'संबंधों पर पड़ेगा असर', चीन ने अक्साई चिन में बनाई नई काउंटी, भारत भड़का – Jagran

कृपया धैर्य रखें।
भारत ने अक्साई चिन में चीन द्वारा नई 'सेनलिंग काउंटी' स्थापित करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने इसे अपना संप्रभु क्षेत्र बताते हुए कहा कि ऐसे कदम द …और पढ़ें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। (फाइल फोटो)
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन द्वारा अक्साई चिन में नई एडमिनिस्ट्रेटिव काउंटी (जिला) स्थापित किए जाने पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत का कहना है कि यह क्षेत्र उसका संप्रभु इलाका है और ऐसी कोशिशों से द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों में बाधा आ सकती है। पूर्व में दो अन्य काउंटियों के गठन पर भी भारत ने अपना विरोध दर्ज कराया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारतीय क्षेत्र के स्थानों को मनगढ़ंत नाम देने के चीनी पक्ष के किसी भी शरारतपूर्ण प्रयास को भारत स्पष्ट रूप से खारिज करता है। झूठे दावे करने और मनगढ़ंत नैरेटिव गढ़ने के चीन के ऐसे प्रयास इस अटल सच्चाई को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश समेत ये स्थान और क्षेत्र, भारत का एक अभिन्न व अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
उन्होंने कहा कि चीन के ये कदम भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और सामान्य बनाने के चल रहे प्रयासों को कमजोर करते हैं। चीन को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए, जो संबंधों में नकारात्मकता लाते हैं और बेहतर समझ बनाने के प्रयासों को कमजोर करते हैं।
मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए जायसवाल ने हालांकि उन क्षेत्रों के नाम साफ तौर पर नहीं बताए, लेकिन पता चला है कि उनकी यह टिप्पणी चीन द्वारा नई काउंटी के गठन की प्रतिक्रिया में थी।
चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र ने 26 मार्च को सेनलिंग काउंटी के गठन की घोषणा की। यह एक रणनीतिक क्षेत्र है जो गुलाम जम्मू-कश्मीर और अफगानिस्तान के पास स्थित है। यह भारत के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पश्चिमी सेक्टर के भी करीब है।
काराकोरम पर्वत श्रृंखला के पास स्थित सेनलिंग, शिनजियांग में चीन द्वारा गठित तीसरी नई काउंटी है। शिनजियांग में मुख्य रूप से उइगर मुस्लिम रहते हैं। पिछले वर्ष भारत ने हीन और हेकांग काउंटी के गठन पर भी चीन के समक्ष विरोध दर्ज कराया था।
भारत का कहना था कि इन काउंटी का कुछ इलाका उसके केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की सीमा के भीतर आता है। हीन काउंटी में अक्साई चिन पठार का बड़ा हिस्सा शामिल है। यह लद्दाख का वह हिस्सा है जिस पर चीन ने 1962 के युद्ध में कब्जा कर लिया था और जो भारत-चीन सीमा विवाद का एक प्रमुख मुद्दा है।
भारत इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों के नाम बदलने को लेकर भी चीन के समक्ष आपत्ति जता चुका है। ऐसी आपत्तियां पिछले वर्ष मई और अप्रैल, 2024 में भी दर्ज कराई गई थीं।
यह भी पढ़ें: ‘मनगढ़ंत कहानियों से नहीं बदलेगी हकीकत’; भारत ने अरुणाचल पर चीन के दावों को किया खारिज

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News