रेलवे में हिंदी अनुवादकों के आए 'अच्छे दिन': मानदेय में हुई 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अब मिलेंगे इतने पैसे – Jagran

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रेलवे बोर्ड ने हिंदी अनुवाद के मानदेय में 100% की बढ़ोतरी की है। अब प्रति मानक पृष्ठ (300 शब्द) के लिए 150 रुपये की जगह 300 रुपये मिलेंगे। …और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर
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जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रेलवे बोर्ड ने हिंदी अनुवाद के लिए दिए जाने वाले मानदेय की दरों में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। अब तक प्रति मानक पृष्ठ (300 शब्द) के लिए मिलने वाले 150 रुपये को बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है।
बोर्ड का यह फैसला न केवल हिंदी प्रेमियों, बल्कि भाषा के क्षेत्र में करियर देख रहे युवाओं के लिए ‘अच्छे दिन’ लेकर आया है। इसके लिए रेलवे बोर्ड की निदेशक राजभाषा वी सुगुणा ने उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह समेत सभी जोन को पत्र जारी कर दिया है। तत्काल प्रभाव से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। मानदेय बढ़ने से अब रेलवे के मैनुअल्स, सुरक्षा नियम और यात्री सुविधाओं से जुड़ी किताबों का हिंदी अनुवाद तेजी से होगा।
यह निर्णय उन हजारों युवाओं और विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी राहत है, जो स्वतंत्र अनुवादक के रूप में काम करते हैं। अब लंबित पड़े तकनीकी साहित्य के अनुवाद में अब तेजी आएगी। संशोधित दरों में अनुवाद के साथ-साथ उसकी जांच और टाइपिंग को भी शामिल किया गया है, जिससे गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
रेलवे में राजभाषा के कार्यान्वयन के लिए लगभग 5,000 से अधिक कर्मियों (स्थायी और सूचीबद्ध विशेषज्ञों को मिलाकर) का एक बड़ा ढांचा पूरे देश में फैला हुआ है। प्रत्येक मंडल में इसके लिए रेलवे पैनल जारी करता है।
जिसमें स्नातक व परास्नातक में हिंदी और अंग्रेजी विषय होने अनिवार्य हैं, साथ ही अनुवाद में डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता दी जाती है। जब प्रोजेक्ट (अनुवाद का कार्य) आता है, तो विभाग अपने पास मौजूद लिस्ट में से विशेषज्ञों को बुलाता है। अब इनकी संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है।
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