जयपुर, उदयपुर और भीलवाड़ा को छोड़कर प्रदेशभर में ऑल इंडिया परमिट वाली स्लीपर बसों का संचालन बंद हो गया। करीब 7 हजार बसों के ब्रेक लगने से यात्री परेशान हैं। जयपुर में 1 नवंबर से बुकिंग ऑफिस बंद हो जाएंगे। उदयपुर में निजी बस संचालकों ने किराए में 30 फीस
जोधपुर, कोटा सहित अन्य जिलों में स्लीपर बसें खड़ी हो गई। ट्रेवल्स एजेंसियों ने बसों की ऑनलाइन बुकिंग भी बंद कर दी, जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग ट्रेन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई।
दरअसल, पिछले दिनों स्लीपर बसों में हादसे के बाद परिवहन विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई चल रही है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कई बसों के चालान काटे। बसों को सीज भी किया गया है। इससे ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ऑनर एसोसिएशन में गुस्सा है। एसोसिएशन का दावा है कि राजस्थान में रोजाना 3 लाख लोग स्लीपर बसों में सफर करते हैं।
स्लीपर बसों का संचालन बंद होने से पड़े असर की PHOTOS…
कार्रवाई के विरोध में संचालन बंद ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ऑनर एसोसिएशन ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए ये फैसला लिया है। ऑपरेटर्स का कहना है-
परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई को नहीं रोका गया तो स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट वाली बसें भी हड़ताल में शामिल हो जाएंगी।
ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा- परिवहन विभाग “एकतरफा कार्रवाई” कर रहा है। यात्रियों को बीच रास्ते में उतारकर बसें बंद की जा रही हैं। चालान गलत तरीके से बनाए जा रहे हैं।
27 अक्टूबर को बस ऑपरेटर्स ने परिवहन अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
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