'लिटिल इंडिया' कहलाता है ईरानी हमले का शिकार इजरायली शहर डिमोना, बाजार में उपलब्ध हैं चाट व जलेबी से लेकर भेलपूड़ी तक – israeli city dimona iranian attack little india market offers everything from chaat and jalebi to bhel – Jagran

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नतान्ज पर हमले के बाद ईरान ने इजरायल के डिमोना शहर पर मिसाइलें दागीं, जिससे 33 लोग घायल हुए। इजरायली सेना मिसाइलों को रोक नहीं पाई। डिमोना को 'लिटिल इ …और पढ़ें
लिटिल इंडिया कहलाता है ईरानी हमले का शिकार इजरायली शहर डिमोना (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नतान्ज परमाणु संवर्धन केंद्र पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने शनिवार को दक्षिण इजरायल के शहर डिमोना को मिसाइलों से निशाना बनाया। इजरायली सेना ने कहा कि वह इन मिसाइलों को इंटरसेप्ट नहीं कर पाई। इन हमलों में 33 लोग घायल हो गए और शहर का बड़ा हिस्सा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
इजरायल के परमाणु हथियारों के मुख्य ठिकानों में से एक से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित डिमोना एक ऐसा शहर है जहां काफी संख्या में भारतीय मूल की आबादी रहती है, इसलिए इसे ‘लिटिल इंडिया’ का खिताब हासिल है।
डिमोना में भारतीय-यहूदी समुदाय के लगभग 7500 लोग रहते हैं जो शहर की कुल आबादी का लगभग 30 प्रतिशत है। यहां लोगों को फर्राटेदार मराठी और थोड़ी-बहुत हिंदी बोलते हुए सुना जा सकता है। क्रिकेट के प्रति दीवानगी वाले प्रशंसक भी हैं।
यहां दुकानों पर जलेबी, चाट, सोनपापड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट और भेलपूरी जैसे स्थानीय भारतीय नाश्ते भी मिलते हैं।तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत से इजरायल में इमीग्रेशन मुख्य रूप से पिछली सदी के पांचवें और छठे दशक में हुआ था।
इनमें से अधिकांश लोग महाराष्ट्र (बेने इजरायली) से थे, जबकि केरल (कोचिनी यहूदी) और कोलकाता (बगदादी यहूदी) से आने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। हाल के वर्षों में मिजोरम और मणिपुर (बनेई मेनाशे) के कुछ भारतीय यहूदी भी इजरायल में आकर बस रहे हैं।
ये लोग मुख्य रूप से हीरे के व्यापारी, आइटी पेशेवर और बुजुर्गों की देखभाल करने वालों (केयरगिवर) के रूप में काम करते हैं।यह समुदाय न केवल खान-पान के जरिये, बल्कि परंपराओं, त्योहारों व संस्कृति के जरिये भी आपस में घुलता-मिलता है।
एक कोचिनी यहूदी ओणम मनाता है, तो वहीं बेने इजरायली और बगदादी यहूदी दीपावली साथ मनाते हैं। वे चाय के साथ रस्क का आनंद लेते हैं और ये इजरायल के सुपरमार्केट में आसानी से मिल जाते हैं। नवंबर, 2025 में आयोजित एक माह के ‘इंडियन फिल्म फेस्ट’ के दौरान सिनेमाघर खचाखच भरे रहे; वहीं कुछ महीने पहले आयोजित पहला ‘इंडियन म्यूजिक फेस्टिवल’ भी पूरी तरह हाउसफुल रहा था।
भारतीय मूल की आबादी हाइफा, तेल अवीव, अराद, नेतन्या और अफुला जैसे शहरों में भी रहती है। गौरतलब है कि डिमोना के शिमोन पेरेस नेगेव परमाणु केंद्र को इजरायल एक अनुसंधान केंद्र बताता है। जबकि एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार यह एक प्लूटोनियम संयंत्र है।
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