लुहांस्क छात्रावास हमले में 18 की मौत, रूस ने यूक्रेन पर लगाया आरोप – AajTak

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पूर्वी यूक्रेन के रूस नियंत्रित लुहांस्क क्षेत्र में एक हॉस्टल पर हुए ड्रोन हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है. रूसी अधिकारियों के मुताबिक मृतकों में बड़ी संख्या युवा महिलाओं की है. इस घटना को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तीखी बहस भी हुई. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सेना को यूक्रेन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के विकल्प तैयार करने का आदेश दिया.
मॉस्को ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने जानबूझकर स्टारोबिल्स्क शहर में स्थित टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के हॉस्टल को ड्रोन से निशाना बनाया. वहीं, यूक्रेन की सेना ने हमले में नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है. यूक्रेन का कहना है कि उसने इलाके में मौजूद एक स्पेशल ड्रोन कमांड यूनिट को निशाना बनाया था और उसकी सेना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करती है. दूसरी ओर पुतिन ने दावा किया कि उस क्षेत्र में कोई मिलिट्री फैसिलिटी मौजूद नहीं थी.
ड्रोन हमले में हॉस्टल का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है. एक क्षतिग्रस्त क्लासरूम में डेस्कों पर ईंटें और धूल बिखरी हुई थीं, जबकि दीवार पर ‘I Love English’ लिखा दिखाई दिया. कई हिस्सों में सीढ़ियां मलबे से बंद थीं. रूस की सरकारी समाचार एजेंसी RIA ने आपातकालीन मंत्रालय के हवाले से बताया कि अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं.
हॉस्टल पर ड्रोन हमले में 41 लोग घायल हुए हैं
लुहांस्क में रूस समर्थित प्रशासन के प्रमुख लियोनिड पासेचनिक ने 21 पीड़ितों की प्रारंभिक सूची जारी की. इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं और सबसे कम उम्र की पीड़िता हाल ही में 18 साल की हुई थी. उन्होंने 41 घायलों की सूची भी जारी की, जिनमें सबसे कम उम्र का घायल 15 साल का है. स्थानीय निवासियों के मुताबिक पहले रॉकेट हमले में एक पुराने सैन्य अड्डे को निशाना बनाया गया और बाद में ड्रोन हॉस्टल से टकराए, जिससे बिल्डिंग में आग लग गई.
रूस की मांग पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई थी. बैठक में रूस ने यूक्रेन पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया, जबकि यूक्रेन ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि घटना की स्वतंत्र जांच नहीं हुई है. कई देशों ने घटनास्थल तक अंतरराष्ट्रीय पहुंच देने की मांग की. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने नागरिक ठिकानों पर सभी प्रकार के हमलों की निंदा करते हुए इस सप्ताह यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र के गोदाम पर रूसी मिसाइल हमले का भी जिक्र किया, जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी और करीब 10 लाख डॉलर की राहत सामग्री नष्ट हो गई थी.
रूसी तेल प्रतिष्ठानों पर यूक्रेन ने तेज किए हमले 
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मोर्चे से दूर हवाई हमलों में हजारों यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं. यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी हिस्से का लगभग पांचवां हिस्सा अभी रूस के नियंत्रण में है. रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और बुनियादी सुविधाओं को निशाना बना रहा है, जबकि यूक्रेन ने इस साल रूस के भीतर तेल प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए हैं. दोनों पक्ष नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं. रूस के काला सागर स्थित नोवोरोसिस्क बंदरगाह के एक तेल टर्मिनल में शनिवार तड़के ड्रोन के मलबे से आग लग गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए.
यूक्रेन की सेना ने दावा किया कि उसने नोवोरोसिस्क के शेस्खारिस ब्लैक सी ऑयल टर्मिनल और पास के ग्रुशोवा ऑयल डिपो पर हमला किया. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि सेना ने रूस के पर्म क्षेत्र में एक बड़े केमिकल फैक्टी को भी निशाना बनाया. पर्म क्षेत्र के गवर्नर दिमित्री मखोनिन ने कहा कि एक इंडस्ट्रियल फैसिलिटी को यूक्रेनी ड्रोन ने निशाना बनाया था, लेकिन उन्हें मार गिराया गया और कोई नुकसान नहीं हुआ.
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