीछे हैं. इस क्षेत्र को लंबे वक्त से पुरुषों का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि महिलाएं यहां भी अपनी पहचान बनाएं. समानता पर आधारित समाज और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी है. महिलाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वो और उनके परिवार अपने वोट का इस्तेमाल पूरी समझदारी और जिम्मेदारी से करें, ताकि विधानसभा और संसद के लिए योग्य नेताओं का चयन हो सके.
प्रशासन में बढ़ता महिला का दबदबा
पंजाब के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने पिछली किसी भी सरकार की तुलना में सबसे अधिक महिला डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी नियुक्त किए हैं.
उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की अर्थव्यवस्था में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान है, जिसे पंजाब की महिलाओं को भी अपनाना चाहिए. मान ने कहा कि माता गुजरी जी और माई भागो जैसी महान हस्तियों से प्रेरणा लेकर पंजाबी महिलाओं को हर क्षेत्र की ऊंचाइयों को छूना चाहिए.
‘मांवां-धियां सत्कार’ योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मांवां-धियां सत्कार’ योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे, जिसका पंजीकरण 13 अप्रैल से शुरू होगा. इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. साथ ही, ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत 40 लाख परिवारों को राशन किट दी जाएगी, जिसमें दाल, चीनी, तेल और नमक शामिल होगा. ये कदम महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करेगा.
शिक्षा और मुफ्त सुविधाओं का महत्व
भगवंत मान ने शिक्षा को गरीबी के चक्र को तोड़ने का एकमात्र तरीका बताया. उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं और बस यात्रा जैसी सुविधाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं. पंजाब में 5.89 लाख ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है और उन्हें 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ है, लेकिन महिलाओं को भी नए कौशल सीखकर समय के साथ अपडेट रहना होगा.
साथ ही समारोह में उपस्थित ‘AAP’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पहले ऐसे कार्यक्रम केवल अमीर परिवारों की महिलाओं तक सीमित थे. पहली बार सामान्य परिवारों की महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है. ये पहल महिलाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से उनके जीवन में बदलाव लाने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगी.
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